फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Assembly Election 2022 fatehpur Chai Par Chunavi Charcha Coverage News Updates In Hindi

UP Election 2022: फतेहपुर में चाय पर चुनावी चर्चा, विकास के मुद्दों पर रिटायर फौजी ने की सबकी बोलती बंद, जानें क्या कहा?

Tue, 21 Dec 2021 11:07 AM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: मुकेश कुमार झा Updated Tue, 21 Dec 2021 11:07 AM IST
सार

पश्चिमी यूपी, ब्रज, अवध और पूर्वांचल के कई जिलों से होते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को फतेहपुर पहुंचा। यहां आम लोगों के साथ चाय पर चर्चा हुई। लोगों ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर अपनी बात रखी।

विज्ञापन
UP Assembly Election 2022 fatehpur Chai Par Chunavi Charcha Coverage News Updates In Hindi
फतेहपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर फतेहपुर के लोगों ने अपना चुनावी एजेंडा बताया। मंगलवार को 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' यहां पहुंचा। यहां पर 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम के दौरान फतेहपुर के लोगों ने विकास, बिजली, सड़क और रोजगार के मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान किसी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ की तो किसी ने कमियां गिनाईं। पढ़िए किसने क्या कहा? 

विज्ञापन


फतेहपुर पहले से बेहतर हुआ है
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ ज्ञानेंद्र सचान ने विकास के मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि फतेहपुर पहले से बेहतर हुआ है। यहां विकास का काम हुआ है और यह लगातार जारी है। सड़के अच्छी हो गई हैं। सदर विधायक के प्रयासों से पुराना जीटी रोड फोरलाइन हो गया है। चौड़ीकरण का काम चल रहा है। शहर की जो प्रमुख सड़कें थीं वह भी सही सलामत हो गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज इस जनपद की बड़ी उपलब्धि है। बबलू गुप्ता ने कहा कि पहले के मुकाबले फतेहपुर की स्थिति बदल गई है। सड़क, बिजली अच्छी हो गई है। शहर का पूरा दृश्य बदल गया है। यहां पहले से बहुत विकास हुआ है। इस सरकार ने विकास के कार्या में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। विकास का काम निरंतर चल रहा है।
विज्ञापन


प्रवेश कुमार गौतम ने कहा कि यहां कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने स्टेडियम का मुद्दा उठाया। कहा बसपा सरकार में जो स्टेडियम का काम चल रहा था उसे अब तक पूरा नहीं किया गया है। इसके अलावा उन्होंने इस सरकार पर काशीराम आवास योजना आवंटन नहीं करने का आरोप लगाया। इसके जवाब में अनिल ने कहा कि स्टेडियम में काम चल रहा है। सराकर के पास जो बजट आएगा, उसी के अनुसार सरकार काम करेगी। अखिलेश चौहान ने कहा कि पूरे स्टेडियम का पैसा बसपा खा गई। इसके अलावा कई लोगों ने स्थानीय मुद्दों को उठाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्नल आरडीएस चौहान ने की सबकी बोलती बंद
वहीं, कर्नल आरडीएस चौहान ने कहा कि कहीं भी रहने के लिए तीन चीजों की आवनश्यकता होती है। मेडिकल की सुविधा हो, बिजली की सुविधा हो और आना जाना सही हो। ये यहां का दुर्भाग्य है कि यहां पर लोग ब्लेम जरूर करते हैं कि उसने नहीं किया। मेरा कहना है कि सबका अपना अपना हिस्सा है। जब वोट देने की बारी आती है तो वोट देने नहीं जाएंगे। बाद में फिर रोएंगे कि गलत विधायक आ गया और गलत सभासद आ गया। पिछले एक साल से बिजली में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं रहने के कारण हम अपना घर और 30 एकड़ जमीन छोड़कर दिल्ली चला गया क्योंकि रात में जेनरेटर कौन चलाएं? कर्नल साहब ने कहा कि पहले से ज्यादा काम हुआ है लेकिन जितना होना चाहिए था और जो हो सकता था वो नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि काम होता है चुनाव से छह महीने पहले और उसके बाद साढ़े चार साल जय श्री राम जी की। 

UP Assembly Election 2022 fatehpur Chai Par Chunavi Charcha Coverage News Updates In Hindi
फतेहपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, चाय पर चुनावी चर्चा - फोटो : अमर उजाला

दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के ट्रेनर रह चुके कर्नल आरडीएस चौहान
कर्नल आरडीएस चौहान दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के ट्रेनर रह चुके हैं। उन्होंने रावत को एनडीए के अंदर ट्रेनिंग दी थी। उस समय आरडीएस चौहान एनडीए में इंस्ट्रक्टर के पोस्ट पर तैनात थे। हमने तभी रावत के बारे में सोच लिया था कि यह बड़ा होकर जरूर कुछ अच्छा करेगा। इस दौरान कर्नल साहब ने सीडीएस रावत के बारे एक खुलासा किया। उन्होंने कहा कि हादसे के करीब छह दिन पहले रावत अपने घर आए और उन्होंने अपने बड़े भाई के बेटे के नाम पर अपना घर विल कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह उन्होंने क्यों किया ईश्वर मालिक। कर्नल चौहान ने कहा कि वह 1965 में कमीशन से फौज में आए। उन्होंने 1965, 1971 की लड़ाई लड़ी। 

सरकारी योजनाओं को अधिकारी ही लगाते हैं पलीता 
हेमंत चौहान ने कहा कि कोरोना के कारण दो साल तक कामकाज ठप रहा है। विद्या भूषण तिवारी ने सरकारी योजनाओं को सराकरी अधिकारी की पलीता लगाते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाया। तिवारी ने कहा कि पहले ट्रांसफार्मर 12-12 घंटे तक नहीं आता था लेकिन अब वो समस्या नहीं है।  उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर काम ढीला है। इसके अलावा लोगों ने रोजगार का मुद्दा भी उठाया। बसपा के कार्यकर्ता ने कहा कि इस सरकार ने कितने रोजगार दिए। बसपा सरकार ने अपने कार्यकाल में साढ़े 23 लाख रोजगार दिए। इस पर भाजपा के एक कार्यकर्ता ने जवाब देते हुए कहा कि इस सरकार में पिछले साढ़े साल में साढ़े चार लाख नौकरियां दी गई और वो भी पारदर्शिता के साथ। नौकरी केवल सरकारी ही नहीं हो सकती। पहले नौकरियां कैसे मिलती थीं सबको पता है। सुनिल शुक्ला ने स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed