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इस्लामनगर व जेरा में फैला खसरा, 18 बीमार
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:04 AM IST
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जेरा गांव में बीमार बच्चों का चेकअप करते एसीएमओ डा. आरके गौतम
- फोटो : अमर उजाला
पुरवा तहसील के गांव जेरा व इस्लामनगर में तीन दिन से फैल रहा खसरा अभी भीथमा नहीं है। मंगलवार को गांव में दर्जनों बच्चे इसकी चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंच कर पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस्लामनगर में आठ और जेरा गांव में अब तक 10 मरीज चिन्हित किए गए। बीमार व हल्के लक्षण नजर आने पर बच्चों को खसरे से बचाव के टीके लगाए गए। इनका ब्लड सैंपल लिया गया। सैंपल को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
जेरा व इस्लामनगर में बीस बच्चे खसरे से पीड़ित हैं। लगभग तीन दिनों से बच्चे बीमार थे। परिजन पहले घरेलू उपचार करते रहे। मंगलवार सुबह बच्चों की हालत बिगड़ती देख स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना के बाद एसीएमओ डा. आरके गौतम टीम के साथ गांव पहुंचे और मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
इसमें इस्लामनगर में निर्मला (10) पुत्री राकेश, अनिकेत (6) पुत्र रामकृष्ण, राज (3) पुत्र रामू, मोहित (12) पुत्र राज भदौरिया, मोहन (7) पुत्र धुन्नीलाल, सरवन (9) पुत्र रमेश व अभिषेक (2) पुत्र राकेश के अलावा जेरा निवासी अनुराग (6) पुत्र रामराज, नेहा (8) पुत्री कमलेश, नीरज (8) पुत्र बुद्धीलाल, लक्ष्मी (6), सोनाली(9) व रोली (10) पुत्री मुन्नीलाल, काजल, प्रियांशु, कोमल व योगेंद्र पुत्रगण राजेश खसरे की बीमारी से पीड़ित मिले। इनके ब्लड सैंपल लिए गए। स्वास्थ्य टीम में डा. नेहा, डा. पंकज व डा. अखिलेश शामिल रहे।
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एसीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए टीके लगवाना अनिवार्य है। बच्चों के टीके लगवाए गए हैं। ब्लड सैंपल को जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा जाएगा।
गांवों में गंदगी का अंबार
इस्लामनगर गांव में खसरा का प्रकोप फैलने के बाद भी वहां साफ-सफाई नहीं कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची तो बच्चे गंदगी में खेलते मिले। इस पर एसीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को ग्राम प्रधान से मिलकर गांव की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए। इस बीमारी में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।
खसरे से बचाव के उपाय
- खसरे से बचाव के लिए बच्चों को नौ माह व डेढ़ साल में खसरे का टीका अवश्य लगवाएं।
- बुखार आने पर पट्टी करने के साथ ही रोधक क्षमता वाली दवाएं देते रहें।
- विटामिन ए की दवा अवश्य पिलाएं।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ।
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जेरा व इस्लामनगर में बीस बच्चे खसरे से पीड़ित हैं। लगभग तीन दिनों से बच्चे बीमार थे। परिजन पहले घरेलू उपचार करते रहे। मंगलवार सुबह बच्चों की हालत बिगड़ती देख स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। सूचना के बाद एसीएमओ डा. आरके गौतम टीम के साथ गांव पहुंचे और मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
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इसमें इस्लामनगर में निर्मला (10) पुत्री राकेश, अनिकेत (6) पुत्र रामकृष्ण, राज (3) पुत्र रामू, मोहित (12) पुत्र राज भदौरिया, मोहन (7) पुत्र धुन्नीलाल, सरवन (9) पुत्र रमेश व अभिषेक (2) पुत्र राकेश के अलावा जेरा निवासी अनुराग (6) पुत्र रामराज, नेहा (8) पुत्री कमलेश, नीरज (8) पुत्र बुद्धीलाल, लक्ष्मी (6), सोनाली(9) व रोली (10) पुत्री मुन्नीलाल, काजल, प्रियांशु, कोमल व योगेंद्र पुत्रगण राजेश खसरे की बीमारी से पीड़ित मिले। इनके ब्लड सैंपल लिए गए। स्वास्थ्य टीम में डा. नेहा, डा. पंकज व डा. अखिलेश शामिल रहे।
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एसीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए टीके लगवाना अनिवार्य है। बच्चों के टीके लगवाए गए हैं। ब्लड सैंपल को जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा जाएगा।
गांवों में गंदगी का अंबार
इस्लामनगर गांव में खसरा का प्रकोप फैलने के बाद भी वहां साफ-सफाई नहीं कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची तो बच्चे गंदगी में खेलते मिले। इस पर एसीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को ग्राम प्रधान से मिलकर गांव की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए। इस बीमारी में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।
खसरे से बचाव के उपाय
- खसरे से बचाव के लिए बच्चों को नौ माह व डेढ़ साल में खसरे का टीका अवश्य लगवाएं।
- बुखार आने पर पट्टी करने के साथ ही रोधक क्षमता वाली दवाएं देते रहें।
- विटामिन ए की दवा अवश्य पिलाएं।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ।