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यूपी में चौथे चरण का चुनाव: रेड अलर्ट जोन में हैं ये 29 विधानसभा क्षेत्र, जानें सभी के नाम और उसके पीछे का कारण
Wed, 23 Feb 2022 07:17 AM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 23 Feb 2022 07:17 AM IST
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश में चौथे चरण के तहत जिन नौ जिलों में आज (23 फरवरी) मतदान चल रहा है, उनमें बांदा, फतेहपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, पीलीभीत और उन्नाव शामिल हैं। यहां की 59 सीटों पर कुल 624 प्रत्याशी मैदान में हैं। पिछली बार इनमें से 50 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं, जबकि एक सीट पर अपना दल (सोनेलाल) ने कब्जा जमाया था। अन्य आठ सीटों में से चार पर सपा, जबकि दो-दो सीटों पर कांग्रेस और बसपा ने जीत हासिल की थी।इस चरण की 59 में से 29 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें रेड अलर्ट जोन में रखा गया है। दरअसल, इन 29 विधानसभा सीटों पर खड़े होने तीन या इससे अधिक प्रत्याशी आपराधिक छवि वाले हैं। देखिए इन सभी विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट...
पहले जान लीजिए कितने दागी इस बार मैदान में?
चौथे चरण में कुल 167 यानी 27 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं। इनमें भी 129 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस चरण में सबसे ज्यादा आपराधिक छवि वाले नेताओं को टिकट देने में कांग्रेस आगे रही है। कांग्रेस के 53 फीसदी प्रत्याशी दागी हैं। दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी है। सपा के 50 फीसदी और तीसरे नंबर पर बसपा के 44 फीसदी प्रत्याशी दागी हैं। भाजपा इस सूची में चौथे और आम आदमी पार्टी पांचवें नंबर पर है। भाजपा के 40 फीसदी और आम आदमी पार्टी के 24 फीसदी प्रत्याशी दागी हैं।
सबसे ज्यादा दागी लखनऊ मध्य सीट पर
59 सीटों में सबसे ज्यादा दागी प्रत्याशी लखनऊ मध्य सीट से मैदान में हैं। यहां से कुल 13 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है, जिनमें सात प्रत्याशियों ने बताया कि उन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर फतेहपुर की बिंदकी सीट है। यहां से छह दागी उम्मीदवार मैदान में हैं।
| विधानसभा क्षेत्र | कुल उम्मीदवार | दागी |
| लखनऊ मध्य | 13 | 07 |
| लखनऊ पूर्व | 14 | 05 |
| सरोजनी नगर (लखनऊ) | 14 | 05 |
| मोहनलालगंज (लखनऊ) | 11 | 03 |
| लखनऊ उत्तर | 13 | 03 |
| बिंदकी (फतेहपुर) | 10 | 06 |
| फतेहपुर | 11 | 04 |
| अयाह शाह (फतेहपुर) | 11 | 05 |
| उन्नाव | 10 | 05 |
| पुरवा (उन्नाव) | 13 | 04 |
| भगवंतनगर (उन्नाव) | 08 | 03 |
| बिलग्राम (हरदोई) | 13 | 05 |
| सवायजपुर (हरदोई) | 15 | 04 |
| बालामऊ (हरदोई) | 09 | 03 |
| बिसालपुर (पीलीभीत) | 14 | 05 |
| बरखेड़ा (पीलीभीत) | 09 | 03 |
| रायबरेली | 14 | 05 |
| ऊंचाहार (रायबरेली) | 13 | 04 |
| हरचंदरपुर (रायबरेली) | 14 | 04 |
| लखीमपुर (लखीमपुर खीरी) | 12 | 05 |
| गोला गोरखनाथ (लखीमपुर खीरी) | 07 | 04 |
| निंघासन (लखीमपुर खीरी) | 07 | 04 |
| कस्ता (लखीमपुर खीरी) | 08 | 03 |
| तिंदवारी (बांदा) | 09 | 04 |
| सीतापुर | 14 | 04 |
| सेवता (सीतापुर) | 06 | 03 |
| महमूदाबाद (सीतापुर ) | 09 | 03 |
किस-किस तरह के लगे हैं आरोप?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
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अमर उजाला
