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आवेदन से चूके हजारों आवेदक
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 21 Feb 2015 12:00 AM IST
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उन्नाव। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत भरे जाने वाले फार्मों की समयसीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई। इसके बाद भी हजारों आवेदक फार्म भरने से चूक गए। कहीं पर खाता न खुल पाने से महिलाएं अपना आवेदन नहीं कर सकीं तो कहीं पर सर्वर ने धोखा दिया। हर ब्लाक में कमोबेश यही स्थिति बनी रही।
मालूम हो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वर्तमान समय में राशनकार्ड परिवार की महिला मुखिया के नाम से बनाने के लिए फार्म भरने का काम तेजी के साथ चल रहा था।
आवेदन फार्म भरने की अंतिम तिथि 20 फरवरी थी। शुक्रवार को निर्धारित समयसीमा बीत गई इसके बाद भी भारी संख्या में लोग अपना आवेदन करने से वंचित रह गए। गंजमुरादाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, बैंक में खाते न खुल पाने के कारण करीब 50 फीसदी महिलाएं अपने राशनकार्ड के लिए आवेदन नहीं कर पाई हैं।
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बताया जाता है कि महिला मुखिया का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता अनिवार्य है। कस्बे में हजारों ऐसी महिलाएं हैं जिनका अभी तक खाता नहीं खुला है। बताया जा रहा है कि भले ही सैकड़ों महिलाओं के खाते न खुल पाए हो पर कुछ के लिए यह योजना कमाई का जरिया बन गई है। बैंक में खाते खुलवाने के लिए आवेदन फार्म भरने और नगर पंचायत कार्यालय में राशनकार्ड के लिए आवेदन फार्म भरने के लिए नगर के कई लोग अपनी दुकानें खोलकर बैठ गए और प्रति फार्म 20-30 रुपए वसूली की।
नगर की मखाना, कमर जहां, वहीदा, रमजाना, रामदेवी, कुसुमा देवी, संतोषा, रामकटोरी आदि ने डीएम से आवेदन फार्म जमा करने की तिथि बढ़ाने की मांग की है। हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक क्षेत्र में सैकड़ों लोग राशनकार्ड बनवाने से वंचित रह गए। मौला बांकीपुर के हसरुद्दीन ने बताया कि उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनने वाले राशनकार्ड की जानकारी ही नहीं हो पाई।
बीडीसी संदीप यादव ने कहा कि गांव में किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। न ही कोई सूची लगवाई गई और ना ही किसी प्रकार की डुग्गी आदि ही पिटवाई गई। इसके चलते लोगों को आवेदन फार्म जमा करने की जानकारी ही नहीं हो सकी।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भरे जाने वाले फार्मों की अंतिम तारीख 20 फरवरी थी। अभी तारीख आगे बढ़ने की कोई जानकारी नहीं है।- विवेक चतुर्वेदी, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी उन्नाव।
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मालूम हो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वर्तमान समय में राशनकार्ड परिवार की महिला मुखिया के नाम से बनाने के लिए फार्म भरने का काम तेजी के साथ चल रहा था।
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आवेदन फार्म भरने की अंतिम तिथि 20 फरवरी थी। शुक्रवार को निर्धारित समयसीमा बीत गई इसके बाद भी भारी संख्या में लोग अपना आवेदन करने से वंचित रह गए। गंजमुरादाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, बैंक में खाते न खुल पाने के कारण करीब 50 फीसदी महिलाएं अपने राशनकार्ड के लिए आवेदन नहीं कर पाई हैं।
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बताया जाता है कि महिला मुखिया का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता अनिवार्य है। कस्बे में हजारों ऐसी महिलाएं हैं जिनका अभी तक खाता नहीं खुला है। बताया जा रहा है कि भले ही सैकड़ों महिलाओं के खाते न खुल पाए हो पर कुछ के लिए यह योजना कमाई का जरिया बन गई है। बैंक में खाते खुलवाने के लिए आवेदन फार्म भरने और नगर पंचायत कार्यालय में राशनकार्ड के लिए आवेदन फार्म भरने के लिए नगर के कई लोग अपनी दुकानें खोलकर बैठ गए और प्रति फार्म 20-30 रुपए वसूली की।
नगर की मखाना, कमर जहां, वहीदा, रमजाना, रामदेवी, कुसुमा देवी, संतोषा, रामकटोरी आदि ने डीएम से आवेदन फार्म जमा करने की तिथि बढ़ाने की मांग की है। हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक क्षेत्र में सैकड़ों लोग राशनकार्ड बनवाने से वंचित रह गए। मौला बांकीपुर के हसरुद्दीन ने बताया कि उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनने वाले राशनकार्ड की जानकारी ही नहीं हो पाई।
बीडीसी संदीप यादव ने कहा कि गांव में किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। न ही कोई सूची लगवाई गई और ना ही किसी प्रकार की डुग्गी आदि ही पिटवाई गई। इसके चलते लोगों को आवेदन फार्म जमा करने की जानकारी ही नहीं हो सकी।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भरे जाने वाले फार्मों की अंतिम तारीख 20 फरवरी थी। अभी तारीख आगे बढ़ने की कोई जानकारी नहीं है।- विवेक चतुर्वेदी, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी उन्नाव।