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फिर कलकल करेगा सई का जल
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:50 AM IST
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तहसील क्षेत्र से गुजरने वाली ऐतिहासिक सईं नदी अपना अस्तित्व खोती जा रही है। कस्बे का गंदा पानी इसी नदी में गिरता है, जिससे नदी गंदगी से पटी है। मोहान नगर पंचायत प्रशासन ने इसकी साफ सफाई कर नदी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। इससे लोगों को उम्मीद जगी है। लोग नगर पंचायत के इस प्रयास की सराहना करते हुए श्रमदान करने की बात कह रहे हैं।
हरदोई, उन्नाव, लखनऊ और रायबरेली की सीमा से लगी सई नदी मशहूर शायर हजरत मोहानी के कस्बा मोहान से गुजरती है। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व रखने वाली यह नदी गंदगी के चलते अस्तित्व खो रही है। मोहान कसबा के दो बड़े नालों का गंदा पानी सीधे इसी नदी में गिरता है। इसमें एक नाला मंदिर के पीछे और दूसरा वन विभाग के बगल में है। इसी गंदगी के चलते नदी का स्वरूप पूरी तरह से बिगड़ चुका है।
साफ स्वच्छ जल के बजाए नदी में गंदगी नजर आती है। सईं नदी के किनारे पौराणिक जालेश्वरनाथ मंदिर स्थित है। बुजुर्ग बताते हैं कि इसकी स्थापना भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने त्रेतायुग में की थी। सईं नदी में लक्ष्मण ने स्नान भी किया था। उसके बाद मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा की थी। नदी व मंदिर ने मां सीता का भी मनमोह लिया था। ऐसी मान्यता है कि तभी इस क्षेत्र का नाम मोहान पड़ा। यह शिव मंदिर जालेश्वरनाथ के नाम पर प्रसिद्ध हुआ। कहा जाता है कि चाहे जितनी बाढ़ आ जाए। पानी मंदिर तक तो पहुंच जाता है लेकिन कभी मूर्ति का स्पर्श नहीं करता है। इसी मान्यता के आधार पर आसपास क्षेत्र के भारी संख्या में भक्त मंदिर में पहुंचकर पूजन करते हैं।
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पहले सईं नदी के स्वच्छ जल में स्नान के लिए रविवार को विशेष भीड़ होती थी। लेकिन जैसे-जैसे नदी का पानी गंदा होने लगा लोगों ने इससे दूरी बना ली। इसको देखते हुए अब नगर पंचायत मोहान के चेयरमैन समरजीत यादव व अधिशाषी अधिकारी मुकेश कुमार निगम ने सईं नदी के जल को स्वच्छ बनाने का बीणा उठाया है। भारत स्वच्छता मिशन के तहत पहली बार नदी की साफ सफाई की जा रही है। इससे आसपास के लोगों में काफी खुशी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि शायद इसी बहाने नदी का पुराना स्वरूप उसे वापस मिल जाए।
सईं नदी चार जिलों को जोड़ती है। यह हरदोई जिले के छवण से प्रारंभ होती है और उन्नाव से लखनऊ होते हुए रायबरेली जाती है। जानकार बताते हैं कि जिन क्षेत्रों और गांवों के निकट से सईं नदी गुजरी है वहां पर कभी सूखा नहीं पड़ता है। हसनगंज के भोगला, रानीखेड़ा, असुरनखेड़ा, हसनगंज, सलेमपुर व कस्बा मोहान सहित कई गांवों के निकट से सईं नदी गुजरती है।
अब नगर पंचायत मोहान की ओर से नदी किनारे शमशान घाट का निर्माण कराया जा रहा है। ईओ मुकेश कुमार निगम ने बताया कि सफाई के बाद भी जो गंदगी फैलाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। चेयरमैन समरजीत यादव ने बताया कि मंदिर जाने वाले रास्ते पर इंटर लाकिंग, मंदिर में सीढ़ी और उसका सुंदरीकरण भी कराया जाएगा।
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हरदोई, उन्नाव, लखनऊ और रायबरेली की सीमा से लगी सई नदी मशहूर शायर हजरत मोहानी के कस्बा मोहान से गुजरती है। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व रखने वाली यह नदी गंदगी के चलते अस्तित्व खो रही है। मोहान कसबा के दो बड़े नालों का गंदा पानी सीधे इसी नदी में गिरता है। इसमें एक नाला मंदिर के पीछे और दूसरा वन विभाग के बगल में है। इसी गंदगी के चलते नदी का स्वरूप पूरी तरह से बिगड़ चुका है।
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साफ स्वच्छ जल के बजाए नदी में गंदगी नजर आती है। सईं नदी के किनारे पौराणिक जालेश्वरनाथ मंदिर स्थित है। बुजुर्ग बताते हैं कि इसकी स्थापना भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने त्रेतायुग में की थी। सईं नदी में लक्ष्मण ने स्नान भी किया था। उसके बाद मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा की थी। नदी व मंदिर ने मां सीता का भी मनमोह लिया था। ऐसी मान्यता है कि तभी इस क्षेत्र का नाम मोहान पड़ा। यह शिव मंदिर जालेश्वरनाथ के नाम पर प्रसिद्ध हुआ। कहा जाता है कि चाहे जितनी बाढ़ आ जाए। पानी मंदिर तक तो पहुंच जाता है लेकिन कभी मूर्ति का स्पर्श नहीं करता है। इसी मान्यता के आधार पर आसपास क्षेत्र के भारी संख्या में भक्त मंदिर में पहुंचकर पूजन करते हैं।
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पहले सईं नदी के स्वच्छ जल में स्नान के लिए रविवार को विशेष भीड़ होती थी। लेकिन जैसे-जैसे नदी का पानी गंदा होने लगा लोगों ने इससे दूरी बना ली। इसको देखते हुए अब नगर पंचायत मोहान के चेयरमैन समरजीत यादव व अधिशाषी अधिकारी मुकेश कुमार निगम ने सईं नदी के जल को स्वच्छ बनाने का बीणा उठाया है। भारत स्वच्छता मिशन के तहत पहली बार नदी की साफ सफाई की जा रही है। इससे आसपास के लोगों में काफी खुशी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि शायद इसी बहाने नदी का पुराना स्वरूप उसे वापस मिल जाए।
सईं नदी चार जिलों को जोड़ती है। यह हरदोई जिले के छवण से प्रारंभ होती है और उन्नाव से लखनऊ होते हुए रायबरेली जाती है। जानकार बताते हैं कि जिन क्षेत्रों और गांवों के निकट से सईं नदी गुजरी है वहां पर कभी सूखा नहीं पड़ता है। हसनगंज के भोगला, रानीखेड़ा, असुरनखेड़ा, हसनगंज, सलेमपुर व कस्बा मोहान सहित कई गांवों के निकट से सईं नदी गुजरती है।
अब नगर पंचायत मोहान की ओर से नदी किनारे शमशान घाट का निर्माण कराया जा रहा है। ईओ मुकेश कुमार निगम ने बताया कि सफाई के बाद भी जो गंदगी फैलाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। चेयरमैन समरजीत यादव ने बताया कि मंदिर जाने वाले रास्ते पर इंटर लाकिंग, मंदिर में सीढ़ी और उसका सुंदरीकरण भी कराया जाएगा।