UP Election 2022: फतेहपुर में विकास के मुद्दों पर खुलकर बोलीं महिलाएं, योगी सरकार के लिए कही ये बात
चाय पर चर्चा और युवाओं से बातचीत के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। फतेहपुर में महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की।
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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' देश की आधी आबादी के बीच फतेहपुर पहुंचा। इस दौरान यहां कि महिलाओं ने विकास, महंगाई, शिक्षा और अपराध के मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ की तो कुछ ने कमियां गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा?
कार्यक्रम की शुरुआत में सबा ने कहा कि फतेहपुर में बहुत सारे बदलाव हुए हैं। लतागार विकास हो रहा है। स्कूल बने, कंसट्रक्शन के काम हुए हैं। रतना सिंह ने कहा कि 2009 से लेकर 2021 तक यहां बहुत सारे बदलाव हुए हैं। बदलाव एक दिन में नहीं आता है। 10 साल में इतना देखा है, 10 साल बाद फतेहपुर और भी बदल जाएगा। हेमलता पटेल ने कहा कि यहां पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। सड़कों के लिए मैं धरना देती हूं तब जाकर सड़कें बनती हैं। महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि आज भी मलिहाएं थाने में बैठी हैं, उनकी एफआईआर नहीं लिखी जा रही हैं, जब तक मैं नहीं जाऊंगी तब तक एफआईआर नहीं लिखी जाएगी। करीब डेढ़ सौ महिलाएं बैठी थाने में बैठी हैं। हमें तो कुछ बदलाव समझ नहीं आ रहा है। अंजू त्रिपाठी ने एफआईआर नहीं लिखे जाने के लेकर कहा कि सबको सोच बदलने की दरकार है। हर जगह सरकार नहीं पहुंच सकती है। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक महिलाओं की बात है, पहले गांव की महिलाएं चूल्हे कंडे पर खाना बनाती थीं लेकिन अब हर घर में औरतों के पास गैस पहुंच गई है। हर घर पक्का का बन गया है। सबको राशन मिल रहा है।
ऊषा ने महंगाई का मुद्दा उठाया। उनहोंने कहा कि गैस सिलेंडर मिला तो है लेकिन 400-500 का सिलेंडर अब 1000 का हो गया है। महंगाई कम होनी चाहिए। किसानों के लिए खाद्द खाद्द और गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल के दाम कम होने चाहिए। संतोष कुमारी शुक्ला ने कहा कि मैं शिक्षा, व्यवसाय और स्वास्थ्य पर जोर देना चाहती हूं। मेडिकल कॉलेज बना है लेकिन उसमें न तो डॉक्टर्स है और न वो अभी चालू हुआ है। वो नाममात्र का है। मेडिकल कॉलेज बन जाने से कोई समस्या का हल नहीं होता है। अभी उसमें आम जनमानस को कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ भी सकारात्मक बदलाव नहीं हुए हैं। जब मैं पेपर पढ़ती हूं तो रोज रेप की खबरें रहती हैं। दहेज के लिए किसी न किसी महिला को आग लगा दी गई। इस तरह के मामले आते हैं। वकील हूं हर रोज मेरे पास चार से छह महिलाओं के साथ अत्याचार के मामले सामने आते हैं। वहीं, महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरसों तेल 200 रुपये हो गया। गैस के दाम 1000 रुपये हो गए।
कल्पना सिंह ने कहा कि इस सरकार में महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया गया है। जब से भाजपा की सरकार आई है तब से महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। रेखा रानी ने कहा कि यहां शहर में तो सब कहते हैं सबकुछ अच्छा हुआ है लेकिन कोई गांव जाकर तो देखे कि वहां क्या हुआ? किसान किस तरह परेशान हैं? खाद्द मिलती नहीं है, नहर में पानी आता नहीं है, किसान जब धान लेकर मंडी समिति जाता है वहां जीएसटी किसान से काटी जाती है, क्रय केंद्र जाता तो वहां पर 25 फीसदी कटौती होती है। यहां पर खड़े होकर तो हम बता देंगे कि सबकुछ अच्छा हुआ है। मगर सबसे ज्यादा जनता गांव में बसती है। वहां जाकर कोई देखता है कि महिलाएं किस तरह परेशान हैं ? भाजपा खराब है। किसान को भाजपा बिल्कुल देख ही नहीं रही हैं। ज्योति ने कहा कि फतेहपुर में पहले से बहुत बदलाव हुआ है। जब मेरी शादी हुई थी सुबह में कभी लाइट का दर्शन नहीं होता था। शाम होते ही जिंदगी ठप हो जाती थी। अब तो बिजली जाती ही नहीं। पहले गैस सिलेंडर के लिए लाइन लगाना पड़ता था, अब तो एक तो कॉल करते हैं सिलेंडर आ जाता है। जब से भाजपा की सरकार आई तब से बहुत विकास हुआ है। सरोज पांडे ने कहा फतेहपुर पहले से बहुत अच्छा है। पहले यहां की सड़कें देखकर बहुत उलझन होती थी लेकिन अब सड़कें बन गई हैं। बिजली की व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई है।
सरला सिंह ने कहा कि मेरे गांव में 2001 में खरंजा बना था। उसी तरह खरंजा पड़ हैं। यहां लोग कह रहे हैं कि बिजली सबके घर में आती है। सबके घर में मीटर लग गए हैं। जिसके घर में एक बल्ब जलता है और उसके यहां बिल 10 हजार का आता है। लोगों को गैस सिलेंडर तो दे दिया गया है लेकिन उसे भराने के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा जानवरों के द्वारा फसल चरने का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सुधार है कहां? मेरी स्थिति पूछिए, शहर तो देखती हूं चमक रहा है, यहां के लोग चमक रहे हैं लेकिन गांव के लोग जस के तस हैं। नम्रता दुबे ने कहा कि वर्तमान सरकार के कामकाज से खुश हैं। बिजली आती है। सड़कें अच्छी बन गई हैं मगर यहां कोचिंग की सुविधाएं नहीं हैं। शकीला बानो ने कहा कि कांग्रेस ने जितना किया उतना किसी ने नहीं किया। साइना ने कहा कि कोचिंग इंस्टीट्यूट सब अच्छे होने चाहिए। फतेहपुर में सड़कें और बिजली अच्छी हो गई हैं। वंदना ने कहा कि फतेहपुर में विकास हुआ है। नजर और नजरिए में फर्क होता हैं। हम अपने नजर और नजरिए को परखना होगा है कि आप विकास को किस तरह से देखते हैं। प्रिया दीक्षित ने कहा कि गांव में भी विकास हुआ है। केवल सड़क की समस्या है। गांव में राशन सबको मिल रहा है।