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कुंडा कांड: एक और डीएसपी से होगी पूछताछ
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Mon, 22 Apr 2013 01:51 AM IST
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डीएसपी जियाउल हक की हत्या के मामले में सीबीआई अब उन पुलिस अधिकारियों से भी सवाल करने की तैयारी में है, जिन्होंने परवीन आजाद की एफआईआर की तहरीर तैयार कराई थी।
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सीबीआई उनसे यह जानना चाहती है कि परवीन आजाद की तहरीर में नामजदगी किस आधार या सूचना पर की गई।
असल में जियाउल हक की पत्नी परवीन आजद की तहरीर में जिन्हें नामजद किया गया है, उनमें से किसी की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं हो सकी है।
साथ ही जितने भी नामजद हैं, सभी पूर्व मंत्री से जुड़े हैं। सीबीआई ने पाया है कि हथगवां थाने में जो तहरीर दी गई है वह किसी और की हैंड राइटिंग में है और इस पर परवीन आजाद ने सिर्फ अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए थे।
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इसके अलावा परवीन आजाद को पूर्व मंत्री का नाम तो मालूम था पर बाकी के नामजद हरिओम श्रीवास्तव, घनश्याम यादव, रोहित व गुड्डू सिंह की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
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अगर तहरीर परवीन आजाद ने लिखवाई तो इन लोगों के बारे में उन्हें किसने जानकारी दी। अगर किसी पुलिसकर्मी ने लिखी तो तब तक सभी को पता चल चुका था कि सीओ जियाउल हक की हत्या में नन्हें यादव के परिवार के लोग व उनके सहयोगी शामिल थे।
सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि यह जानकारी में आया है कि एक अन्य डीएसपी ने परवीन आजाद की तहरीर थाने में दर्ज कराई।
तहरीर को लेकर ही सीबीआई मुकदमा दर्ज करने वाले अधिकारियों से पूछताछ करेगी। सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि यह पूछताछ इसलिए की जानी ताकि डीएसपी की हत्या से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें।