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गंगा एक्सप्रेसवे:647 हेक्टेर भूमि अधिग्रहीत, 130 करोड़ का भुगतान
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उन्नाव। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जिला प्रशासन अभी तक 647 हेक्टेअर भूमि ही अधिगृहीत कर पाया है। जबकि अभी चार सौ हेक्टेअर से अधिक भूमि का अधिगृहण होना है। इसके लिए प्रशासन के पास मात्र पचास लाख रुपये का बजट बचा है। अब प्रशासन ने यूपीडा से 300 करोड़ रुपये की और मांग की है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का अगले माह शिलान्यास कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री अगले माह इसका शिलान्यास करेंगे। इसको देखते हुए जिला प्रशासन एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिगृहण करने के काम में तेजी से जुटा है। वैसे जिले में छह तहसीलों के 76 गांवों से गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है।
एक्सप्रेसवे के लिए 1117 हेक्टेअर भूमि का अधिगृहण किया जाना है। प्रशासन का दावा है कि अब तक 647 हेक्टेअर भूमि अधिगृहीत हो चुकी है। इसके लिए लगभग एक हजार किसानों को 130 करोड़ के मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि अभी भी 470 हेक्टेयर भूमि का बैनामा होना शेष है। जबकि प्रशासन के खाते में मुआवजा देने के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही बचे हैं। इसी कारण यूपीडा से 300 करोड़ रुपये की और मांग की गई है।
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इंसेट
75 गांवों में भूमि क्रय का प्रस्ताव शासन को भेजा
जिले में 76 गांव की भूमि अधिगृहीत की जानी है। इसमें से 73 गांव का क्रय प्रस्ताव पूर्व में शासन को भेजा जा चुका था। दो हफ्ते पहले तारगांव व सहिला गांव में एक्सप्रेसवे के दायरे में आ रही भूमि का क्रय प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने बताया कि भूमि अधिगृहण की कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है। अब तक 647 हेक्टेअर भूमि अधिगृहीत करके एक हजार किसानों को भुगतान किया जा चुका है। शेष भूमि का भी अधिगृहण जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का अगले माह शिलान्यास कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री अगले माह इसका शिलान्यास करेंगे। इसको देखते हुए जिला प्रशासन एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिगृहण करने के काम में तेजी से जुटा है। वैसे जिले में छह तहसीलों के 76 गांवों से गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है।
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एक्सप्रेसवे के लिए 1117 हेक्टेअर भूमि का अधिगृहण किया जाना है। प्रशासन का दावा है कि अब तक 647 हेक्टेअर भूमि अधिगृहीत हो चुकी है। इसके लिए लगभग एक हजार किसानों को 130 करोड़ के मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि अभी भी 470 हेक्टेयर भूमि का बैनामा होना शेष है। जबकि प्रशासन के खाते में मुआवजा देने के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही बचे हैं। इसी कारण यूपीडा से 300 करोड़ रुपये की और मांग की गई है।
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75 गांवों में भूमि क्रय का प्रस्ताव शासन को भेजा
जिले में 76 गांव की भूमि अधिगृहीत की जानी है। इसमें से 73 गांव का क्रय प्रस्ताव पूर्व में शासन को भेजा जा चुका था। दो हफ्ते पहले तारगांव व सहिला गांव में एक्सप्रेसवे के दायरे में आ रही भूमि का क्रय प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने बताया कि भूमि अधिगृहण की कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है। अब तक 647 हेक्टेअर भूमि अधिगृहीत करके एक हजार किसानों को भुगतान किया जा चुका है। शेष भूमि का भी अधिगृहण जल्द पूरा कर लिया जाएगा।