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Unnao News: 30 बेड के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुए 79 मरीज
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फोटो-13-गेट बंद करने के बाद गार्डों से नोकझोंक करते तीमारदार। संवाद
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उन्नाव। जिला अस्पताल में बुधवार को संक्रामक बीमारियों के मरीजों की भीड़ से इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त हो गईं। भीड़ पर काबू पाने के लिए गार्डों ने तीमारदारों को वार्ड से बाहर कर इमरजेंसी गेट बंद कर दिए। इस पर तीमारदारों और गार्डों के बीच नोकझोंक भी हुई।
संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से जिला अस्पताल में संचालित 30 बेड़ के इमरजेंसी वार्ड पर मरीजों की भीड़ बढ़ गई। बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में बुखार, डायरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के 79 मरीज भर्ती किए गए। बेड़ खाली नहीं बचे तो अस्पताल प्रशासन ने कई मरीजों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कराकर बेड खाली कराए। इसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
इस दौरान मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों की भीड़ से इमरजेंसी की व्यवस्थाएं प्रभावित होते देख मौजूद गार्डों ने उन्हें वार्ड से बाहर निकालकर गेट बंद कर दिया। इससे तीमारदार व गार्डों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मामले की जानकारी होने पर ड्यूटी डॉक्टर मौके पर पहुंचे और तीमारदारों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के कारण संक्रामक बीमारियों के मामले बढ़े हैं। इससे व्यवस्थाएं कुछ प्रभावित हो रही हैं। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बेड़ व स्टाफ तैनात कर मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर मरीज कार्यालय आकर जानकारी दे सकते हैं।
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संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से जिला अस्पताल में संचालित 30 बेड़ के इमरजेंसी वार्ड पर मरीजों की भीड़ बढ़ गई। बुधवार को इमरजेंसी वार्ड में बुखार, डायरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के 79 मरीज भर्ती किए गए। बेड़ खाली नहीं बचे तो अस्पताल प्रशासन ने कई मरीजों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कराकर बेड खाली कराए। इसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
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इस दौरान मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों की भीड़ से इमरजेंसी की व्यवस्थाएं प्रभावित होते देख मौजूद गार्डों ने उन्हें वार्ड से बाहर निकालकर गेट बंद कर दिया। इससे तीमारदार व गार्डों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मामले की जानकारी होने पर ड्यूटी डॉक्टर मौके पर पहुंचे और तीमारदारों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के कारण संक्रामक बीमारियों के मामले बढ़े हैं। इससे व्यवस्थाएं कुछ प्रभावित हो रही हैं। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बेड़ व स्टाफ तैनात कर मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर मरीज कार्यालय आकर जानकारी दे सकते हैं।