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भावी कृषि वैज्ञानिकों ने दिखाया कला का कौशल
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वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव सृष्टि के पहले दिन भावी कृषि वैज्ञानिकों ने कला का कौशल दिखाया। पहले दिन क्ले मॉडलिंग रंगोली, कोलाज, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। चार दिवसीय समारोह में सृष्टि टीम की ओर से तैयार की गई ग्रामीण परिवेश को दर्शाती झोपड़ी, किसान का हल आकर्षण का केंद्र रहे।
कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी सभागार और उसके आसपास छात्र-छात्राओं ने रंग बिरंगे कागजों, झालरों आदि से इस तरह सजाया कि जो भी उधर से गुजरता एक बार रुक कर जरूर देखता। पहले दिन कोलाज प्रतियोगिता के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण आदि की डिजाइन बनाकर लोगों को जागरूक किया। उधर, रंगोली में माखन चोरी करते कृष्ण, मकर संक्रांति पर पतंगबाजी, राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक चिन्ह सहित कई आकर्षक डिजाइन के माध्यम से जीत की दावेदारी रखी। इसके अलावा क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में मिट्टी के प्रयोग से विभिन्न आकृतियों को बनाई। इससे पहले चार दिवसीय उत्सव का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. रमेश चंद्र, छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह, एएसपी अनिल पांडेय ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ पाठयेत्तर क्रियाकलापों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते रहने का आह्वान किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के छात्र सलाहकार डॉ. कल्याण घड़ेई ने सृष्टि के आयोजन के बारे में विस्तार से बताया। आयोजन समिति प्रमुख सौरभ चौहान ने बताया कि संस्थान की ओर से इसे एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान नोयल थॉमस, अंशिका भाटला, अंकित वर्मा, वेदांत पाटिल, पवन पटेल आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी सभागार और उसके आसपास छात्र-छात्राओं ने रंग बिरंगे कागजों, झालरों आदि से इस तरह सजाया कि जो भी उधर से गुजरता एक बार रुक कर जरूर देखता। पहले दिन कोलाज प्रतियोगिता के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण आदि की डिजाइन बनाकर लोगों को जागरूक किया। उधर, रंगोली में माखन चोरी करते कृष्ण, मकर संक्रांति पर पतंगबाजी, राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक चिन्ह सहित कई आकर्षक डिजाइन के माध्यम से जीत की दावेदारी रखी। इसके अलावा क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में मिट्टी के प्रयोग से विभिन्न आकृतियों को बनाई। इससे पहले चार दिवसीय उत्सव का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. रमेश चंद्र, छात्र अधिष्ठाता प्रो.एमके सिंह, एएसपी अनिल पांडेय ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ पाठयेत्तर क्रियाकलापों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते रहने का आह्वान किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के छात्र सलाहकार डॉ. कल्याण घड़ेई ने सृष्टि के आयोजन के बारे में विस्तार से बताया। आयोजन समिति प्रमुख सौरभ चौहान ने बताया कि संस्थान की ओर से इसे एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान नोयल थॉमस, अंशिका भाटला, अंकित वर्मा, वेदांत पाटिल, पवन पटेल आदि मौजूद रहे।
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