फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   up jail secure place for criminals

अपराधियों के लिए हमेशा से आरामगाह रही यूपी की जेल

Sun, 21 Jul 2013 01:15 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Sun, 21 Jul 2013 01:15 AM IST
विज्ञापन
up jail secure place for criminals

केस : लखनऊ एसएसपी के पद पर तैनाती के दौरान आईपीएस नवनीत सिकेरा ने जेल में बंद अपराधी अतुल सिंह और डीआईजी जेल शेषमणि त्रिपाठी के बीच मोबाइल फोन पर होने वाली बातचीत का रिकार्डिंग के साथ खुलासा किया था।

विज्ञापन


एडीजी कानून एवं व्यवस्था अरुण कुमार अगर यूपी की जेलों में बंद अपराधियों द्वारा जेल से ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिलवाने का आरोप लगा रहे हैं तो वह कुछ गलत नहीं है। ऊपर लिखे उदाहरण समेत तमाम ऐसे मामले हैं जो जेलों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं।
विज्ञापन


दरअसल यूपी की जेलें अपराधियों के लिए सजा के बजाए आरामगाह हैं। ज्यादातर बड़े अपराधी खुद को जेल के अंदर ज्यादा सुरक्षित पाते हैं और जेल में रहकर गैंग आपरेट करने में भी आसानी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेलों से फोन पर धमकाना, गुंडा टैक्स वसूलना और आपराधिक वारदात को अंजाम दिलाने के मामले अक्सर सामने आते हैं। दो साल पहले लखनऊ जेल में बंद मुख्तार अंसारी गिरोह के करीबी अपराधी प्रिंस द्वारा जेल में रहकर गुंडा टैक्स मांगने का मामला सामने आया था।

ऐसे ज्यादातर मामलों को जेल अधिकारी फर्जी बताकर टाल जाते हैं। कई बार पुलिस के पास भी पुख्ता सबूत होने के बावजूद वह कुछ कर नहीं पाती।

एडीजी अरुण कुमार समेत तमाम पुलिस अधिकारी हैं जो जानते हैं कि यूपी के जेलों में बहुत कुछ ऐसा है जो सही नहीं चल रहा है। लेकिन हर माह होने वाले औचक निरीक्षणों में इन अधिकारियों के हाथ कुछ नहीं लगता।

सूत्रों के मुताबिक जेल में अगर सेटिंग हो और खर्च करने के लिए रुपये तो हर सुविधा आसानी से मुहैया हो जाती है। फिर चाहे वह टीवी हो या बाहर का खाना। नशे का सामान या शौक की दूसरी चीजें।


लखनऊ जेल में बंद रहने के दौरान नेता अमरमणि त्रिपाठी के लिए जेल में डीजे नाइट का आयोजन करा दिया गया था। पुलिस की पकड़ से लंबे समय से भाग रहे माफिया बृजेश सिंह और मुन्ना बजरंगी नाटकीय तरीके से पुलिस के हाथ चढ़े अब जेल में है।

सूत्रों के मुताबिक चाहे बृजेश हों, मुन्ना बजरंगी या फिर मुख्तार अंसारी सभी जेल से अपने गैंग आपरेट कर रहे हैं।

जेल में बंद बड़े माफिया/अपराधी
. मुख्तार अंसारी - आगरा जेल
. मुन्ना बजरंगी  - सुल्तानपुर जेल
. अमरमणि त्रिपाठी - गोरखपुर जेल
. बबलू श्रीवास्तव - बरेली जेल
. सुभाष ठाकुर - फतेहगढ़ जेल
. उदयभान डॉक्टर - फतेहगढ़ जेल
. दिलीप मिश्रा - नैनी जेल
. बृजेश सिंह - तिहाड़ जेल
. सुशील मूंछ - मुजफ्फर नगर
. भूपेंद्र बाफर - गोरखपुर
. विनोद बावला - मुजफ्फर नगर
. ऊधम सिंह - गाजियाबाद
. अजय जडेजा - झांसी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed