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सड़क हादसे में छात्र की मौत, अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो उन्नाव
Updated Thu, 22 Oct 2015 11:39 PM IST
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उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार छात्र की मौत हो गई। पुलिस की हीलाहवाली से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पहले तो पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाने में देरी की। बाद में डॉक्टर को दिखाने के बजाए सीधे मर्चरी में रखवा दिया। अगर पुलिस लापरवाही न बरतती तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस काफी मशक्कत के बाद मामला शांत करा पाई।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव चिलौला निवासी दीपेश सिंह (20) पुत्र सत्येंद्र सिंह गुरुवार शाम स्कूटी से उन्नाव आया था। शाम लगभग चार बजे घर लौट रहा था। शेखपुर के निकट किसी वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दी। लोगों की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को पहले अस्पताल पहुंचाने के बजाए तफ्तीश करती रही।
छात्र की जेब से मिले आई कार्ड से उसकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी गई। जानकारी होने पर जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दीपेश को बिना डॉक्टर को दिखाए मर्चरी में रखवा देने का आरोप लगाया।
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परिजनों ने कहा कि अगर पुलिस उसे समय से अस्पताल पहुंचा देती तो शायद जान बच जाती। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस दलबल के साथ जिला अस्पताल पहुंची और हंगामा शांत कराया। दीपेश कानपुर डीएवी में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। दो भाइयों में वह बड़ा था। सीओ आरके सिंह ने बताया कि छात्र की मौत मौके पर ही मौत हो गई थी।
अन्य सड़क हादसों में चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां से डॉक्टरों ने दो को गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अजगैन के निकट बाइक सवार रामबाबू (50) व दीपक (26) पुत्र गंगा प्रसाद निवासी नुरुदीनगर कोतवाली को वाहन ने टक्कर मार दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हाईवे एंबुलेंस घायलों को अस्पताल लाई। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। बीघापुर थाना क्षेत्र के सातन में रहने वाले श्रीराम (27) पुत्र गणेश को अज्ञात कारणों से घायल होने पर चाचा बाबू जिला अस्पताल लाए। यहां इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। कानपुर के महाराजपुर में रहने वाले दीपक (35) पुत्र दशरथ सरोसी के पास घायलावस्था में पड़े थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव चिलौला निवासी दीपेश सिंह (20) पुत्र सत्येंद्र सिंह गुरुवार शाम स्कूटी से उन्नाव आया था। शाम लगभग चार बजे घर लौट रहा था। शेखपुर के निकट किसी वाहन ने स्कूटी में टक्कर मार दी। लोगों की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को पहले अस्पताल पहुंचाने के बजाए तफ्तीश करती रही।
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छात्र की जेब से मिले आई कार्ड से उसकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी गई। जानकारी होने पर जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दीपेश को बिना डॉक्टर को दिखाए मर्चरी में रखवा देने का आरोप लगाया।
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परिजनों ने कहा कि अगर पुलिस उसे समय से अस्पताल पहुंचा देती तो शायद जान बच जाती। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस दलबल के साथ जिला अस्पताल पहुंची और हंगामा शांत कराया। दीपेश कानपुर डीएवी में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। दो भाइयों में वह बड़ा था। सीओ आरके सिंह ने बताया कि छात्र की मौत मौके पर ही मौत हो गई थी।
अन्य सड़क हादसों में चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां से डॉक्टरों ने दो को गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अजगैन के निकट बाइक सवार रामबाबू (50) व दीपक (26) पुत्र गंगा प्रसाद निवासी नुरुदीनगर कोतवाली को वाहन ने टक्कर मार दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हाईवे एंबुलेंस घायलों को अस्पताल लाई। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। बीघापुर थाना क्षेत्र के सातन में रहने वाले श्रीराम (27) पुत्र गणेश को अज्ञात कारणों से घायल होने पर चाचा बाबू जिला अस्पताल लाए। यहां इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। कानपुर के महाराजपुर में रहने वाले दीपक (35) पुत्र दशरथ सरोसी के पास घायलावस्था में पड़े थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।