{"_id":"5df3e0978ebc3e87bc068fb8","slug":"gang-rape-unnao-news-knp532036540","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृतका से फोन पर बात करने पर आरोपी की उसके पिता ने की थी पिटाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मृतका से फोन पर बात करने पर आरोपी की उसके पिता ने की थी पिटाई
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उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में जिस दिन युवती को जलाया गया था, उससे ठीक एक दिन पहले एक आरोपी की पीड़िता से फोन पर बात हुई थी। इसकी जानकारी होने पर आरोपी को उसके पिता ने पीटा था। साथ ही उसे घर से निकाल देने की धमकी भी दी थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी।
5 दिसंबर को बिहार की दुष्कर्म पीड़िता को जला दिया गया था। सनसनीखेज वारदात से सियासी तूफान खड़ा हुआ तो घटना का सच सामने लाने को एसआईटी गठित की गई। पुलिस सूत्रों की माने तो पीड़िता को आग लगाने की घटना से एक दिन पहले 4 दिसंबर को नामजद आरोपियों में से एक ने अपने रिश्तेदार के मोबाइल फोन से पीड़िता (अब मृतका) से बात की थी। आरोपी ने अपने फोन के बजाय रिश्तेदार के मोबाइल का प्रयोग किया।
मोबाइल कॉल डिटेल की जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया। जब पुलिस ने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी के पीड़िता से बात करने पर उसके पिता को जैसे ही पता चला, आपा खोते हुए पिता ने उसे पीट दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार 4 व 5 दिसंबर के बीच पीड़िता के मोबाइल पर 5-6 कॉर्ल आइं। इनमें केवल एक कॉल आरोपी की है जबकि अन्य कॉल उसके घरवालों की हैं।
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उन्नाव। आग से जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में तफ्तीश कर रही एसआईटी को शीघ्र ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करना है। इसके लिए एसआईटी किसी भी तथ्य को छोड़ना नहीं चाहती। सूत्रों की माने तो घटना के बाद जिले व लखनऊ की फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून, बाल समेत अन्य साक्ष्य इकट्ठा किए थे। अब एसआईटी आरोपियों का डीएनए टेस्ट मिले साक्ष्यों से मिलान करा यह पता लगाएगी कि इससे आरोपियों का कोई संबंध तो नहीं है। सूत्रों की माने तो शीघ्र ही एसआईटी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराएगी।
बिहारकांड की जांच कर रही एसआईटी की एक टीम ने गुरुवार को रायबरेली जाकर चैटिंग में चर्चा में आए वकील के बयान दर्ज किए। सूत्रों की माने तो वकील ने अपने बयानों में पीड़िता के साथ वकील और मुवक्किल के वाले ही संबंध होने की बात स्वीकार की है। उसने वायरल चैटिंग पर भी सवाल उठा जांच की मांग की है।
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5 दिसंबर को बिहार की दुष्कर्म पीड़िता को जला दिया गया था। सनसनीखेज वारदात से सियासी तूफान खड़ा हुआ तो घटना का सच सामने लाने को एसआईटी गठित की गई। पुलिस सूत्रों की माने तो पीड़िता को आग लगाने की घटना से एक दिन पहले 4 दिसंबर को नामजद आरोपियों में से एक ने अपने रिश्तेदार के मोबाइल फोन से पीड़िता (अब मृतका) से बात की थी। आरोपी ने अपने फोन के बजाय रिश्तेदार के मोबाइल का प्रयोग किया।
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मोबाइल कॉल डिटेल की जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया। जब पुलिस ने आरोपी के परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी के पीड़िता से बात करने पर उसके पिता को जैसे ही पता चला, आपा खोते हुए पिता ने उसे पीट दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार 4 व 5 दिसंबर के बीच पीड़िता के मोबाइल पर 5-6 कॉर्ल आइं। इनमें केवल एक कॉल आरोपी की है जबकि अन्य कॉल उसके घरवालों की हैं।
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उन्नाव। आग से जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में तफ्तीश कर रही एसआईटी को शीघ्र ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करना है। इसके लिए एसआईटी किसी भी तथ्य को छोड़ना नहीं चाहती। सूत्रों की माने तो घटना के बाद जिले व लखनऊ की फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून, बाल समेत अन्य साक्ष्य इकट्ठा किए थे। अब एसआईटी आरोपियों का डीएनए टेस्ट मिले साक्ष्यों से मिलान करा यह पता लगाएगी कि इससे आरोपियों का कोई संबंध तो नहीं है। सूत्रों की माने तो शीघ्र ही एसआईटी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराएगी।
बिहारकांड की जांच कर रही एसआईटी की एक टीम ने गुरुवार को रायबरेली जाकर चैटिंग में चर्चा में आए वकील के बयान दर्ज किए। सूत्रों की माने तो वकील ने अपने बयानों में पीड़िता के साथ वकील और मुवक्किल के वाले ही संबंध होने की बात स्वीकार की है। उसने वायरल चैटिंग पर भी सवाल उठा जांच की मांग की है।