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UP Election 2022 : मुरादाबाद की महिलाओं ने चुनावी चर्चा में दिखाया जोश, जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बड़ी बातें कहीं

Fri, 12 Nov 2021 02:31 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Fri, 12 Nov 2021 02:31 PM IST
सार

अमरोहा में चाय पर चर्चा और मुरादाबाद में युवाओं से बात करने के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' महिलाओं के बीच पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर बात की। कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, महिला उद्यमिता, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। 

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UP Assembly Election 2022 Moradabad Aadhi Abadi Coverage News Updates In Hindi
चुनावी चर्चा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्या मुरादाबाद में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं? पिछले साढ़े चार साल की योगी सरकार में महिलाओं को कितना रोजगार मिला? क्या महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से खुश हैं या अब उनका विकल्प तलाशने लगी हैं ? महिलाओं के कौन से मुद्दे हैं, जहां अभी तक सरकार की नजर नहीं गई है? किन मुद्दों पर सरकार को काम करने की जरूरत है? 
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ऐसे तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मुरादाबाद की महिलाओं के बीच पहुंचा। शहर के आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल, बुद्धि विहार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की और बेबाकी से अपनी राय रखी। पढ़िए किसने क्या कहा?
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सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर क्या बोली महिलाएं? 

UP Assembly Election 2022 Moradabad Aadhi Abadi Coverage News Updates In Hindi
अमर उजाला 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। - फोटो : अमर उजाला
बाल कल्याण समिति की पूर्व सदस्य नीतू सक्सेना ने कहा कि मौजूदा सरकार में महिलाओं और बच्चों के लिए काफी काम हुआ है। महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं, उससे अब हर किसी को मदद मिल रही है। पहले रेप, छेड़खानी जैसी घटनाएं ज्यादा होती थी और पुलिस भी एक्शन नहीं लेती थी। अब ऐसे मामलों में तुरंत एक्शन होता है।

अल्पना गुप्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा पर पहले से ज्यादा काम हुआ है। अब महिलाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। कई हेल्पलाइन शुरू की गई है। मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं। 
समाजसेविका प्रिया अग्रवाल ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। आज बेखौफ होकर हमारी बेटियां घर से बाहर निकलती हैं। महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं।

स्वरोजगार पर फोकस, आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं 
प्रिया पांडेय ने कहा कि इस सरकार में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा काम हुआ है। महिलाएं अब आगे बढ़ रहीं हैं। आजादी से अपनी बात रख सकती हैं। सरकार ने स्वरोजगार का अच्छा मौका दिया है।  
उद्यमी तान्या भाट्या ने कहा कि अब तक सुरक्षा की कमी के चलते ही महिलाएं अन्य क्षेत्र में अपना कॅरियर नहीं बना पाती थी। आज वक्त बदल गया है। महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। हर क्षेत्र में काम हो रहा है। स्किल डेवलपमेंट पर काफी काम हुआ है। ट्रेनिंग दी जा रही हैं। आंगनबाड़ी प्रोजेक्ट के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। 

अनुश्री रस्तोगी ने कहा, ' मैं कोचिंग संचालित करती हूं। मिस मुरादाबाद 2020 रह चुकी हूं। पहले हम लोग सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, आज मैं ही नहीं, बल्कि सभी महिलाएं खुलकर निकल सकती हैं। छेड़खानी व अन्य घटनाएं कम हुई है।'  

शिक्षिका रौनक ने कहा कि पहले के मुकाबले अब लड़कियां आसानी से जॉब में आ सकती हैं। सुरक्षा की बेहतर सुविधा मिली है, लेकिन इसमें और सुधार की जरूरत है। अभी भी छेड़खानी जैसी घटनाएं होती हैं।  

समाजसेवी शीतल चावला ने बताया कि स्टार्टअप इंडिया के जरिए युवाओं और महिलाओं को कम ब्याज पर लोन दिया जा रहा है, ताकि हर कोई स्वरोजगार शुरू कर सके। बड़ी संख्या में महिलाओं ने लघु उद्योग शुरू किया है। अचार, पापड़, बुनाई का काम करके आज महिलाएं अपने परिवार का मजबूत सहारा बन रही हैं। 

जनसंख्या नियंत्रण का कानून आना चाहिए

डॉक्टर वमिता अग्रवाल समेत कई महिलाओं ने जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग की। डॉ. वमिता ने कहा, 'देश में जनसंख्या नियंत्रण पर कानून लाना चाहिए। बढ़ती आबादी का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है। पुरुष महिलाओं को इंसान की तरह नहीं, बल्कि बच्चा पैदा करने की मशीन समझते हैं। सरकार को इसके लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता लाने के लिए अभियान चलाना चाहिए। 

पिंकी महाजन ने भी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की। बोलीं, इससे काफी हद तक महिलाओं की समस्या कम हो जाएगी। महाजन ने कहा, महिलाओं को टेक्निकल एजुकेशन दिया जाना चाहिए, जिससे वह अधिक आत्मनिर्भर हो सकें। रूपा सिंह ने भी जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग की। 
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काम महिलाएं करती हैं, पैसा पति के खाते में जाता

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मुरादाबाद में बड़ी संख्या में महिलाओं ने चुनाव पर चर्चा की। - फोटो : अमर उजाला
पूनम महाजन ने कहा, 'आज भी समाज महिलाओं को कमजोर समझता है। मैंने ग्रामीण इलाकों में काफी काम किया है। मनरेगा के तहत काम महिलाएं करती हैं, लेकिन उनका पैसा उनके पति के खातों में भेजा जा रहा है। काम करने वाली महिलाओं के पतियों से मिलकर ग्राम प्रधान धांधली करते हैं। महिलाओं का बैंक में अकाउंट खुलना चाहिए और उन्हें ज्यादा से ज्यादा काम मिलना चाहिए। स्थानीय स्तर पर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना चाहिए। 

महिलाओं ने और क्या कहा?
  • समाजसेविका और उद्यमी गौरी जैन ने कहा कि महिलाओं के लिए हर किसी का नजरिया बदलना बहुत जरूरी है। लोगों को जागरूक करना चाहिए कि महिलाएं और पुरुष बराबर होते हैं। महिलाओं को कमजोर न समझा जाए। परिवार और समाज की संकुचित सोच को बदलने की जरूरत है। 
  • अल्पना गुप्ता ने कहा कि कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। 
  • सुमन कश्यप ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के लिए काफी काम करने की जरूरत है। ग्रामीण महिलाओं की स्थिति बहुत खराब है। 
  • जीनत चौधरी ने कहा कि पहले जो लड़कियां मदरसो में पढ़ने के लिए नहीं आ पाती थीं अब वो आने लगी हैं। बस जरूरत है कि बेटियों को उनके स्किल डेवलपमेंट के लिए काम करना चाहिए। 
  • रूपाली अग्रवाल ने कहा कि शहर में एक स्पोर्ट्स कॉम्पलैक्स खुलना चाहिए। जहां, हर वर्ग के लिए खेल की सुविधाएं बेहतर हों। 
  • अनु ढल ने कहा कि महिलाओं को पद पर स्वीकार्य करने की जरूरत है। लोग आज भी महिलाओं को बड़े पदों पर जल्दी स्वीकार नहीं कर पाते हैं। 
  • सोनल अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा पर ज्यादा काम करने की जरूरत है। अगर महिलाएं शिक्षित होंगी तभी स्वास्थ्य व अन्य विकास कार्य होंगे। 
  • डॉक्टर शशि चौहान ने कहा कि एक देश एक संविधान लागू होना चाहिए। 
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