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फिर पीक सीजन में यूरिया का गहराया संकट

Thu, 27 Aug 2020 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 12:39 AM IST
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Urea crisis deepens in peak season again
?????? ?? ????? ????? ?? ??? ?? ?????? ?? ?????? ??? ???? ?????? - फोटो : UNNAO
उन्नाव। पीक सीजन में एक बार फिर यूरिया का संकट गहरा गया है। जिले की साधन सहकारी समितियों से यूरिया गायब हो गई है। किसान यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। दिन भर भटकने के बाद भी यूरिया नहीं मिल पा रही है। ऐसे में प्राइवेट कंपनी की यूरिया खरीदने के लिए ऊंची कीमत देने को मजबूर होेना पड़ रहा है।
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जनपद में यूरिया के लिए मारामारी मच गई है। गोदाम खाली पड़े हुए हैं। फ तेहपुर चौरासी की नौ समितियों में सैंता, जसरा मारुफ पुर व भड़सर नौशाहरा बंद पड़ी हैं। शेष छह समितियों में से केवल बबुरिहा में यूरिया खाद उपलब्ध है। शेष पांच समितियों में यूरिया नहीं है। कमोबेश यही हाल सफीपुर क्षेत्र का भी है। यहां की अहाता, गढ़ी, अतरहा, दरौली, नौबतपुर, चकलवंशी, देवगांव, छूही, राजपूतान में यूरिया नहीं है। परेशान किसान समिति के चक्कर लगाकर वापस हो रहे हैं। असोहा ब्लॉक की बेहटा, गोसाईखेड़ा, समाधा, पहाड़पुर, पहासा व चौपई में खाद नहीं है। गंजमुरादाबाद की एक भी समिति में खाद नहीं है। मियागंज के साधन सहकारी केंद्र आसीवन में भी यूरिया नदारद है। सचिव शैल कुमारी का कहना है कि खाद नहीं है। डिमांड बताई जा चुकी है।
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ब्लॉक क्षेत्र हिलौली की करदहा, अकोहरी, मौरावां व खेरवा में महीनों से यूरिया का टोटा है। नवाबगंज में चमरौली, सोहरामऊ व गौरा समिति में बकाया होने से इनको यूरिया नहीं दी जा रही है। एतबारपुर, नवाबगंज, सरायजोगा, बघारी, बिरसिंहपुर में यूरिया नहीं है। इसी प्रकार बिछिया की ओरहर समिति में भी खाद न होने से किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। दहीचौकी के इफको सेंटर में भी दो दिन से खाद नहीं है। हालांकि बिछिया कृषक सेवा समिति में बुधवार को खाद पहुंच गई। जहां किसानों में वितरण शुरू कराया गया।
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सुमेरपुर ब्लॉक क्षेत्र की ऊंचगांव समिति लंबे समय से बंद चल रही है। वर्तमान समय में महेशखेड़ा, पाटन, सुमेरपुर, कोटवर, मनिकापुर व रावतपुर साधन सहकारी समिति में यूरिया का स्टॉक समाप्त हो चुका है। पिछले लगभग 20 दिनों से इन समितियों में यूरिया नहीं है। सचिव अभिमन्यु सिंह ने बताया कि यूरिया का स्टॉक मंगाने के लिए चेक आदि लगी हुई है।
महंगी बिक रही प्राइवेट कंपनी की खाद
साधन सहकारी समितियों से यूरिया गायब होने का फायदा निजी खाद विक्रेता उठा रहे हैं। वह किसानों को प्राइवेट कंपनी की खाद ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक चोट लग रही है।

यूरिया का लक्ष्य 24920 एमटी, उपलब्धता 14042 एमटी
खरीफ सीजन के लिए यूरिया का 24920 मीट्रिक टन, डीएपी का 4607 एमटी, एनपीके 457 एमटी व एमओपी खाद का 95 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। जबकि लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक यूरिया 14042 एमटी ही उपलब्ध हो पाई है। जिसका वितरण कराया जा चुका है। इसके अलावा डीएपी 11213 मीट्रिक टन, एनपीके 2662 एमटी व एमओपी 45 एमटी जिले में उपलब्ध है।
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