UP election 2022: यूपी में 20 साल बाद कांग्रेस 400 सीटों पार्टी लड़ेगी चुनाव, हर सूची में 40% महिलाओं को दे रही टिकट, प्रियंका की रणनीति से कांग्रेस को कितना होगा फायदा?
कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सरकार बनने पर 20 लाख सरकारी नौकरियां देनें का वादा किया है। इसमें से आठ लाख महिलाओं को मिलेंगी। लड़कियों को स्कूटी से लेकर स्मार्टफोन देने तक की योजनाओं की काफी चर्चा है।
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यूं तो यूपी की सभी पार्टियां बड़े-बड़े दावों के साथ मैदान में हैं लेकिन 2022 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस में आ रहे बड़े बदलावों की कहानी लेकर आया है। इस कहानी में कांग्रेस जीत-हार से ज्यादा भविष्य में बड़े बदलाव की उम्मीद कर रही है। हालांकि, पहले भी उसकी इस तरह की कोशिशें ज्यादा सफल नहीं रही हैं।
ऐसा बीस साल बाद हो रहा है जब कांग्रेस फिर से उत्तर प्रदेश की लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इससे पहले 2002 में कांग्रेस ने 402 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इस बार पार्टी ने सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का एलान किया था। हालांकि, अखिलेश यादव की सीट करहल में पार्टी ने उम्मीदवार नहीं दिया। वहीं, शिवपाल यादव की सीट जसवंत नगर में कांग्रेस की घोषित प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया।
40% महिलाओं को टिकट देकर प्रियंका ने खेला बड़ा दांव
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कई प्रयोग कर रही है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई बड़ी पार्टी 40% सीटों पर महिलाओं को टिकट दे रही है। प्रियंका ने चुनाव से पहले 40% टिकट महिलाओं को देने का वादा किया। अब तक पार्टी ने उम्मीदवारों की जितनी सूची जारी की है, हर सूची में उसने 40% महिलाओं को टिकट देने का वादा पूरा किया है।
युवाओं को भी तरजीह
कांग्रेस युवाओं को भी तरजीह देने का दावा कर रही है। पार्टी का दावा है कि कुल उम्मीदवारों में 40% सीटों पर 25 से 40 साल के युवाओं को उतारा जाएगा। अब तक घोषित उम्मीदवारों में पार्टी ने कई युवा और अनजान चेहरों को टिकट भी दिया है। स्याना सीट पर 25 साल की पूनम पंडित, छाता में 28 साल की पूनम देवी, नोएडा सीट पर 29 साल की पंखुड़ी पाठक, हस्तिनापुर सीट से 28 साल की अर्चना गौतम इसके कुछ उदाहरण हैं।
पहले भी कांग्रेस की कई कोशिशें हुई हैं नाकाम
ऐसा भी नहीं है कि कांग्रेस सत्ता से बाहर होने के बाद इतनी सीटों पर पहली बार लड़ रही है। पार्टी 1989 से सत्ता से बाहर चल रही है। 1993 तक के विधानसभा चुनाव में पार्टी 400 से ज्यादा सीटों पर लड़ती रही, लेकिन उसका जनाधार सिमटता रहा। 2002 में पार्टी ने एक बार फिर जोर लगाया। 402 सीटों पर उम्मीदवार उतारे इसके बाद भी पार्टी महज 9% वोट पा सकी। 2007 में भी पार्टी 393 सीटों पर चुनाव लड़ी। इसके बाद भी उसे महज 8.6% वोट मिले। 2012 में पार्टी 355 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन उसे महज 11.6% वोट मिले। ऐसे में इस बार पार्टी को कितना फायदा होगा ये देखना होगा।
भविष्य की जमीन तैयार करतीं प्रियंका
एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर महिलाओं तक कांग्रेस अपनी बात पहुंचाने में सफल रही तो उसे एक ऐसा सामाजिक आधार मिल सकता है जिसकी ओर अब तक किसी का ध्यान नहीं है। प्रियंका दावा करती हैं कि 40% महिलाओं को टिकट और ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ जैसे अभियान का ही असर है कि महिलाएं बाकी पार्टियों के एजेंडे में आ गई हैं। एक्सपर्ट भी मानते हैं कि अगर महिलाओं का मुद्दा राजनीति के केंद्र में आया तो महिलाएं जाति, धर्म और वर्ग की सीमाओं को तोड़कर कांग्रेस के लिए नया सामाजिक आधार बन सकती हैं।
चुनावी घोषणा पत्र में कई लुभावने वादे भी
कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सरकार बनने पर 20 लाख सरकारी नौकरियां देनें का वादा किया है। इसमें से आठ लाख महिलाओं को मिलेंगी। लड़कियों को स्कूटी से लेकर स्मार्टफोन देने तक की योजनाओं की काफी चर्चा है। मौजूदा दौर में भर्तियां कई साल तक अटकी रहतीं हैं। पर्चे लीक हो जाते हैं। इससे युवाओं को भारी परेशानी होती है। कांग्रेस ने इस समस्या के समाधान के लिए भर्ती विधान जारी किया है। इसे भी एक नया प्रयोग माना जा रहा है। इसमें नौकरी के लिए परीक्षाओं से लेकर नियुक्ति तक का पूरा कैलेंडर जारी करने की बात कही गई है।