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Unnao News: बारिश में ढही जर्जर छत, दबकर सफाई कर्मी की मौत
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फोटो-11- जितेंद्र कुमार (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन
- फोटो : राम मंदिर में निर्माणाधीन परकोटा व दर्शन को जाते श्रद्धालु
उन्नाव। शहर कोतवाली के शांतिनगर मोहल्ले में गुरुवार को बारिश से जर्जर छत ढह गई। इससे कमरे में सो रहे सफाईकर्मी की दबकर मौत हो गई। उस समय बेटियां बारिश के पानी में नहा रही थीं। बेटा स्कूल गया था। पत्नी किसी काम से बाहर गई थी। एसडीएम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। दैवी आपदा राहत कोष से मदद का आश्वासन दिया।
रायबरेली जिले के थाना सरेनी के गांव रामपुर कला निवासी जितेंद्र कुमार (40) नगर पालिका उन्नाव में आउट सोर्सिंग पर सफाई कर्मी थे। वह शहर के शांतिनगर मोहल्ला निवासी गौतम के जर्जर घर में करीब 15 सालों से पत्नी और बच्चों के साथ किराए पर रह रहे थे। रिश्तेदार मुकेश ने बताया कि जितेंद्र की अक्सर रात में ड्यूटी होती थी। इस कारण वह दिन में खाना खाकर सो जाते थे।
गुरुवार को सुबह ड्यूटी से आए और खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। बेटियां सरोजनी और नैंसी बारिश में बाहर नहा रही थीं। बेटा मनीष स्कूल गया था। पत्नी नीलू किसी काम से अकरमपुर गई थी। दोपहर करीब ढाई बजे कमरे की छत अचानक ढह गई। तेज आवाज सुनकर बेटियां और अन्य किराएदार पहुंचे तो देखा जितेंद्र लहूलुहान पड़े थे। आनन फानन उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। डॉ. दिलीप अग्रवाल ने मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना पर एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी, नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी और लेखपाल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच जांच की। एसडीएम ने परिजनों को दैवी आपदा राहत कोष से मदद का आश्वासन दिया है। जितेंद्र की मौत से पत्नी और बच्चे बेहाल हैं।कोतवाल संजीव कुशवाहा ने बताया कि जर्जर कमरे की छत ढहने से मौत हुई है। अभी तक किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाए हैं।
साइड स्टोरी
मकान मालिक की कमाई के लालच में गई जान
जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहा था मकान मालिक
तीन अन्य किराएदारों को काशीराम कालोनी में कराया जा रहा शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। शांतिनगर मोहल्ले में जिस मकान में कमरे की छत ढही, वह पूरी तरह से जर्जर है। इसके बाद भी मकान मालिक चंद कमाई के लालच में लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा। जिम्मेदारों ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण युवक को जान गंवानी पड़ी।
काफी समय पहले इसी घर में शांति निकेतन के नाम से स्कूल संचालित होता था, जो बाद में बंद कर दिया गया था। मकान मालिक ने घर में चार किराएदार रख लिए थे। समय बीतता गया और घर भी जर्जर होता चला गया। घर गली में होने जलभराव और अन्य समस्याएं होने से मकान मालिक ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया।
गुरुवार को बारिश में जर्जर छत ढह गई और सफाईकर्मी की जान चली गई। अब पत्नी नीलू के सामने बच्चों के पालन-पोषण का संकट हो गया है। गनीमत रही कि पत्नी और तीनों बच्चे घर से बाहर थे, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी।
एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि पूरा घर जर्जर है, उसी घर में तीन और किराएदार हैं। उन्हें सदर तहसील के पास बनी काशीराम कॉलोनी में शिफ्ट कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
ईओ ने विकास यूएसडीए पर फोड़ा ठीकरा
ईओ संजय गौतम ने बताया कि जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण कराने की जिम्मेदारी उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) की है। वही भवनों के नक्शे जारी करता है। इस कारण जर्जर भवनों को नोटिस व गिराने की जिम्मेदारी यूएसडीए को दे दी गई है। नगर पालिका प्रशासन का अब इससे कोई मतलब नहीं रह गया है।
