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प्रोफेसर ने उठाया वीसी के फैसले पर सवाल
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में सर सुंदर लाल अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय को आईएमएस में एम्स जैसी सुविधा मिलने के लिए रोड मैप तैयार करने के लिए गठित कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को जहां छात्रों ने इसकी शिकायत कुलपति, आईएमएस डायरेक्टर से की थी वहीं गुरुवार को एक प्रोफेसर ने कुलपति को ईमेल भेजकर इस फैसले पर सवाल खड़ा किया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उपाध्याय का कार्यकाल दो जुलाई को पूरा हो गया और तीन जुलाई को कुलपति ने इसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी आईएमएस निदेशक को सौंप दी। हालांकि चिकित्सा अधीक्षक का पद गैर शैक्षणिक होता है और इसके लिए 62 साल की आयु के बाद कोई प्रशासनिक पद न मिलने के स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए ही डॉ. उपाध्याय की जिम्मेदारी निदेशक को दी गई है। अगले ही दिन कुलपति ने उन्हें एम्स के लिए रोड मैप तैयार करने वाली कमेटी का चेयरमैन बना दिया और इसमें छह शिक्षकों को सदस्य बनाया गया है। अब कुलपति के इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. ओमशंकर ने इसे वापस लिए जाने की मांग की है। उन्होंने अपने मेल में डॉ. उपाध्याय में पूर्व में हुई कार्रवाई का हवाला भी दिया है। चेतावनी दी कि जल्द ही आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन को बाध्य होंगे।
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अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उपाध्याय का कार्यकाल दो जुलाई को पूरा हो गया और तीन जुलाई को कुलपति ने इसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी आईएमएस निदेशक को सौंप दी। हालांकि चिकित्सा अधीक्षक का पद गैर शैक्षणिक होता है और इसके लिए 62 साल की आयु के बाद कोई प्रशासनिक पद न मिलने के स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए ही डॉ. उपाध्याय की जिम्मेदारी निदेशक को दी गई है। अगले ही दिन कुलपति ने उन्हें एम्स के लिए रोड मैप तैयार करने वाली कमेटी का चेयरमैन बना दिया और इसमें छह शिक्षकों को सदस्य बनाया गया है। अब कुलपति के इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. ओमशंकर ने इसे वापस लिए जाने की मांग की है। उन्होंने अपने मेल में डॉ. उपाध्याय में पूर्व में हुई कार्रवाई का हवाला भी दिया है। चेतावनी दी कि जल्द ही आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन को बाध्य होंगे।
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