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आंखें फोड़ने वाले पर लगेगा एनएसए
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:40 PM IST
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प्रतीकात्मक
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रेप पीड़िता की आंखें फोड़ने का मामला शासन स्तर तक पहुंचा गया। गुरुवार को सूबे के डीजीपी जावीद अहमद एसपी नेहा पांडेय को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर, पुलिस ने बुधवार देर रात एक रिश्तेदार के घर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जघन्य अपराध देखते हुए पुलिस एनएसए के तहत भी कार्रवाई भी कर रही है।
मालूम हो कि माखी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी एक मंदबुद्धि किशोरी से दो साल पहले 15 मई 2015 को पड़ोस के गांव निवासी दो युवकों ने दुष्कर्म किया था। घटना का पता तब चला जब किशोरी गर्भवती हुई। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने नौ जुलाई 2015 को गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोपी को बचाने के लिए उसके परिजन किशोरी व उसके पिता पर मुकदमे में सुलह का दबाव बना रहे थे।
इसके लिए तैयार न होने से झल्लाए दुष्कर्म के आरोपी युवक के बड़े भाई पुत्तन ने बुधवार दोपहर शौच के लिए गई किशोरी के चेहरे पर डंडों से वार कर दिया। किशोरी की दाहिनी आंख निकल गई थी जबकि बाई आंख में भी गंभीर चोटें आई थीं। किशोरी बाई आंख से भी नहीं देख पा रही है। काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो छोटी बहन उसे खोजने निकली। देखा बड़ी बहन लहूलुहान जमीन पर पड़ी थी। जैसे-तैसे उसे घर पहुंचाया इसके बाद पिता ने पुलिस को घटना की जानकारी देने के साथ ही बेटी को मियागंज सीएचसी पहुंचाया था बाद में उसे जिला अस्पताल और फिर कानपुर रेफर कर दिया गया था।
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आरोपी की तलाश में पुलिस अलग-अलग स्थानों पर दबिश देती रही। देर रात एक रिश्तेदार के घर से उसे पुलिस ने दबोच लिया। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि ह्रदयविदारक घटना को अंजाम देने के आरोपी के खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
जरूरत पड़ी तो एम्स तक जाएंगे-एसपी
घटना की जानकारी होने पर डीजीपी जावीद अहमद ने एसपी नेहा पांडेय को अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का हालचाल लेने और बेहतर इलाज के साथ ही अभियुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पीड़िता की हालत लगातार बिगड़ते देख पुलिस ने रात में उसे कानपुर रिजेंसी से जवाहर लाल रोहतगी नेत्र चिकित्सालय रेफर कराया। वहां डाक्टरों ने चेकअप किया और बाई आंख की सर्जरी की आवश्यकता बताई। डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता को देर रात मेडिकल कालेज लखनऊ में भर्ती कराया गया। एसपी ने बताया कि पीड़िता के सिर में भी चोटें हो सकती हैं। मेडिकल कालेज में न्यूरो चेकअप भी होगा। एसपी ने बताया कि जरूरत पड़ी तो एम्स तक ले जाएंगे।
एक लाख तात्कालिक सहायता, सीएम कोष से पांच लाख मिलेंगे
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि पीड़िता को जिला प्रशासन की ओर से एक लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं डीएम ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए पत्राचार किया है।
के साथ कब क्या हुआ
माखी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी मंदबुद्धि किशोरी से 15 मई 2015 को पड़ोस गांव के युवक व उसके साथी ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता के पिता ने थाने के कई चक्कर लगाए और उच्चाधिकारियों की शिकायत की तब 18 मई 2015 को माखी थाना पुलिस ने छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया था। 8 जुलाई 2015 को किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी होने पर पिता ने फिर शिकायत की। नौ जुलाई 2015 को पुलिस ने छेड़छाड़ के मुकदमे को गैंगरेप के मुकदमे में तरमीम कर अगले ही दिन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद किशोरी ने एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन जन्म के 35 दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी।
महिलाओं के साथ बढ़े अपराध
