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पांच माह बाद तालाब में फेंका था कंकाल
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पुलिस लाइन में मौजूद लक्ष्मी का हत्यारोपी पति अनिल (सफेद शर्ट में) व चचेरा ससुर रामरतन। संवाद
- फोटो : UNNAO
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चकलवंशी। माखी थाना क्षेत्र में सात महीने पहले हुई महिला की हत्या का शनिवार को खुलासा किया। पति ने बताया कि हत्या के 5 महीने बाद सास ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो फंसने के डर से चाचा के खेत में दबाए गए शव को खोदा और अस्थि पंजर व साड़ी को पास के तालाब में फेंका था। शनिवार को प्रेस वार्ता कर एसपी अविनाश पांडेय ने घटना का खुलासा किया। बताया कि सिर के कंकाल को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया है। हत्यारोपी चाचा-भतीजे को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेजा गया है।
अजगैन थाना क्षेत्र भौली के मजरा कुशलीखेड़ा निवासी सर्वेंद्र यादव ने बेटी लक्ष्मी की शादी माखी के ग्राम थाना निवासी अनिल यादव से की थी। शादी के चार माह बाद अनिल, पत्नी लक्ष्मी को नापंसद लगने लगा और अक्सर मारपीट करता। 30 जनवरी 2021 को अनिल ने पत्नी लक्ष्मी की गला घोटकर हत्या के बाद शव को बोरी में भरकर घर से दो किमी दूर अपने चाचा रामरतन के खेत गड्ढा खोदकर दफना दिया था। लक्ष्मी की मां (अनिल की सास) सरोज बेटी से बात करने का प्रयास करती, अनिल चंडीगढ़ में होने की बात कह कर गुमराह कर देता। शक होने पर सरोज ने 21 जून 2021 को दामाद अनिल समेत ससुराल के 5 लोगों पर लक्ष्मी के अपहरण और हत्या करने का शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार को अनिल व उसका चाचा रामरतन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने सच उगल दिया।
एसपी के अनुसार अनिल ने बताया कि जब उसे व चाचा रामरतन को जानकारी हुई कि सास सरोज ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो फंसने के डर से 22 जून की रात कंकाल हो चुके शव को निकालकर तालाब में फेंक दिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने शुक्रवार को तालाब में तलाश कराई तो सिर का कंकाल, साड़ी व अन्य कपड़े मिले।
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एसपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त साइकिल व फावड़ा भी बरामद किया गया है। तालाब से शव बरामद करने में फील्ड यूनिट, अग्निशमन जवानों व डॉग स्क्वायड की मदद ली गई थी। नायब तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित की मौजूदगी में पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करके दोनों हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है।
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अजगैन थाना क्षेत्र भौली के मजरा कुशलीखेड़ा निवासी सर्वेंद्र यादव ने बेटी लक्ष्मी की शादी माखी के ग्राम थाना निवासी अनिल यादव से की थी। शादी के चार माह बाद अनिल, पत्नी लक्ष्मी को नापंसद लगने लगा और अक्सर मारपीट करता। 30 जनवरी 2021 को अनिल ने पत्नी लक्ष्मी की गला घोटकर हत्या के बाद शव को बोरी में भरकर घर से दो किमी दूर अपने चाचा रामरतन के खेत गड्ढा खोदकर दफना दिया था। लक्ष्मी की मां (अनिल की सास) सरोज बेटी से बात करने का प्रयास करती, अनिल चंडीगढ़ में होने की बात कह कर गुमराह कर देता। शक होने पर सरोज ने 21 जून 2021 को दामाद अनिल समेत ससुराल के 5 लोगों पर लक्ष्मी के अपहरण और हत्या करने का शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार को अनिल व उसका चाचा रामरतन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने सच उगल दिया।
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एसपी के अनुसार अनिल ने बताया कि जब उसे व चाचा रामरतन को जानकारी हुई कि सास सरोज ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो फंसने के डर से 22 जून की रात कंकाल हो चुके शव को निकालकर तालाब में फेंक दिया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने शुक्रवार को तालाब में तलाश कराई तो सिर का कंकाल, साड़ी व अन्य कपड़े मिले।
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एसपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त साइकिल व फावड़ा भी बरामद किया गया है। तालाब से शव बरामद करने में फील्ड यूनिट, अग्निशमन जवानों व डॉग स्क्वायड की मदद ली गई थी। नायब तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित की मौजूदगी में पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करके दोनों हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है।