UP Election 2022: देवरिया में युवाओं की एक ही मांग- हमें सरकार से नहीं, रोजगार से मतलब
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' युवाओं के बीच पहुंचा। देवरिया के संत विनोबा पीजी कॉलेज परिसर के मुख्य द्वार पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने शिरकत की। इस दौरान युवाओं ने महिला सुरक्षा और रोजगार के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।
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आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए देवरिया में आयोजित 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम में रोजगार के मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। कई युवाओं ने वर्तमान सरकार पर सवालिया निशान उठाए तो वहीं कुछ ने वर्तमान सरकार की तारीफ की। पढ़िए युवाओं ने और क्या कहा?
क्या बोले देवरिया के युवा?
कार्यक्रम की शुरुआत में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा सुप्रिया जायसवाल ने सुरक्षा के मुद्दे पर कहा कि मैं खुद को यहां सुरक्षित नहीं महसूस करती। अभिभावक साथ न हों तो अकेले निकलने में डर लगता है। कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र शुभम त्रिपाठी ने कहा कि इंडस्ट्री के लिहाज से देवरिया में कोई काम नहीं हुआ है। हम सभी चाहते हैं कि यहां इंडस्ट्री लगे। चीनी मिल की शुरुआत हो। शुभम ने आगे कहा कि बहुत सारी योजनाएं हाथ से निकल जाती हैं और हम हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहते हैं और सरकार को दोष देते हैं। लॉ के छात्र ने कहा किसी भी युवा से दो योजनाओं के बारे पूछ लीजिए, उन्हें नहीं पता है। कारण यही है हम अपने प्रति सजह नहीं हैं। सरकार तो आती जाती रहेगी।
मजदूरी भी नहीं कर सकते और घर से भी हैं लाचार
उन्होंने आगे कहा कि इतनी बड़ी आबादी है, आप सबको रोजगार नहीं दे सकते हैं। सबको नौकरी नहीं मिल सकती। हमें स्वरोजगार की ओर जाना पड़ेगा। यह कैसे होगा, इसके लिए सरकार की योजनाओं पर ध्यान देना होगा। राजू यादव ने लैपटॉप, मोबाइल बांटने को लेकर कहा कि जिसको बांटना था 27 लाख बांटकर चला गया। पांच साल पहले योगी जी बोले थे कि सबको फ्री में लैपटॉप देंगे, मुफ्त शिक्षा देंगे पर उन्होंने कुछ भी नहीं किया। रैलियां भर्ती नहीं आ रही हैं। लड़के परेशान हैं और इतना परेशान हैं कि क्या कहें, मजदूरी भी नहीं कर सकते और घर से भी लाचार हैं। एनसीसी छात्रा न्यासा मिश्रा ने वर्तमान सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हम इस सरकार के कामकाज से खुश हैं। वो जो कर रहे हैं सही कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। मौजूदा सरकार देश स्तर पर काम कर रही है न कि उसे कैटेगराइज्ड कर रही है।
उधर, एक छात्र ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि इस सरकार में भर्तियां तो निकलती हैं लेकिन पेपर लीक हो जाती है। इन्हीं के विधायक, इन्ही के लोग पेपर लीक करा देते हैं। 2014 में जब मोदी सरकार आनी थी तो इन्होंने दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। कहां हैं नौकरियां। उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ में नौकरी मांगने वाले छात्रों कोदौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कमलेश नाम के एक छात्र ने कहा कि 2016 और 2018 में जो भर्तियां आई थीं। उसकी तारीखें केवल बढ़ाई जा रही हैं। भर्ती के नाम पर सिर्फ और सिर्फ राजस्व इकट्ठा की जी रही है। यहां के लड़के बेरोजगार के बेरोजगार रह जाते हैं।
युवा किसी पार्टी का पक्षधर नहीं है, उसे केवल रोजगार चाहिए
वहीं, बीए प्रथम वर्ष के एक छात्र ने कहा कि भाजपा सरकार आने से यहां बहुत विकास हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बना है। सपा सरकार ने केवल शिलान्यास किया है जबकि भाजपा सरकार ने उसे पूरा करके दिखाया। भाजपा सरकार सबके हित के लिए काम कर रही है। अभिषेक मिश्रा ने कहा कि युवा किसी पार्टी का पक्षधर नहीं है, उसे केवल रोजगार चाहिए। जुमले से काम नहीं चलेगा। यहां जो भी विधायक हो उसे पढ़ा लिखा होना चाहिए। वही विधायक बने जो यहां की जनता के सुख दुख का साथी बने। यहां के विकास पर उनका मेन फोकस होना चाहिए। हम उसी को वोट देंगे। वहीं, एक अन्य शख्स ने कहा कि नौजवानों को शिक्षा और रोजगार चाहिए। जिसको ठेके पर रखे जाते हैं क्या वह रोजगार है? क्या पकौड़े बेचना रोजगार है? चुनावी जुमले बंद होना चाहिए चाहे कोई भी सरकार क्यों न हो?
हमें रोजगार से मतलब
एमए की छात्रा निरुपमा यादव ने कहा कि हमें रोजगार से मतलब है न कि लैपटॉप और स्कूटी से। निरुपमा ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पेपर लीक का मामला सामने आया, ऐसा नहीं सोचा था और सरकार बुलडोजर चलाने की करती है। एनसीसी छात्रा निशा यादव ने कहा कि हम आर्मी में भर्ती होना चाहते हैं। दो साल से भर्ती नहीं आई है। कोई भी सरकार आए भर्तियां समय पर होनी चाहिए। बालमुकुंद मिश्रा ने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर यह सरकार पूरी तरह से फेल है। इनके मंत्री क्या बोलते हैं, उन्हें खुद ही पता नहीं होता है। इस सरकार में सबकुछ आनन-फानन में होता है। हमारी पहली प्राथमिकता रोजगार है। रोजगार की बात जो करेगा हम उसी को वोट देंगे। वहीं, एक छात्र ने कहा कि सरकार को वैकेंसी फॉर्म के दामों को कम करना चाहिए।