ऊंची विकास दर के लिए बदलाव करेगा यूपी

आगरा/ब्यूरो Updated Sun, 27 Jan 2013 11:01 PM IST
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up will change to get high growth rate

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि राज्य में 10 फीसदी जीडीपी दर हासिल करने के लिए बड़े बदलाव किए जाएंगे। जनसंख्या के अनुसार विश्व में पांचवें स्थान पर रहने वाले यूपी में न केवल योग्य मानव संसाधन की प्रचुरता होगी बल्कि औद्योगिक सुविधाओं के मामले में भी अव्वल होगा।
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40 देशों के निवेशकों, प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आने वाले पांच सालों में औद्योगिक सुविधाओं के मामले में यूपी की तस्वीर अलग होगी। कृषि को सबसे महत्वपूर्ण करार देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास किसानों की आय बढ़ाना भी है इसलिए फूड प्रोसेसिंग और चीनी उद्योग पर सरकार जोर दे रही है। नोएडा में आईटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के अलावा सूबे में मैन्युफैक्चरिंग इन्वेस्टमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने भरोसा दिलाया कि यूपी निवेश के लिए बेहतर स्थान होगा।


मुख्यमंत्री और वाणिज्य मंत्री रविवार को सीआईआई पार्टनरशिप समिट 2013 के उद्घाटन अवसर पर निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले पांच सालों में 16000 मेगा वाट की बिजली परियोजनाएं, क्षेत्रों के अनुसार उत्पाद विशेष औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नेशनल मैन्यूफैक्चरिंग इन्वेस्टमेंट जोन स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कारीडोर और ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजनाओं के सूबे में पड़ने वाले हिस्से के विकास पर सरकार खास ध्यान देगी। उन्होंने संकेत दिया कि सोमवार को इस संबंध में और विशेष जानकारी दी जाएगी।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि 2025 तक वैश्विक स्तर पर  करीब 8.5 करोड़ कामगारों की कमी होगी। जिसमें चार करोड़ कौशल और 4.5 करोड़ सीमांत कौशल कामगार होंगे। यह हमारे लिए एक बड़ा मौका होगा। जिन कामगारों की जरूरत होगी उसका बड़ा हिस्सा भारत से आयेगा और इसके लिए हम कौशल विकास पर काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बहुत संभावनाएं हैं और देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही यहां के युवा मख्यमंत्री अखिलेश यादव इस समिट का पूरा फायदा उठाएंगे।

इससे पहले समिट का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि मौजूद वैश्विक आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप कारगर साबित होगी। भारत सरकार भी आर्थिक चुनौतियों का सामना करने लिए कदम उठा रही है। इसके लिए सरकार ने हाल में कई बड़े फैसले लिए हैं जिसमें रिटेल में एफडीआई के अलावा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में निवे्श पर मंत्रिमंडलीय समिति का गठन करना अहम है। हमारे लिए ऊंची विकास दर को फिर से हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती है साथ ही यह विकास समावेशी और गरीबी उन्मूलन में सहायक होना चाहिए।

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