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स्वास्थ्य केंद्र पर ताले, न दवाएं, न डॉक्टर
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उन्नाव। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित कई स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटक रहे हैं। सीएचसी और पीएचसी में ओपीडी बंद चल रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
जिले में 15 सीएचसी, 6 पीएचसी व 39 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। कोरोना संक्रमण के चलते जिला अस्पताल व सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी बंद चल रही है। कई केंद्रों पर डॉक्टर न होने से ताला लगा है। इमरजेंसी सुविधा भी बंद होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सफीपुर तहसील क्षेत्र में बरीखेड़ा, सकहन राजपूतान व रूपपुर चंदेला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 दिनों से ताला लटक रहा है। 50 हजार की आबादी वाले इन गांवों में बुखार, खांसी, पेट दर्द सहित अन्य दिक्कत होने पर मरीज को 15 किलोमीटर का सफर तय कर सीएचसी आना पड़ रहा है। यहां भी ओपीडी बंद होने से इमरजेंसी में कभी डॉक्टर मिलते हैं तो कभी नहीं। सीएचसी प्रभारी डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि डॉक्टर कोविड अस्पतालों में ड्यूटी कर रहे हैं। कई स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित हैं। सीएचसी भी केवल दो डॉक्टरों के सहारे चलाई जा रही है।
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बांगरमऊ की तीन लाख की आबादी के लिए सीएचसी संचालित है। यहां डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के लगातार कोरोना संक्रमित आने से सीएचसी आए दिन बंद ही रहती है। सीएचसी के बाहर बांस बल्ली लग जाने से भी इमरजेंसी में मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं। इमरजेंसी में मरीज देख रहे डॉ. सुनील राठौर ने बताया कि दिक्कत तो है लेकिन फिर भी जो बन सकता है मरीजों के लिए करने का प्रयास किया जा रहा है।
सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के गांव कंजौरा में बने न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 दिन से ताला लटक रहा है। 25 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इसका निर्माण कराया गया था। यहां तैनात डॉक्टर व स्टॉफ को सीएचसी में अटैच कर लिया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि ओपीडी शासन के आदेश पर बंद चल रही है। पीएचसी में मरीज भी कम आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही हैं।
ओपीडी शासन के आदेश पर बंद है। सीएचसी में डॉक्टरों की अधिक आवश्यकता है। इसलिए कम चलने वाली पीएचसी के डॉक्टरों को वहां तैनात किया गया है। कुछ डॉक्टर कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहे हैं। पीएचसी बंद है तो मरीज सीएचसी जाकर दिखा सकते हैं।
-कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार, सीएमओ
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जिले में 15 सीएचसी, 6 पीएचसी व 39 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। कोरोना संक्रमण के चलते जिला अस्पताल व सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी बंद चल रही है। कई केंद्रों पर डॉक्टर न होने से ताला लगा है। इमरजेंसी सुविधा भी बंद होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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सफीपुर तहसील क्षेत्र में बरीखेड़ा, सकहन राजपूतान व रूपपुर चंदेला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 दिनों से ताला लटक रहा है। 50 हजार की आबादी वाले इन गांवों में बुखार, खांसी, पेट दर्द सहित अन्य दिक्कत होने पर मरीज को 15 किलोमीटर का सफर तय कर सीएचसी आना पड़ रहा है। यहां भी ओपीडी बंद होने से इमरजेंसी में कभी डॉक्टर मिलते हैं तो कभी नहीं। सीएचसी प्रभारी डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि डॉक्टर कोविड अस्पतालों में ड्यूटी कर रहे हैं। कई स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित हैं। सीएचसी भी केवल दो डॉक्टरों के सहारे चलाई जा रही है।
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बांगरमऊ की तीन लाख की आबादी के लिए सीएचसी संचालित है। यहां डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के लगातार कोरोना संक्रमित आने से सीएचसी आए दिन बंद ही रहती है। सीएचसी के बाहर बांस बल्ली लग जाने से भी इमरजेंसी में मरीज नहीं पहुंच पा रहे हैं। इमरजेंसी में मरीज देख रहे डॉ. सुनील राठौर ने बताया कि दिक्कत तो है लेकिन फिर भी जो बन सकता है मरीजों के लिए करने का प्रयास किया जा रहा है।
सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के गांव कंजौरा में बने न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 दिन से ताला लटक रहा है। 25 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इसका निर्माण कराया गया था। यहां तैनात डॉक्टर व स्टॉफ को सीएचसी में अटैच कर लिया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि ओपीडी शासन के आदेश पर बंद चल रही है। पीएचसी में मरीज भी कम आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही हैं।
ओपीडी शासन के आदेश पर बंद है। सीएचसी में डॉक्टरों की अधिक आवश्यकता है। इसलिए कम चलने वाली पीएचसी के डॉक्टरों को वहां तैनात किया गया है। कुछ डॉक्टर कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रहे हैं। पीएचसी बंद है तो मरीज सीएचसी जाकर दिखा सकते हैं।
-कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार, सीएमओ