{"_id":"59d93a044f1c1b8e698b493c","slug":"111507408388-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी-जीएसटी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी-जीएसटी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा
Updated Sun, 08 Oct 2017 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने का भारतीय अर्थव्यवस्था पर फिलहाल विपरीत असर पड़ा है। हालांकि वैश्विक परिदृश्य में यह सकारात्मक पहल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि तात्कालिक रूप में इससे आम लोगों को समस्या हो रही है लेकिन आने वाले दिनों में इन फैसलों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए कार्निक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से रोजगार में भी कमी आई है। यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में जो समस्याएं हैं, उसकी वजह सिस्टम में खामियां भी हैं। सत्यम कंप्यूटर घोटाले की चर्चा करते हुए कार्निक ने कहा कि इस प्रकरण में सरकार के हस्तक्षेप की सबसे बड़ी वजह उसमें कार्य करने वाले 50 हजार लोगों के भविष्य की चिंता थी। उन्हें रोजगार देना बहुत जरूरी था, इसीलिए घोटाले को देखते हुए निदेशक मंडल की बैठक कर कई नए नियम बनाए और जिम्मेदारियां तय की गईं।
विज्ञापन
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए कार्निक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से रोजगार में भी कमी आई है। यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में जो समस्याएं हैं, उसकी वजह सिस्टम में खामियां भी हैं। सत्यम कंप्यूटर घोटाले की चर्चा करते हुए कार्निक ने कहा कि इस प्रकरण में सरकार के हस्तक्षेप की सबसे बड़ी वजह उसमें कार्य करने वाले 50 हजार लोगों के भविष्य की चिंता थी। उन्हें रोजगार देना बहुत जरूरी था, इसीलिए घोटाले को देखते हुए निदेशक मंडल की बैठक कर कई नए नियम बनाए और जिम्मेदारियां तय की गईं।
विज्ञापन