फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Election 2022: Political Comments of CM Yogi Adityanath Akilesh Yadav Dimple Yadav Rise Political Temperature in Purvanchal

यूपी चुनाव : जिन्ना, गर्मी-चर्बी और साइकिल के बाद कपड़ों के रंग तक पहुंची जुबानी जंग, जानिए अब तक कैसे चढ़ा सियासी पारा?

Mon, 28 Feb 2022 04:54 PM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Mon, 28 Feb 2022 04:54 PM IST
विज्ञापन
सार
उत्तर प्रदेश में पांच चरणों का चुनाव हो चुका है। अब बाकी दो चरणों का चुनाव पूर्वांचल में होना है। इसको लेकर सियासी पारा हाई है। नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। 
loader
UP Election 2022: Political Comments of CM Yogi Adityanath Akilesh Yadav Dimple Yadav Rise Political Temperature in Purvanchal
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के चुनाव में गर्मी-चर्बी, आतंकवादी, गुंडा से लेकर कई शब्दों का प्रयोग नेता एक-दूसरे के लिए कर चुके हैं। अब ये जुबानी जंग कपड़े के रंग तक आ गई है। सपा मुखिया अखिलेश की पत्नी और पूर्व सांसद डिंपल यादव ने पांचवें दौर के मतदान से पहले कौशांबी में रैली की। यहां उन्होंने जंग लगे लोहे की तुलना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कपड़ों से कर दी। इस पर भाजपा की ओर से भी पलटवार किया गया। हम आपको पहले से लेकर छठवें चरण तक के 10 सियासी बयानबाजी के बारे में बता रहे हैं...
  • 'ये जो डबल इंजन की सरकार है। जब इंजन में जंग लग जाता है, जंग का रंग क्या होता है? मुझे लगता है जिस रंग के हमारे मौजूदा मुख्यमंत्री कपड़े पहनते हैं उसी रंग का होता है तो ऐसे जंग वाले इंजन को हटाने का समय आ गया है।' - डिंपल यादव, पूर्व सांसद और सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी
 
  • 'आपके जो मुख्यमंत्री हैं उन्होंने तो परिवार को त्याग दिया है। वे परिवार के बारे में क्या जानते हैं? वे क्या जानते हैं बहू, बेटी क्या होती हैं? ये झूठ के सिवाय कुछ नहीं बोलते। मुंबई की भाषा में इन्हें फेकूचंद कहते हैं। सिर्फ फेंकते रहते हैं, लेकिन काम कुछ नहीं करते हैं। योगी जी अब ये काम छोड़िये और अपनी कुटिया में जाकर समाधि लीजिए। ये काम आपका नहीं है।' - जया बच्चन, सांसद समाजवादी पार्टी 
 
  • 'जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब अहमदाबाद में एक के बाद एक कई जगह बम ब्लास्ट हुए थे। जहां लोग सब्जी खरीदने जाते हैं, वहां कई जगह साइकिल पर बम रखे हुए थे। एक समय में चारों तरफ बम धमाके हुए। मैं हैरान हूं, उन्होंने साइकिल को ही क्यों पसंद किया? हमें ऐसे लोगों से, ऐसे राजनीतिक दलों से हमेशा सतर्क रहना है। ये लोग ओसामा जैसे आतंकवादी को जी कहकर बुलाते हैं। ये लोग बाटला हाउस एनकाउंट में आतंकवादियों के सफाये पर आंसू बहाते हैं।'  - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
 
  • ‘पहले बिजली की भी जाति और मजहब होती थी। ईद और मोहर्रम होता था तो बिजली आती थी और होली-दिवाली पर नहीं। आज ऐसा भेदभाव नहीं है। आज चाहे होली-दिवाली हो या ईद-मोहर्रम या क्रिसमस या शिवरात्रि सबको बिजली देने का कार्य डबल इंजन की सरकार ने किया है।’ - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
 
  • इस गठबंधन ने पहले और दूसरे चरण में ही शतक लगा दिया है। तीसरे और चौथे चरण में एक और शतक मार देंगे। ये सरकार बनने जा रही है। सातवें चरण तक जब तक चुनाव पहुंचेगा, आप देख लेना भारतीय जनता पार्टी के बूथों पर भूत नाचेंगे। कोई दिखाई नहीं देगा।
    - अखिलेश यादव, सपा मुखिया
 
  • 'गजवा-ए-हिन्द' का सपना देखने वाले 'तालिबानी सोच' के 'मजहबी उन्मादी' यह बात गांठ बांध लें, वो रहें या न रहें, भारत शरीयत के हिसाब से नहीं, संविधान के हिसाब से ही चलेगा। जय श्री राम!’ -योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
 
  • 'जो नमक सरकार की ओर से दिया गया है, वो नुकसान पहुंचाने के लिए दिया गया है। उस नमक को जनता बोरे में भरकर रखे और सात मार्च के दिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को गड्डा खोदकर उसमें उन्हें डाल दें और ऊपर से नमक डाल दें।'  - अजय राय, कांग्रेस प्रत्याशी वाराणसी
 
  • ये गर्मी जो अभी कैराना में और मुजफ्फरनगर में दिखाई दे रही है ना ये सब शांत हो जाएगी। क्योंकि गर्मी कैसे शांत होगी ये तो मैं जानता हूं। मैं मई और जून में भी इसको शिमला बना देता हूं। - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
 
  • योगी बाबा जो कह रहे हैं कि इनकी गर्मी निकला दूंगा और मई-जून में शिमाल जैसी ठंड हो जाएगी। मुझे लग रहा है कि पिछले हफ्ते जो ठंड आई थी, इनका माथा बहुत बड़ा है, इनको ही ठंड लग गई। ऐसा भर-भर के वोट दो कि भारतीय जनता पार्टी की जो चर्बी चढ़ रही है, सारे नेताओं की चर्बी उतार दो आप। - जयंत चौधरी, अध्यक्ष आरएलडी
 
  • 'सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और (मोहम्मद अली) जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की और बैरिस्टर बने और उन्होंने आजादी दिलाई। उन्हें आजादी के लिए किसी भी तरीके से संघर्ष करना पड़ा होगा तो पीछे नहीं हटे। एक विचारधारा जिस पर अगर किसी ने पाबंदी लगाई थी तो लौह पुरुष सरदार पटेल ने उस विचारधारा पर पाबंदी लगाने का काम किया था।’ - अखिलेश यादव, सपा मुखिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed