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सेना को और अत्याधुनिक हथियारों की जरूरत : रावत
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:14 AM IST
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वाराणसी। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना को और अत्याधुनिक हथियारों की जरूरत है। हमें अपने हथियारों को समय-समय पर अपग्रेड करना चाहिए। हमारे पास हथियारों की कमी नहीं है लेकिन उसे नई तकनीक से लैस करने की जरूरत है। इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।
सेनाध्यक्ष शुक्रवार को 39 जीटीसी में 9 जीआर गोरखा रायफल की स्थापना के दो सौ साल पूरे होने पर आयोजित स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने 39 जीटीसी आए थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोकलम विवाद पर सेना और सरकार अपनी-अपनी रणनीति में कामयाब रहे हैं। हालांकि सेना अब भी वहां पूरी सतर्कता बरत रही है।
जनरल रावत ने काशी प्रवास के दौरान गुरुवार की शाम गंगा आरती देखी और शुक्रवार सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि ईश्वर से कोई चीज मांगी नहीं जाती। हम तो ईश्वर से सिर्फ इतना चाहते हैं कि भारतीय सेना पर उनकी कृपा बनी रहे।
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कश्मीर के मसले पर कहा कि वहां पत्थरबाजी की घटनाएं कम हुई हैं। सेना, पुलिस समेत सभी फोर्स मिलकर काम रही हैं। ऐसी समस्याएं एक दिन में हल नहीं होतीं। जनरल करियप्पा को भारत रत्न देने की मांग के मसले पर कहा कि ये सरकार का काम है कि वह किसे भारत रत्न दे और किसे न दे। कहा कि 9 गोरखा रायफल के दो सौ साल पूरे हुए हैं। रेजीमेंट के जवानों ने अपने अदम्य साहस से पिछले दो सौ साल में इतिहास रचा है। मुझे ऐसे समारोह में शामिल होने का सुअवसर मिला, इसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। जनरल बिपिन रावत ने जीटीसी के वार मेमोरियल ग्राउंड पर शहीदों को सलामी दी और स्मृतिधाम में आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
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सेनाध्यक्ष शुक्रवार को 39 जीटीसी में 9 जीआर गोरखा रायफल की स्थापना के दो सौ साल पूरे होने पर आयोजित स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने 39 जीटीसी आए थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोकलम विवाद पर सेना और सरकार अपनी-अपनी रणनीति में कामयाब रहे हैं। हालांकि सेना अब भी वहां पूरी सतर्कता बरत रही है।
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जनरल रावत ने काशी प्रवास के दौरान गुरुवार की शाम गंगा आरती देखी और शुक्रवार सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि ईश्वर से कोई चीज मांगी नहीं जाती। हम तो ईश्वर से सिर्फ इतना चाहते हैं कि भारतीय सेना पर उनकी कृपा बनी रहे।
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कश्मीर के मसले पर कहा कि वहां पत्थरबाजी की घटनाएं कम हुई हैं। सेना, पुलिस समेत सभी फोर्स मिलकर काम रही हैं। ऐसी समस्याएं एक दिन में हल नहीं होतीं। जनरल करियप्पा को भारत रत्न देने की मांग के मसले पर कहा कि ये सरकार का काम है कि वह किसे भारत रत्न दे और किसे न दे। कहा कि 9 गोरखा रायफल के दो सौ साल पूरे हुए हैं। रेजीमेंट के जवानों ने अपने अदम्य साहस से पिछले दो सौ साल में इतिहास रचा है। मुझे ऐसे समारोह में शामिल होने का सुअवसर मिला, इसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। जनरल बिपिन रावत ने जीटीसी के वार मेमोरियल ग्राउंड पर शहीदों को सलामी दी और स्मृतिधाम में आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।