फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Repairs worth 92 crores could not withstand even one rain

Unnao News: 92 करोड़ की मरम्मत एक बारिश भी नहीं झेल पाई

Wed, 16 Jul 2025 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Wed, 16 Jul 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
Repairs worth 92 crores could not withstand even one rain
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सुगम सफर अभी दूर की कौड़ी है। 82 किमी का सफर कई सालों से दुश्वारियों से भरा है। हिचकोले खाते हुए वाहन सवार कानपुर से लखनऊ आते जाते हैं। लंबे इंतजार के बाद हाईवे की सड़क बनाने का काम शुरू हुआ तो निर्माण एजेंसी की सुस्ती भारी पड़ी है। निर्माण एजेंसी को हाईवे की लेन पर पहली परत (ओवर-ले) बिछाने में नौ माह का समय लग गया। दूसरी परत का काम शुरू हो पाता इससे पहले मानसून आ गया। हालात यह हैं कि 15 सेमी की पहली परत ओवरलोडिंग की मार नहीं झेल पा रही है। कहीं सड़क फूल गई है तो कहीं उखड़ गई है।
विज्ञापन

जर्जर हो चुके लखनऊ-कानपुर हाईवे के सुधार के लिए लोगों को पांच साल का इंतजार करना पड़ा। ठेका प्रक्रिया पूरी होने में एक साल लग गया। काफी इंतजार के बाद एनएचएआई ने मार्च 2024 में जीएस एक्सप्रेस को 92 करोड़ का ठेका दिया। निर्माण एजेंसी ने सबसे पहले सड़क की उपरी परत को मशीनों से उखाड़ कर नई परत (ओवर-ले) बिछाने का काम शुरू किया, लेकिन काम की रफ्तार इतनी सुस्त रही कि नौ महीने में केवल पहली परत ही बिछाई जा सकी। इस दौरान जगह-जगह डायवर्जन की वजह से हाईवे पर सफर करने वालों को रोजाना घंटों जाम से जूझना पड़ा। किसी तरह जून में पहले चरण का काम हो पाया, इसके बाद बारिश शुरू हो गई। इससे दूसरे चरण का काम रोक दिया गया। हालत यह है कि पतली सी परत भारी वाहनों का बोझ नहीं सह पा रही है।
विज्ञापन

जुलाई महीने के बीते 15 दिन में सात दिन ही तेज बारिश हुई और खोखली सड़क की सच्चाई सामने आ गई। आजाद मार्ग चौराहा, बंथर औद्योगिक क्षेत्र, नरी, दही चौकी, मुतर्जनगर, नवाबगंज और सोहरामऊ तक 60 किलोमीटर में करीब 900 छोटे-बड़े गड्ढे और 400 स्थानों पर सड़क फूल गई है। भारी वाहनों के निकलने के दौरान कंक्रीट और डामर की परत के अंदर से पानी और रेत बाहर निकलती है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
नाला भी अधूरा, बना रहा हादसों की वजह
अचलगंज (उन्नाव)। आजाद मार्ग चौराहा के पास से नरी गांव के पास तक एनएचएआई, हाईवे के दोनों तरफ 700-700 मीटर लंबा नाला का निर्माण करा रहा है। मई में शुरू हुआ काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के ढेर लगे होने से हाईवे का फुटपाथ खत्म हो गया है। दो पहिया व अन्य हल्के वाहन सवार भारी वाहनों को साइड नहीं दे पाते और हादसे का शिकार हो जाते हैं। चार जुलाई को एक ट्रक चेसिस अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में चली गई थी। फुटपाथ और हाईवे से नीचे उतरने की जगह न होने से बाइक सवार तीन श्रमिक व एक महिला की चपेट में आकर मौत हो गई थी। इसके बाद भी नाला बनाने और सड़क पर फैली मिट्टी को हटाने पर ध्यान नहीं दिया गया। (संवाद)
--
ये काम भी नहीं हुए पूरे
उन्नाव में कानपुर की तरफ जाजमऊ से लखनऊ सीमा पर बनी स्थित सई नदी पुल तक सड़क के दोनों तरफ स्टील ग्रिल, डिवाइडर के अवैध कट बंद करने और स्टील ग्रिल लगाने का काम, प्रमुख चौराहों, तिराहों और ओवर ब्रिज पर मार्ग प्रकाश की व्यवस्था। रोड साइन और मार्ग संकेतक लगाने का काम भी अधूरा है।

--
क्या कहते हैं जिम्मेदार
बारिश की वजह से हाईवे की सड़क में दूसरे ओवर-ले का काम नहीं हो पा रहा है। मौसम साफ होते ही शुरू कर दिया जाएगा। कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन की सड़क टूटी है। इसी लेन से खनिज व अन्य भारी वाहन ज्यादा चलते हैं। लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन को नुकसान नहीं हुआ है। नरी के पास नाला निर्माण का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। हाईवे की मरम्मत और पांच साल तक रखरखाव के लिए एजेंसी को 92 करोड़ का ठेका दिया गया है।
अभय कुमार, एनएचएआई इंजीनियर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed