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Unnao News: हाईवे के डायवर्जन प्वाइंट को छोड़कर नहर साइड में गर्डर रखने का काम शुरू
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उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक मोड़ के पास निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के जंक्शन में मुख्य मार्ग को छोड़ कर नहर साइड से गर्डर रखने का काम शुरू कराया गया है। मुख्य मार्ग पर रूट डायवर्जन लागू होने से वाहनों को रेंगते हुए निकलना पड़ रहा है। पहले हाईवे पर काम होता तो राहगीरों को बड़ी राहत मिलती।
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक मोड़ के पास गंगा एक्सप्रेसवे का जंक्शन निर्माणाधीन है। 20 अक्तूबर को शुरू कराए गए काम के लिए मोड़ के पास से डायवर्जन लागू किया गया था। तबसे यहां से एक ही लेन से वाहन निकाले जा रहे हैं। करीब 15 दिन तक डायवर्जन की बात कही गई थी लेकिन आज भी वाहन एक ही लेन से निकले रहे हैं।
दिवाली की छुट्टी के बाद सोमवार से काम शुरू कराया गया। बड़ी बात यह है कि नहर के पास से गर्डर रखने का काम शुरू हुआ है। जबकि हाईवे पर अभी 32 में केवल 16 गर्डर ही रखे गए हैं। लोगों का कहना था कि पहले हाईवे पर काम शुरू कराया जाना था। यहां पर काम पूरा होने के बाद डायवर्जन खत्म हो जाता। इससे लोगों को आवागमन में राहत मिलती। वहीं, नहर क्षेत्र में पहले काम से डायवर्जन खत्म नहीं होगा और वाहनों को रेंगते हुए ही निकलना पड़ेगा। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर बलराम सिंह ने बताया कि पहले नहर का काम होगा। इसके बाद हाईवे पर गर्डर रखने का काम कराया जाएगा। बताया कि अभी 10 दिन बाद किसानों को पानी की आवश्यकता होगी। इसलिए नहर पर पहले काम कराया जा रहा है।ै
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कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक मोड़ के पास गंगा एक्सप्रेसवे का जंक्शन निर्माणाधीन है। 20 अक्तूबर को शुरू कराए गए काम के लिए मोड़ के पास से डायवर्जन लागू किया गया था। तबसे यहां से एक ही लेन से वाहन निकाले जा रहे हैं। करीब 15 दिन तक डायवर्जन की बात कही गई थी लेकिन आज भी वाहन एक ही लेन से निकले रहे हैं।
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दिवाली की छुट्टी के बाद सोमवार से काम शुरू कराया गया। बड़ी बात यह है कि नहर के पास से गर्डर रखने का काम शुरू हुआ है। जबकि हाईवे पर अभी 32 में केवल 16 गर्डर ही रखे गए हैं। लोगों का कहना था कि पहले हाईवे पर काम शुरू कराया जाना था। यहां पर काम पूरा होने के बाद डायवर्जन खत्म हो जाता। इससे लोगों को आवागमन में राहत मिलती। वहीं, नहर क्षेत्र में पहले काम से डायवर्जन खत्म नहीं होगा और वाहनों को रेंगते हुए ही निकलना पड़ेगा। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर बलराम सिंह ने बताया कि पहले नहर का काम होगा। इसके बाद हाईवे पर गर्डर रखने का काम कराया जाएगा। बताया कि अभी 10 दिन बाद किसानों को पानी की आवश्यकता होगी। इसलिए नहर पर पहले काम कराया जा रहा है।ै
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