UP Election 2022: डाटा से नहीं आटा से मतलब, प्रयागराज में इन मुद्दों ने पकड़ा जोर, पढ़िए युवाओं ने क्या कहा?
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' युवाओं के बीच पहुंचा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने शिरकत की। इस दौरान युवाओं ने विकास, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा, सरकारी भर्तियां और पेपर लीक के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।
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आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रयागराज में आयोजित 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम में विकास, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा, सरकारी भर्तियां और पेपर लीक के मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। यहां कई युवाओं ने मोदी-योगी सरकार पर सवालिया निशान उठाए तो वहीं कुछ ने मौजूदा सरकार के कामकाज की तारीफ की। पढ़िए युवाओं ने और क्या कहा?
कार्यक्रम की शुरुआत में निखलेश शर्मा ने कहा कि प्रयागराज पहले से बिल्कुल बदल गया है। सड़क परिवहन की व्यवस्था अच्छी हो गई है। सौंदर्यीकरण हो गया है। जल की समस्या शहरी क्षेत्रों में सही हो गई है लेकिन ग्रामीण इलाकों में इसकी दिकक्तें हैं। वहीं, अगर छात्र के दृष्टिकोण से बात करें तो सरकारी नौकरियों की समस्या है। इसमें मेरी भी सहमति है कि सरकारी नौकरियों को लेकर दिक्कतें हैं। पिछले साढ़े चार साल में भर्तियां लगभग न के बराबर आई थीं लेकिन पिछले छह महीने से भर्तियां शुरू हो गई हैं। मुझे लगता है कि एक बार फिर भाजपा की सरकार आनी चाहिए।
ऋषि यादव ने कहा कि यहां केवल नाम का विकास हुआ है। यहां के लोग परेशान हैं। अगर आपके पेट में रोटी नहीं, अगर आपके पास आटा नहीं तो डाटा से क्या मतलब? इलाहाबाद को संगम कहा जाता है, यहां पर छात्रों का संगम, नदियों का संगम, व्यवसायियों का संगम, धर्मों का संगम लेकिन भाजपा की सरकार ने लोगों को लड़ाने का काम किया है। परीक्षा में धांधली हो रही है। अखिलेश सरकार में एक पेपर लीक हुई थी। इस सरकार में हर परीक्षा के पेपर लीक होती है।
हरिओम त्रिपाठी ने ऋषि यादव के 'डाटा है पर आटा नहीं' के सवाल पर कहा कि कोरोना काल में मोदी सरकार ने सभी को प्रति इंसान पांच किलो राशन देने का काम किया है। अब इसे दोगुना कर दिया जाएगा। अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि इनकी (भाजपा) सरकार लीकेज की सरकार है। वहीं, एक युवा ने अजय मिश्र टेनी का मुद्दा उठाया और कहा कि कैसे उन्होंने पत्रकारों से बदतमीजी की। इससे पहले उनके बेटे ने किसानों की हत्या कर दी।
इसके जवाब में एबीवीपी के छात्र अतेंद्र सिंह ने कहा कि दोषियों को सजा दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर मैं अपराध करता हूं कि तो उसका दंड मेरे पिता या मेरे को नहीं मिलना चाहिए। उसी प्रकार अगर मेरे पिता कोई अपराध करते हैं तो उसका दंड मुझे नहीं मिलना चाहिए। आज मंत्री जी के बेटे आशीष मिश्र ने अपराध किया है तो आज वह पूरे साथी के साथ जेल में बंद है। विवेक सुल्तानवी ने शिक्षा की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पिछले दो साल से बंद है। वहीं, एक छात्र ने कहा कि दो किलो चावल और तीन किलो गेंहू ही विकास नहीं है। सुधीर यादव ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे समय और पैसे की बर्बादी होती है। उम्र के लिहाज से छात्रों के करियर पर असर पड़ता है। देश के युवाओं को केवल आटा चावल पर लाकर छोड़ दिया गया है।
वहीं, एक छात्र ने कहा कि चीन और नेपाल ने हमारी जमीन हड़प ली है और भाजपा वाले देश सुरक्षा की बात करते हैं। उधर, संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 400 घर बना लिए हैं। हाल ही में मिराज का टायर बाबा के सामने चोरी हो गया। यही सुरक्षा है। नवनीत यादव ने कहा कि पुलवामा में 500 किलो आरडीएस कहां से आया इसका पता आज तक सरकार नहीं लगा पाई है। संदीप वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर कानून का शासन है तो वो योगी सरकार ने स्थापित किया है।
वहीं, अंशु नाम की एक छात्रा ने कहा कि महिला सुरक्षा पर सवाल करते हुए कहा कि ये विश्वविद्यालय है और यहां शनिवार-रविवार को महिलाओं को घुसने नहीं दिया जाता है। शाम पांच बजे के बाद विश्वविद्यालय में महिलाओं की एंट्री बंद है। इस पर अतेंद्र ने टालमटोल जवाब देते हुए कहा कि छात्रों को भी नहीं घुसने दिया जाता है। कोरोना को लेकर इस नियम को बनाया गया है। इसके अलावा कुछ युवाओं ने किसानों का मुद्दा, 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाला का मुद्दा उठाया।