{"_id":"5a36dca44f1c1b8d698c2334","slug":"11513544868-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग बेटी ने अपने नाम कर लिया गोल्ड मेडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांग बेटी ने अपने नाम कर लिया गोल्ड मेडल
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। दिव्यांग ब्यूटी गुप्ता ने फिर बता दिया कि हौसले बड़े होने चाहिए। तीसरी नेशनल कराटे चैंपियनशिप के कैडेट वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्यूटी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। रविवार को समापन समारोह के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने ब्यूटी गुप्ता को विशेषतौर पर सम्मानित किया। ब्यूटी को गोल्ड मेडल पहनाने के साथ ही मंत्री ने उसे अपने गले से लगा लिया। राजातालाब की रहने वाली ब्यूटी गुप्ता जन्म से ही मूक बधिर है। आयोजन सचिव किसलय पटेल ने बताया कि ब्यूटी बहुत मेहनती करातेकाओ है।
बाद में मंत्री ने ब्यूटी के परिवार और बीमारी के बारे में प्रशिक्षकों से जानकारी मांगी। उन्होंने प्रशिक्षकों से पूछा कि ब्यूटी के माता-पिता क्या करते हैं और उन्होंने इसके इलाज के लिए क्या किया? प्रशिक्षकों ने बताया कि उसके पिता राजेश गुप्ता ने इलाज के लिए प्रयास किया लेकिन पैसे की तंगी के कारण इलाज नहीं करा सके। इस पर मंत्री ने प्रशिक्षकों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि आप लोग मुझसे कार्यालय में संपर्क करें और बच्ची के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। संकेत दिए कि वे ब्यूटी के इलाज के लिए मदद कराएंगी।
ब्यूटी के पिता राजेश राजातालाब में दुकान चलाते हैं और मा रीता गुप्ता गृहिणी हैं। राजेश ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होेने के कारण वह ब्यूटी का इलाज नहीं करा सके। पांच साल पहले वह दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में ब्यूटी का इलाज कराने के लिए ले गए थे लेकिन 10 लाख रुपये का खर्च होने के कारण इलाज नहीं करा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाद में मंत्री ने ब्यूटी के परिवार और बीमारी के बारे में प्रशिक्षकों से जानकारी मांगी। उन्होंने प्रशिक्षकों से पूछा कि ब्यूटी के माता-पिता क्या करते हैं और उन्होंने इसके इलाज के लिए क्या किया? प्रशिक्षकों ने बताया कि उसके पिता राजेश गुप्ता ने इलाज के लिए प्रयास किया लेकिन पैसे की तंगी के कारण इलाज नहीं करा सके। इस पर मंत्री ने प्रशिक्षकों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि आप लोग मुझसे कार्यालय में संपर्क करें और बच्ची के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। संकेत दिए कि वे ब्यूटी के इलाज के लिए मदद कराएंगी।
विज्ञापन
ब्यूटी के पिता राजेश राजातालाब में दुकान चलाते हैं और मा रीता गुप्ता गृहिणी हैं। राजेश ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होेने के कारण वह ब्यूटी का इलाज नहीं करा सके। पांच साल पहले वह दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में ब्यूटी का इलाज कराने के लिए ले गए थे लेकिन 10 लाख रुपये का खर्च होने के कारण इलाज नहीं करा सके।
विज्ञापन