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'ठांय-ठांय' बोलने वाले पुलिसकर्मी के लिए वीरता सम्मान चाहती है उत्तर प्रदेश पुलिस
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:53 PM IST
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उत्तर प्रदेश के संभल में मुठभेड़ के दौरान पुलिस बदमाशों की घेराबंदी कर चुकी थी, मगर जैसे ही फायरिंग की घड़ी आई, बंदूक ने धोखा दे दिया। फायरिंग नहीं हो पाई। मगर मुठभेड़ जैसी स्थित में पुलिस के सामने बदमाशों को डराने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं था, इसलिए ऐसी स्थिति देख पुलिसवालों ने बदमाशों में दहशत पैदा करने के लिए बंदूक से फायरिंग के बदले मुंह से ही 'ठांय-ठांय' की आवाज निकालनी शुरू कर दी। और काम बन गया।
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इस साहस के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने संभल के उस सब इंस्पेक्टर को वीरता पुरस्कार देने की मांग की है जिसने बदमाशों को डराने के लिए मुंह से बन्दूक की आवाज 'ठांय ठांय' निकाली थी। पुलिस विभाग के मुताबिक ये एक वीरता और साहस से भरा कार्य था। पुलिस डायरेक्टर जनरल की तरफ से सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार का नाम प्रशस्ति के लिए भेजा गया है।
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मनोज कुमार जिन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में 28 वर्ष नौकरी की है, इस घटना को लेकर बिलकुल भी असहज नहीं हैं। मनोज ने कहा, 'मेरी बन्दूक जाम हो गयी थी और बदमाशों को डराने के लिए मैंने मुंह से आवाज निकालना शुरू किया। मैं बदमाशों को ये बताने की कोशिश कर रहा था कि वे हर तरफ से घेरे जा चुके हैं।'
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घटना शुक्रवार 12 अक्टूबर की है। असमोली थाने की पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। गोली नहीं चलाए जाने के बाद भी पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में इंस्पैक्टर और सिपाही गोली लगने से घायल हो गए।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि बदमाश का दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया। घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया था कि शुक्रवार 12 अक्टूबर देर रात वाहनों की चैकिंग की जा रही थी।
एक गाड़ी को पुलिस ने रोकने की कोशिश की पर चालक पुलिस को देखकर बैरियर तोड़ते हुए भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी की तो पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी, जिसकी पहचान 25 हजार के इनामी बदमाश मुदित शर्मा के रूप में हुई।
गिरफ्तार बदमाश के पास से लूट की स्कार्पियो सहित 315 बोर का तमंचा और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बदमाश मुदित शर्मा पर एक दर्जन से अधिक संगीन मामलों के केस दर्ज हैं।
इस प्रकरण का दूसरा पहलू यह है कि गोली नहीं चल पाने पर मुंह से ठांय-ठांय की आवाज निकालकर बदमाश को ललकारने पर संभल पुलिस काफी ट्रोल भी हुई।