फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   gosewak burn himself

फोटो नंबर-23, 24, 35, 36

Wed, 02 Feb 2022 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 12:51 AM IST
विज्ञापन
gosewak burn himself
उन्नाव में कलक्ट्रेट के बाहर अखिलेश के जलते कपड़ो को फाड़कर हटाते पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : UNNAO
उन्नाव। गोशालाओं में मवेशियों की उपेक्षा और उन्हें चारा-पानी न मिलने से आहत गोसेवक ने मंगलवार को कलक्ट्रेट के बाहर पेट्रोल डालकर खुद को लगा ली। गऊ माता की जय, गोवंश की रक्षा करो के नारे लगाते गोसेवकको लपटों में घिरा देखकर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने किसी तरह आग बुझाई। गंभीर हालत में उसे कानपुर रेफर किया गया है।
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला नरेंद्र नगर निवासी अखिलेश अवस्थी इंदिरा नगर स्थित हनुमंत जीव धाम के संचालक हैं। वह सालों से दुर्घटनाओं में घायल व बीमार मवेशियों का इलाज और सेवा कर रहे हैं। गोवंशों की उपेक्षा पर उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। मंगलवार सुबह 11 बजे अखिलेश ने कांशीराम कालोनी स्थित गोशाला का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें छह मवेशी मृत पड़े थे। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
विज्ञापन

दोपहर दो बजे अखिलेश कलक्ट्रेट पहुंचे और खुद को आग लगा ली। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आग बुझाई। कोतवाली प्रभारी अखिलेश पांडेय ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार अखिलेश करीब 35 फीसदी झुलसे हैं। परिजनों ने उन्हें कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिर्फ चुनाव पर ध्यान, गोवंशों की तड़प से अनजान
उन्नाव। गोशालाओं में मवेशियों को चारा-पानी न मिलने से परेशान अखिलेश के खुद को आग लगाने के बाद शायद प्रशासन की नींद खुल जाए। अखिलेश का कहना है कि वह बेजुबानों को तड़पता नहीं देख सकते। घटना से पहले उन्होंने कलक्ट्रेट के बाहर गऊ माता की जय, गोवंश की रक्षा करो, जागो प्रशासन और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते भी शायद यही संदेश देना चाहा।
जिला अस्पताल में भर्ती होने के दौरान गंभीर रूप से झुलसे अखिलेश ने कहा कि चुनाव में वोट बटोरने के लिए सत्ता दल के लोग बेजुबानों को पीट-पीटकर वाहनों में भरकर गोशालाओं में भेज रहे हैं। वहां न चारे-पानी की व्यवस्था है और न ठंड से बचाव के इंतजाम। एक-एक आश्रय स्थल में दर्जनों मवेशी रोज मर रहे हैं। 10-12 दिन से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कर रहे थे लेकिन लोग कहते हैं कि चलता है, रहने दो हमारा चुनाव खराब हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सीएम से कोई शिकायत नहीं है। उनका प्रयास है कि गोवंशों का उचित रखरखाव हो। इसके लिए व्यवस्था भी लागू की। लेकिन सांसद-विधायक को प्रभुता और पैसे के आगे कुछ नहीं दिखता है। एक विधायक से भी कई बार बात की। हर बार बताया कि प्रबंध हो रहे हैं। लेकिन रोज कहीं न कहीं से वीडियो आ जाते हैं। बेजुबानों को तड़पकर मरता देखकर ये कदम उठाया है। उन्हाेंने घटना से पहले गोशाला में मृत छह मवेशियों का वीडियो भी वायरल किया था। वहीं घटना की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट विजेता, सीओ सोनम सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की।

डीएम बोले, कराई थी गोशाला की जांच, नहीं मिली थी कमी
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि जिले में 190 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 17 हजार मवेशी संरक्षित किए गए हैं। प्रतिदिन अधिकारियों से समीक्षा कर रहे हैं। बताया कि दही चौकी स्थित एक निजी प्लाट में रखे गए मवेशियों के रखरखाव को लेकर समस्या की शिकायत मिली थी। उस पर एसडीएम, सीवीओ और डीपीआरओ को अलग-अलग भेजकर जांच कराई। सभी ने चारा-पानी, इलाज और ठंड से बचाव की व्यवस्था दुरुस्त होने की रिपोर्ट दी है। बताया कि अगर गड़बड़ी की शिकायत की पुष्टि होती तो जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूर करते।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed