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कर्मचारियों के समर्थन में उतरा छात्रसंघ
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मंगलवार को भी विश्वविद्यालय नहीं खुल सका। विभागों में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने केंद्रीय कार्यालय के बाहर धरना दिया। वहीं, हड़ताल के पांचवें दिन छात्रसंघ पदाधिकारी भी कर्मचारियों के समर्थन में उतर आए। कुलपति को भेजे पत्र में कर्मचारियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में तैनात मनोज शंकर शर्मा को वित्त अधिकारी से दुर्व्यवहार के आरोप में नोटिस जारी किए जाने के विरोध में शुक्रवार से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत में कर्मचारियों ने नोटिस वापस लेने की मांग की, लेकिन कोई फैसला न होने पर हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। मंगलवार को छात्रसंघ उपाध्यक्ष शशिकांत पांडेय, पुस्तकालय मंत्री राधारमण पांडेय ने कुलपति को लिखे पत्र में कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई की मांग की है। इसकी कॉपी कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और सांसद वाराणसी को भी भेजी गई है। इसमें सेमेस्टर परीक्षा स्थगित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
उधर, कुल सचिव राजबहादुर ने कर्मचारी संघ अध्यक्ष, महामंत्री को दिए पत्र में संबंधित कर्मचारी को चेतावनी देने का जिक्र किया है, इसमें यह भी लिखा है कि चेतावनी दंड की श्रेणी में नहीं आती है। कुल सचिव ने विश्वविद्यालय हित में हड़ताल खत्म करने की अपील की है। इस बारे में कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि कुल सचिव के पत्र को बुधवार को आमसभा में रखा जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में तैनात मनोज शंकर शर्मा को वित्त अधिकारी से दुर्व्यवहार के आरोप में नोटिस जारी किए जाने के विरोध में शुक्रवार से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत में कर्मचारियों ने नोटिस वापस लेने की मांग की, लेकिन कोई फैसला न होने पर हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। मंगलवार को छात्रसंघ उपाध्यक्ष शशिकांत पांडेय, पुस्तकालय मंत्री राधारमण पांडेय ने कुलपति को लिखे पत्र में कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई की मांग की है। इसकी कॉपी कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और सांसद वाराणसी को भी भेजी गई है। इसमें सेमेस्टर परीक्षा स्थगित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
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उधर, कुल सचिव राजबहादुर ने कर्मचारी संघ अध्यक्ष, महामंत्री को दिए पत्र में संबंधित कर्मचारी को चेतावनी देने का जिक्र किया है, इसमें यह भी लिखा है कि चेतावनी दंड की श्रेणी में नहीं आती है। कुल सचिव ने विश्वविद्यालय हित में हड़ताल खत्म करने की अपील की है। इस बारे में कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि कुल सचिव के पत्र को बुधवार को आमसभा में रखा जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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