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रायबरेली जिले के थाना सरेनी के गांव रामपुर कला निवासी जितेंद्र कुमार (40) नगर पालिका उन्नाव में आउट सोर्सिंग पर सफाई कर्मी थे। वह शहर के शांतिनगर मोहल्ला निवासी गौतम के जर्जर घर में करीब 15 सालों से पत्नी और बच्चों के साथ किराए पर रह रहे थे। रिश्तेदार मुकेश ने बताया कि जितेंद्र की अक्सर रात में ड्यूटी होती थी। इस कारण वह दिन में खाना खाकर सो जाते थे।
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गुरुवार को सुबह ड्यूटी से आए और खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। बेटियां सरोजनी और नैंसी बारिश में बाहर नहा रही थीं। बेटा मनीष स्कूल गया था। पत्नी नीलू किसी काम से अकरमपुर गई थी। दोपहर करीब ढाई बजे कमरे की छत अचानक ढह गई। तेज आवाज सुनकर बेटियां और अन्य किराएदार पहुंचे तो देखा जितेंद्र लहूलुहान पड़े थे। आनन फानन उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। डॉ. दिलीप अग्रवाल ने मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना पर एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी, नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी और लेखपाल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच जांच की। एसडीएम ने परिजनों को दैवी आपदा राहत कोष से मदद का आश्वासन दिया है। जितेंद्र की मौत से पत्नी और बच्चे बेहाल हैं।कोतवाल संजीव कुशवाहा ने बताया कि जर्जर कमरे की छत ढहने से मौत हुई है। अभी तक किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाए हैं।
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मकान मालिक की कमाई के लालच में गई जान
जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहा था मकान मालिक
तीन अन्य किराएदारों को काशीराम कालोनी में कराया जा रहा शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। शांतिनगर मोहल्ले में जिस मकान में कमरे की छत ढही, वह पूरी तरह से जर्जर है। इसके बाद भी मकान मालिक चंद कमाई के लालच में लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा। जिम्मेदारों ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण युवक को जान गंवानी पड़ी।
काफी समय पहले इसी घर में शांति निकेतन के नाम से स्कूल संचालित होता था, जो बाद में बंद कर दिया गया था। मकान मालिक ने घर में चार किराएदार रख लिए थे। समय बीतता गया और घर भी जर्जर होता चला गया। घर गली में होने जलभराव और अन्य समस्याएं होने से मकान मालिक ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया।
गुरुवार को बारिश में जर्जर छत ढह गई और सफाईकर्मी की जान चली गई। अब पत्नी नीलू के सामने बच्चों के पालन-पोषण का संकट हो गया है। गनीमत रही कि पत्नी और तीनों बच्चे घर से बाहर थे, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी।
एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि पूरा घर जर्जर है, उसी घर में तीन और किराएदार हैं। उन्हें सदर तहसील के पास बनी काशीराम कॉलोनी में शिफ्ट कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
ईओ ने विकास यूएसडीए पर फोड़ा ठीकरा
ईओ संजय गौतम ने बताया कि जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण कराने की जिम्मेदारी उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) की है। वही भवनों के नक्शे जारी करता है। इस कारण जर्जर भवनों को नोटिस व गिराने की जिम्मेदारी यूएसडीए को दे दी गई है। नगर पालिका प्रशासन का अब इससे कोई मतलब नहीं रह गया है।

फोटो-11- जितेंद्र कुमार (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन- फोटो : राम मंदिर में निर्माणाधीन परकोटा व दर्शन को जाते श्रद्धालु

फोटो-11- जितेंद्र कुमार (फाइल फोटो)। स्रोत: परिजन- फोटो : राम मंदिर में निर्माणाधीन परकोटा व दर्शन को जाते श्रद्धालु