UP Election 2022: सीतापुर में वार पर पलटवार, इन मुद्दों पर भिड़ीं राजनीतिक पार्टियां, जानिए किसने क्या कहा?
सीतापुर में चाय पर चर्चा, महिलाओं और युवाओं से संवाद के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच पहुंचा। यहां नेताओं ने अपने चुनावी एजेंडा के बारे में बताया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीतापुर में विपक्षी राजनीतिक दलों ने सरकार पर जमकर निशाना साधा तो वहीं भाजपा ने भी तगड़ा पलटवार किया। 'अमर उजाला' के कार्यक्रम 'सत्ता का संग्राम' में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और रालोद के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। सभी ने अपने उन एजेंडों के बारे में भी बताया जिसे लेकर वह जनता के बीच वोट मांगने जाएंगे। पढ़िए किस नेता ने क्या कहा?
भाजपा ने गिनाए मुद्दे
कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले सत्ताधारी पार्टी भाजपा के नगर अध्यक्ष आकाश अग्रवाल से पूछा गया कि किस आधार पर जनता आपको दोबारा चुनेगी तो उन्होंने तमाम फायदे गिनवाए। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और सड़क की समस्या तो हमने समाप्त कर दिए। भाजपा के नगर अध्यक्ष ने आगे कहा कि हर चुनाव में 'बिजली पानी जो दे न सके वो सरकार निकम्मी है, जो सरकार निकम्मी है वो सरकार बदलनी है' नारे लगते थे लेकिन अब इसकी दुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले माताएं बहनें रात को निकल नहीं सकती थीं लेकिन अब वो समस्याएं नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने गुंडा गर्दी पर पूरी तरह से नकेल कस दिया है। आकाश अग्रवाल ने कहा कि पहले 'चढ़ गुंडों की छाती पे, मुहर लगाओ हाथी पे' के नारे लगते थे। मगर अब वो गुंडे नहीं बचे।
विपक्ष ने साधा निशाना
भाजपा नगर अध्यक्ष आकाश अग्रवाल पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी नेता महेंद्र यादव, विधान सभा सदर अध्यक्ष ने कहा कि नगर अध्यक्ष ने जो कहा है वो उनकी गलती नहीं है...वो आज किसान पर बात नहीं करेंगे, एमएसपी पर बात नहीं करेंगे। इतने किसानों की जान गई उस पर बात नहीं करेंगे। सपा नेता महेंद्र यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया। साथ ही साथ यह भी कह देते कि किसानों की जो फसल है वो एमएसपी रेट पर बिकेगी। इतने दिनों में 600-700 किसानों की मौत हुई, इनके बच्चे अनाथ हुए, इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने आगे कहा कि जिस मुंह से पीएम मोदी ने कृषि कानून वापसी की घोषणा की उसी मुंह से एमएसपी रेट पर फसल बिकने की भी बात कह देते। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व उपाध्यक्ष शिशिर वाजपेयी ने कहा कि प्रियंका गांधी की नेतृत्व में हम पूरे उत्तर प्रदेश में फिर से मशाल जलाएंगे। उन्होंने भाजपा की हकुमत से मुखालफत की है और यही से झंडा बुलंद किया है।
भाजपा ने दिया जवाब
भाजपा के नगर अध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने कहा कि जो किसान आंदोलन कर रहे थे वो किसान नहीं थे, अराजक तत्व थे। अग्रवाल ने कहा कि भिंडर वाले टीशर्ट लगाकर कौन से किसान आंदोलन चला रहे थे? जो वाकई किसान थे वो खेतों में काम कर रहे थे। भाजपा के नगर अध्यक्ष ने कहा कि आंदोलनकारियों ने बॉर्डर रोका, वहां किसान नहीं जा रहे थे, वहां जनता जा रही थी। इस पर, सपा नेता महेंद्र यादव ने कहा कि देखिए किसानों को अराजक तत्व बताए जा रहे हैं आज ही प्रधानमंत्री जी ने किसानों से माफी मांगी है और ये अराजक तत्व बता रहे हैं। भाजपा की यही दिक्कत है।
पार्टी के समर्थकों ने क्या कहा?
विपक्षी पार्टियों ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों पर जिन्होंने गाड़ियां चढ़ाई वो कौन थे? कुलदीप सिंह सेंगर कौन था? सीतापुर का ट्रामा सेंटर बंद पड़ा है, इस भाजपा कुछ नहीं बोल रही। उधर, सपा समर्थकों ने कहा कि भाजपा कह रही है कि उनकी सरकार में महिलाएं सुरक्षित है। उन्हीं की सरकार में महिलाओं की साड़ी खीची गई, इसपर कौन बात करेगा? कांग्रेस समर्थकों ने कहा कि गोपलाघाट का पुल छह महीने से टूटा है उसे कोई देखने वाला नहीं है।