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मुंबई में छाया काशी के युवाओं का ‘होप’
Updated Thu, 31 Aug 2017 02:12 AM IST
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वाराणसी। ‘होप’ ने अपने नन्हे-नन्हे कदमों से आसमां छूने की शुरुआत कर दी है। गांवों को सशक्त बनाने की युवाओं की मुहिम के हिस्से में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। काशी के युवाओं के ‘होप’ ने मुंबई में बीते मंगलवार को अपना परचम लहराया। गोदरेज की ओर से ‘लिव आउट योर ड्रीम’ के ग्रैंड फिनाले में होप वेलफेयर ट्रस्ट के कार्यों को न सिर्फ तारीफ और प्रोत्साहन मिला बल्कि वे प्रतियोगिता जीतने में भी कामयाब रहे।
गोदरेज की ओर से देश के तमाम बिजनेस स्कूल में लाउड ‘लिव आउट योर ड्रीम’ प्रतियोगिता कराई गई थी। इस प्रतियोगिता में ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाया गया जो कुछ बड़ा सपना देख रहे हैं और उसे साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ लगे हुए हैं। बीएचयू, काशी विद्यापीठ, जेएनयू, डीयू के युवाओं ने करीब ढाई साल पहले गांवों को सशक्त करने के उद्देश्य से ‘होप’ की शुरुआत की। आज बनारस के पांच गांव खुशियारी, देऊरा, जगरदेवपुर, भदरासी और रमसीपुर गांव में वो ग्रीन ग्रुप का गठन कर चुके हैं जिसमें शिक्षा, नशा मुक्ति, दहेज प्रथा के खिलाफ गांव की महिलाएं खुद आवाज उठाती हैं। पूर्वांचल के करीब ढाई सौ ग्राम प्रधानों को अपने साथ लेकर अब होप ‘ग्रामीण दिवस’ की मांग भी कर रहा है।
होप के सदस्य सौरव कुमार जो कि अभी इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (आईआरएमए) के छात्र हैं, उन्होंने गोदरेज के लाउड ‘लिव आउट योर ड्रीम’ में हिस्सा लिया। उन्होंने होप के कार्यों का छह मिनट का वीडियो बनाकर कंपनी के समक्ष प्रस्तुत किया। देश भर के आईआईएम समेत कई कालेज से करीब 1400 प्रविष्टियां आईं थीं, जिसमें से पहले होप ने टॉप 11 में अपनी जगह बनाई। 29 अगस्त मंगलवार को इन टॉप 11 प्रतिभागियों को मुंबई में ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेने का मौका मिला। इन 11 में पांच विजेता चुने गए हैं जिसमें होप भी शामिल रहा। ज्यूरी मेेंबर्स ने होप के कार्यों की तारीफ की। सौरव के साथ ही होप वेलफेयर ट्रस्ट के दिव्यांशु उपाध्याय, सौम्यजीत दास और सुमन को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। बता दें इससे पहले ‘होप’ का प्रोत्साहन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तक कर चुके हैं। बीएचयू में एक समारोह में शिरकत करने आए प्रणव मुखर्जी ने अपने भाषण में उनकी तारीफ की थी। वहीं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक उन्हें स्वयं राजभवन आमंत्रित कर चुके हैं।
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गोदरेज की ओर से देश के तमाम बिजनेस स्कूल में लाउड ‘लिव आउट योर ड्रीम’ प्रतियोगिता कराई गई थी। इस प्रतियोगिता में ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाया गया जो कुछ बड़ा सपना देख रहे हैं और उसे साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ लगे हुए हैं। बीएचयू, काशी विद्यापीठ, जेएनयू, डीयू के युवाओं ने करीब ढाई साल पहले गांवों को सशक्त करने के उद्देश्य से ‘होप’ की शुरुआत की। आज बनारस के पांच गांव खुशियारी, देऊरा, जगरदेवपुर, भदरासी और रमसीपुर गांव में वो ग्रीन ग्रुप का गठन कर चुके हैं जिसमें शिक्षा, नशा मुक्ति, दहेज प्रथा के खिलाफ गांव की महिलाएं खुद आवाज उठाती हैं। पूर्वांचल के करीब ढाई सौ ग्राम प्रधानों को अपने साथ लेकर अब होप ‘ग्रामीण दिवस’ की मांग भी कर रहा है।
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होप के सदस्य सौरव कुमार जो कि अभी इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (आईआरएमए) के छात्र हैं, उन्होंने गोदरेज के लाउड ‘लिव आउट योर ड्रीम’ में हिस्सा लिया। उन्होंने होप के कार्यों का छह मिनट का वीडियो बनाकर कंपनी के समक्ष प्रस्तुत किया। देश भर के आईआईएम समेत कई कालेज से करीब 1400 प्रविष्टियां आईं थीं, जिसमें से पहले होप ने टॉप 11 में अपनी जगह बनाई। 29 अगस्त मंगलवार को इन टॉप 11 प्रतिभागियों को मुंबई में ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेने का मौका मिला। इन 11 में पांच विजेता चुने गए हैं जिसमें होप भी शामिल रहा। ज्यूरी मेेंबर्स ने होप के कार्यों की तारीफ की। सौरव के साथ ही होप वेलफेयर ट्रस्ट के दिव्यांशु उपाध्याय, सौम्यजीत दास और सुमन को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। बता दें इससे पहले ‘होप’ का प्रोत्साहन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तक कर चुके हैं। बीएचयू में एक समारोह में शिरकत करने आए प्रणव मुखर्जी ने अपने भाषण में उनकी तारीफ की थी। वहीं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक उन्हें स्वयं राजभवन आमंत्रित कर चुके हैं।
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