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Unnao News: महिलाओं ने शुरू की रक्षाबंधन की तैयारी
Wed, 16 Jul 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Wed, 16 Jul 2025 01:01 AM IST
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उन्नाव। बिछिया ब्लाक के एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 15 महिलाओं ने रक्षाबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। पर्व के लिए महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वैलरी व राखियां तैयार कर रही हैं। दूसरे जनपदों में इन महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे सामान की मांग हो रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत अटेसुआ, हुसैन नगर, डीह, गजौली, चांदपुर, तारगांव आदि ग्राम पंचायत के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी रेखा, रचना, पिंकी, मीनू, मनोज, दीपिका, रानी, पिंकी, उर्मिला, अनुराधा और आकृति समय समय पर त्योहार के अनुसार सामान तैयार करती हैं। इस समय यह महिलाएं रक्षाबंधन पर्व का सामान तैयार कर रही हैं। इसमें मूंगा आदि के जरिए आर्टिफिशियल ज्वैलरी व राखियां बना रही हैं। ब्लाक मिशन मैनेजर सोनम सिंह ने बताया कि लखीमपुर, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, दिल्ली,लखनऊ, वाराणसी आदि जनपदों से ऑनलाइन व आफलाइन आर्डर मिले हैं। एक दिन में 10 से 15000 राखियां और ज्वैलरी तैयार हो रही है। इनमें करीब डेढ़ लाख की लागत आ रही है। फिर इनकी बिक्री पांच रुपये से लेकर पांच सौ तक होने की उम्मीद है। इसके अनुसार प्रति महिला को लगभग 20 हजार का मुनाफा हो सकेगा। यह महिलाएं दिवाली पर दीपक, होली पर अबीर-गुलाल सहित अन्य त्योहार पर जरुरत के अनुसार सामान तैयार करती हैं। बताया कि इसके जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधर रही है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत अटेसुआ, हुसैन नगर, डीह, गजौली, चांदपुर, तारगांव आदि ग्राम पंचायत के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी रेखा, रचना, पिंकी, मीनू, मनोज, दीपिका, रानी, पिंकी, उर्मिला, अनुराधा और आकृति समय समय पर त्योहार के अनुसार सामान तैयार करती हैं। इस समय यह महिलाएं रक्षाबंधन पर्व का सामान तैयार कर रही हैं। इसमें मूंगा आदि के जरिए आर्टिफिशियल ज्वैलरी व राखियां बना रही हैं। ब्लाक मिशन मैनेजर सोनम सिंह ने बताया कि लखीमपुर, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, दिल्ली,लखनऊ, वाराणसी आदि जनपदों से ऑनलाइन व आफलाइन आर्डर मिले हैं। एक दिन में 10 से 15000 राखियां और ज्वैलरी तैयार हो रही है। इनमें करीब डेढ़ लाख की लागत आ रही है। फिर इनकी बिक्री पांच रुपये से लेकर पांच सौ तक होने की उम्मीद है। इसके अनुसार प्रति महिला को लगभग 20 हजार का मुनाफा हो सकेगा। यह महिलाएं दिवाली पर दीपक, होली पर अबीर-गुलाल सहित अन्य त्योहार पर जरुरत के अनुसार सामान तैयार करती हैं। बताया कि इसके जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधर रही है।
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