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मुबारक माह-ए-रमजान आज से

Sun, 28 May 2017 12:11 AM IST
उन्नाव
उन्नाव Updated Sun, 28 May 2017 12:11 AM IST
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Mubarak Maha-e-Ramjan from today
कसाई चौराहे पर सूतफेनी व अन्य खानपान समाग्री की खरीदारी करते खरीदार। - फोटो : अमर उजाला

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मुस्लिमों का पाक माह-ए-रमजान आज से शुरू हो गया। शनिवार शाम को चांद दिखते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को माह-ए-रमजान की मुबारकबाद दी। इसके बाद रात से तरावीह की नमाजों का दौर शुरू हो गया। वहीं रोजेदारों ने सहरी व इफ्तार के लिए खरीदारी की।

शनिवार शहर के धवनरोड स्थित बाजार में खरीदारी के लिए काफी भीड़ देखी गई। शाम सात बजे के बाद चांद दिखा तो मुस्लिमों में खुशी की लहर दौड़ गई। इसके साथ ही माहे रमजान की शुरुआत हो गई। लोगों ने रात 9 बजे नजदीक की मस्जिदों में जाकर तरावीह की नमाज अदा की। इसके साथ ही रोजा रखने का सिलसिला शुरू हो गया। अगले 30 दिनों तक मुस्लिम समुदाय के लोग इस फर्ज अराकान को रोजा रखकर अदा करेंगे।
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इस बार अल्लाह तआला रोजेदारों के सब्र का इम्तहान लेगा क्योंकि जानकार बताते हैं कि रोजा लगभग 15:30 घंटे से अधिक का होगा। इस समय गर्मी अपने चरम पर चल रही है। तेज धूप लोगों का हाल बेहाल कर रही है। सूरज की तपिश आग उगल रही हैं। ऐसे में रोजेदारों को घंटो तक भूखे प्यासे रहकर अल्लाह तआला की कसौटी पर खरा उतरना होगा। शहर काजी मौलाना निसार अहमद मिस्बाही ने बताया कि हर आकिल और बालिग पर रोजा फर्ज है। इसे जरूर अदा करना चाहिए। अल्लाह रोजेदारों से बहुत खुश होता है। इसकी जजा खुदा खुद देता है।
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चांद देखकर ही शुरू व खत्म होती तरावीह
उन्नाव। तरावीह की नमाज रमजान का चांद देखने से शुरू होती है और ईद का चांद देखने के साथ ही खत्म होती है। यह बात शहर काजी मौलाना निसार अहमद मिस्बाही ने बताई। तरावीह में कम से कम एक कलामे पाक मुकम्मल किया जाता है। तरावीह चांद के आधार पर 29 या 30 दिन की होती है। रमजान पाक के महीने में पहले खलीफा हजरत अबू बक्र सिद्दीक में इशा (रात की) की नमाज के बाद तरावीह की बीस रकअत नमाज अदा करने की परंपरा शुरू की थी।

इन बीस रकअत नमाजों में पूरे माह में कलामे पाक के तीस पारों की तिलावत की जाती है। उन्होंने बताया कि अक्सर मस्जिदों में लोगों की सहूलियत को देखते हुए छह से दस दिन में कलामे पाक का एक दौर मुकम्मल कर दिया जाता है। कलामे पाक का एक दौर मुकम्मल (पूर्ण) होने का मतलब यह नहीं है कि तरावीह खत्म हो गई। ईद का चंाद देखकर ही तरावीह की यह बीस रकअत नमाजें बंद की जाएंगी इसके पहले नहीं। उन्होंने सभी नमाजियों से अपील किया कि छह, दस या पंद्रह दिन में कलामे पाक का दौर मुकम्मल हो जाने के बाद तरावीह की नमाजें पढ़ना न छोड़ें।


मस्जिदों की सफाई की सुध नहीं
माहे रमजान की शुरुआत शनिवार से हो गई है। एक पखवाड़ा से जिला प्रशासन मस्जिदों के आसपास साफ सुथरा करने का अभियान चलाने का दावा कर रहा था, मगर असल हकीकत में तस्वीर विपरीत है। शहर की कुछ मस्जिदों के आसपास व जाने वाले रास्ते शनिवार देर शाम तक गंदगी से पटे रहे। सफाई न होने से मुस्लिम समाज के लोगों में प्रशासन के प्रति काफी गुस्सा नजर आया। ईओ एनके मिश्र ने बताया कि देर रात तक सफाई अभियान पूरा कर लिया जाएगा।
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