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खेत समतल करते समय पीली धातु के आभूषण मिले
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Yellow metal ornaments found while leveling the field
- फोटो : UNNAO
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फ तेहपुर चौरासी। ग्राम कैथनखेड़ा में खेत के समतलीकरण में ग्रामीणों को खुदाई के दौरान महिलाओं के गले में पहने जाने वाले पीली धातु के तीन आभूषण हसुली (सुतिया) मिले हैं। ग्राम प्रधान ने आभूषण पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस जांच कर रही है।
ग्राम प्रधान राजू सिंह ने पुलिस को बताया कि महपरापुर के पास कैथनखेड़ा में गांव के रघुराजपाल के खेत में चार अक्तूबर को जुताई के साथ टीले को बराबर करने का काम किया जा रहा था। टीले की खुदाई में पीली धातु की तीन हसुली निकलीं। यह पुलिस को दे दिए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आभूषण को थाने में जमा कराकर पुरातत्व विभाग को सूचना भेजी जाएगी।
ग्रामीणों के मुताबिक डेढ़ सौ वर्ष पूर्व कैथनखेड़ा क्षेत्र का संपन्न गांव था। ग्राम प्रधान के अनुसार महपरापुर गांव से आधा किमी दूर बसे इस गांव में कायस्थ वर्ग के ज्यादा लोग होने के कारण अपभ्रंश नाम कैथनखेड़ा पड़ा। डेढ़ सौ साल पहले डाकुओं ने कैथनखेड़ा गांव में धावा बोल कर लूटपाट कर आग लगा दी थी। इस घटना के बाद लोग भयभीत होकर गांव छोड़कर गंजमुरादाबाद, सफ ीपुर व कानपुर में जाकर बस गए थे। इसके बाद कैथनखेड़ा गांव का वजूद ही समाप्त हो गया था। बस नाम ही रह गया।
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ग्राम प्रधान राजू सिंह ने पुलिस को बताया कि महपरापुर के पास कैथनखेड़ा में गांव के रघुराजपाल के खेत में चार अक्तूबर को जुताई के साथ टीले को बराबर करने का काम किया जा रहा था। टीले की खुदाई में पीली धातु की तीन हसुली निकलीं। यह पुलिस को दे दिए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आभूषण को थाने में जमा कराकर पुरातत्व विभाग को सूचना भेजी जाएगी।
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ग्रामीणों के मुताबिक डेढ़ सौ वर्ष पूर्व कैथनखेड़ा क्षेत्र का संपन्न गांव था। ग्राम प्रधान के अनुसार महपरापुर गांव से आधा किमी दूर बसे इस गांव में कायस्थ वर्ग के ज्यादा लोग होने के कारण अपभ्रंश नाम कैथनखेड़ा पड़ा। डेढ़ सौ साल पहले डाकुओं ने कैथनखेड़ा गांव में धावा बोल कर लूटपाट कर आग लगा दी थी। इस घटना के बाद लोग भयभीत होकर गांव छोड़कर गंजमुरादाबाद, सफ ीपुर व कानपुर में जाकर बस गए थे। इसके बाद कैथनखेड़ा गांव का वजूद ही समाप्त हो गया था। बस नाम ही रह गया।
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