महिला सुरक्षा को लेकर भले ही अधिकारी बड़े-बड़े दावे कर रहे हों लेकिन महिलाओं के साथ अपराध के बढ़ते आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं कि महिला अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस फेल रही है। दुष्कर्म के मुकदमे में सुलह के लिए आरोपी पक्ष से बार-बार दबाव बनाए जाने की शिकायत पर भी माखी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसका नतीजा यह हुआ कि आरोपी ने पीड़िता की आंखों की रोशनी ही छीन ली।
मालूम हो कि माखी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी एक मंदबुद्धि किशोरी से दो साल पहले 15 मई 2015 को पड़ोस के गांव निवासी दो युवकों ने दुष्कर्म किया था। घटना का पता तब चला जब किशोरी गर्भवती हुई। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने नौ जुलाई 2015 को गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोपी को बचाने के लिए उसके परिजन किशोरी व उसके पिता पर मुकदमे में सुलह का दबाव बना रहे थे।
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इसके लिए तैयार न होने से झल्लाए दुष्कर्म के आरोपी युवक के बड़े भाई पुत्तन ने बुधवार दोपहर शौच के लिए गई किशोरी के चेहरे पर डंडों से वार कर दिया। किशोरी की दाहिनी आंख निकल गई थी जबकि बाई आंख में भी गंभीर चोटें आई थीं। किशोरी बाई आंख से भी नहीं देख पा रही है। काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो छोटी बहन उसे खोजने निकली। देखा बड़ी बहन लहूलुहान जमीन पर पड़ी थी। जैसे-तैसे उसे घर पहुंचाया इसके बाद पिता ने पुलिस को घटना की जानकारी देने के साथ ही बेटी को मियागंज सीएचसी पहुंचाया था बाद में उसे जिला अस्पताल और फिर कानपुर रेफर कर दिया गया था।
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आरोपी की तलाश में पुलिस अलग-अलग स्थानों पर दबिश देती रही। देर रात एक रिश्तेदार के घर से उसे पुलिस ने दबोच लिया। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि ह्रदयविदारक घटना को अंजाम देने के आरोपी के खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
जरूरत पड़ी तो एम्स तक जाएंगे-एसपी
घटना की जानकारी होने पर डीजीपी जावीद अहमद ने एसपी नेहा पांडेय को अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का हालचाल लेने और बेहतर इलाज के साथ ही अभियुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पीड़िता की हालत लगातार बिगड़ते देख पुलिस ने रात में उसे कानपुर रिजेंसी से जवाहर लाल रोहतगी नेत्र चिकित्सालय रेफर कराया। वहां डाक्टरों ने चेकअप किया और बाई आंख की सर्जरी की आवश्यकता बताई। डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता को देर रात मेडिकल कालेज लखनऊ में भर्ती कराया गया। एसपी ने बताया कि पीड़िता के सिर में भी चोटें हो सकती हैं। मेडिकल कालेज में न्यूरो चेकअप भी होगा। एसपी ने बताया कि जरूरत पड़ी तो एम्स तक ले जाएंगे।
एक लाख तात्कालिक सहायता, सीएम कोष से पांच लाख मिलेंगे
एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि पीड़िता को जिला प्रशासन की ओर से एक लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं डीएम ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए पत्राचार किया है।
के साथ कब क्या हुआ
माखी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी मंदबुद्धि किशोरी से 15 मई 2015 को पड़ोस गांव के युवक व उसके साथी ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता के पिता ने थाने के कई चक्कर लगाए और उच्चाधिकारियों की शिकायत की तब 18 मई 2015 को माखी थाना पुलिस ने छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया था। 8 जुलाई 2015 को किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी होने पर पिता ने फिर शिकायत की। नौ जुलाई 2015 को पुलिस ने छेड़छाड़ के मुकदमे को गैंगरेप के मुकदमे में तरमीम कर अगले ही दिन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद किशोरी ने एक बच्ची को जन्म दिया लेकिन जन्म के 35 दिन बाद ही उसकी मौत हो गई थी।
महिलाओं के साथ बढ़े अपराध
महिला सुरक्षा को लेकर भले ही अधिकारी बड़े-बड़े दावे कर रहे हों लेकिन महिलाओं के साथ अपराध के बढ़ते आंकड़े इस ओर इशारा कर रहे हैं कि महिला अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस फेल रही है। दुष्कर्म के मुकदमे में सुलह के लिए आरोपी पक्ष से बार-बार दबाव बनाए जाने की शिकायत पर भी माखी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसका नतीजा यह हुआ कि आरोपी ने पीड़िता की आंखों की रोशनी ही छीन ली।