नौ उम्मीदवारों पर महिलाओं के प्रति गंभीर अपराध के आरोप हैं। इनमें भी दो ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन पर दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। जिन दो उम्मीदवारों पर दुष्कर्म के आरोप हैं, उनमें एक रायबरेली की हरचंदरपुर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। प्रत्याशी का नाम अशोक कुमार है। दूसरे प्रत्याशी समाजवादी पार्टी से सीतापुर की सेवता सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इनका नाम महेंद्र कुमार सिंह है। पांच प्रत्याशियों ने अपने हलफनामे में बताया है कि उन पर हत्या का मामला है। 14 प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है। 59 में से 29 यानी 49 फीसदी सीटें रेड अलर्ट जोन में है। मतलब यहां से चुनाव लड़ रहे तीन या इससे अधिक उम्मीदवार आपराधिक छवि वाले हैं।
इन प्रत्याशियों पर सबसे ज्यादा मुकदमे
1. रविदास मेहरोत्रा (समाजवादी पार्टी) : राजधानी लखनऊ की मध्य विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा पर सबसे ज्यादा 22 मुकदमे दर्ज हैं। रविदास पर अलग-अलग धाराओं में कुल 74 मामले दर्ज हैं। इनमें 16 गंभीर धाराएं लगी हुई हैं। रविदास पर महिला को बदनीयती के साथ प्रताड़ित करने, जाति-धर्म के नाम पर उन्माद फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
2. धीरेंद्र बहादुर सिंह (भाजपा) : रायबरेली की सरेन सीट से भाजपा के प्रत्याशी धीरेंद्र बहादुर सिंह पर कुल 10 मामले चल रहे हैं। धीरेंद्र पर हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं। उन पर 37 धाराओं में मामले दर्ज हैं।
3. सुभाष पाल (कांग्रेस) : हरदोई की बिलग्राम सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुभाष पाल पर कुल 10 मामले दर्ज हैं। सुभाष पर 20 अलग-अलग धाराएं लगी हुई हैं। इनमें धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल हैं।
4. राधेश्याम जायसवाल (समाजवादी पार्टी) : सीतापुर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे राधेश्याम जायसवाल पर कुल 10 मामले दर्ज हैं। राधेश्याम पर 17 धाराएं लगी हुई हैं, जिनमें चार गंभीर हैं। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्होंने बताया कि उन पर चुनाव में गलत तरीके से पैसे देने, दंगा भड़काने के लिए उकसाने जैसे आरोप हैं।
इन प्रत्याशियों पर सबसे ज्यादा मुकदमे
1. रविदास मेहरोत्रा (समाजवादी पार्टी) : राजधानी लखनऊ की मध्य विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रविदास मेहरोत्रा पर सबसे ज्यादा 22 मुकदमे दर्ज हैं। रविदास पर अलग-अलग धाराओं में कुल 74 मामले दर्ज हैं। इनमें 16 गंभीर धाराएं लगी हुई हैं। रविदास पर महिला को बदनीयती के साथ प्रताड़ित करने, जाति-धर्म के नाम पर उन्माद फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
2. धीरेंद्र बहादुर सिंह (भाजपा) : रायबरेली की सरेन सीट से भाजपा के प्रत्याशी धीरेंद्र बहादुर सिंह पर कुल 10 मामले चल रहे हैं। धीरेंद्र पर हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं। उन पर 37 धाराओं में मामले दर्ज हैं।
3. सुभाष पाल (कांग्रेस) : हरदोई की बिलग्राम सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुभाष पाल पर कुल 10 मामले दर्ज हैं। सुभाष पर 20 अलग-अलग धाराएं लगी हुई हैं। इनमें धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल हैं।
4. राधेश्याम जायसवाल (समाजवादी पार्टी) : सीतापुर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे राधेश्याम जायसवाल पर कुल 10 मामले दर्ज हैं। राधेश्याम पर 17 धाराएं लगी हुई हैं, जिनमें चार गंभीर हैं। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्होंने बताया कि उन पर चुनाव में गलत तरीके से पैसे देने, दंगा भड़काने के लिए उकसाने जैसे आरोप हैं।