फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   गैर जिलों के अपराधियों का ठिकाना बना शहर

गैर जिलों के अपराधियों का ठिकाना बना शहर

Mon, 14 Jan 2019 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 12:03 AM IST
विज्ञापन
गैर जिलों के अपराधियों का ठिकाना बना शहर
उन्नाव। गैर जिलों व प्रांतों के अपराधियों के लिए उन्नाव शहर पनागाह साबित हो रहा है। कई बार शातिर अपराधी और आतंकियों से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस ने फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों और किराएदारों का सत्यापन नहीं कराया। हालांकि शहर व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले किरायेदारों और फैक्टरी श्रमिकों का सत्यापन कराने के लिए पुलिस विभाग ने कई बार योजना बनाई लेकिन वह जमीनी हकीकत नहीं बन पाई।
विज्ञापन


इसी का नतीजा है कि अपराधी गैर जिलों में वारदातों को अंजाम देने के बाद यहां ठिकाना बनाकर रहते हैं। वारदातों को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल जाते हैं। हालत यह है कि शहर और औद्योगिक क्षेत्रों में एसटीएफ और एनआईए की टीम पूर्व में कई ऐसे लोगों को भी दबोच चुकी है जिनका किसी आतंकी संगठन से ताल्लुक रहा और वह बड़ी वारदातों को अंजाम देने के फिराक में रहे।
विज्ञापन


फिर सुर्खियों में आया शहर
कानपुर व मुंबई पुलिस ने गुरुवार रात शहर के ककरहा बाग मोहल्ले में एक घर में छापा मारकर तीन महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से भारी मात्रा संदिग्ध सामग्री और नगदी बरामद की थी। यह पांचों लोग पिछले तीन महीने से यहां पांच हजार रुपये प्रति माह किराए पर मकान लेकर रह रहे थे। पुलिस सभी को अपने साथ लेकर चली गई थी। उन्नाव कोतवाली पुलिस प्रकरण से अंजान है। हालांकि चर्चा है कि सभी बड़े लूट गिरोह के सदस्य हैं। जो देश के अलग-अलग हिस्सों में घूम-घूमकर वारादातों को अंजाम देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिवनगर से पकड़े गए थे शातिर चोर
शहरी क्षेत्र के बाहरी इलाकों में भी अपराधियों ने ठिकाना बना रखा है। हाल ही में शिवनगर से पुलिस ने कुछ चोरों को गिरफ्तार किया था। कानपुर से चोरी की घटना के बाद चोर शिवनगर में किराए के मकान में रहने के लिए आए थे। पूछताछ में उन्होंने चोरी की घटनाएं व चोरी के माल के बंटवारे में विवाद की बात कबूल की थी। इस घटना के बाद पुलिस ने शिवनगर में किराए पर रह रहे लोगों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया था। हालांकि यह प्रक्रिया अभी ठंडे बस्ते में है।

राजधानी और महानगर के बीच होना बनी पसंद
राजधानी लखनऊ और महानगर कानपुर के बीच बसे उन्नाव में छिपने के लिए कई सुरक्षित ठिकाने होने से आतंकियों के लिए भी पनाहगाह बन चुका है। मार्च 2017 में भोपाल में ट्रेन में हुए विस्फोट के बाद एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज में आतंकी सैफुल्ला को इनकाउंटर में मार गिराया था। एनआईए (नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी) के हत्थे चढ़े कानपुर के गौस मोहम्मद और फैसल को लेकर एनआईए एसपी दीपक कुमार 28 मार्च 2017 को शहर आई थी। जांच में पता चला कि आतंकी सैफुल्ला और उसके साथी शहर की दरगाहों में जायरीन बनकर कई-कई दिन रुकते थे। इनमें रेलवे स्टेशन के पास स्थित बुद्धशाह और किला मोहल्ला स्थित मस्जिद उनकी सबसे पसंदीदा थी।

पूर्व में पकड़े गए आतंकी संगठनों से जुड़े शातिर
-फरवरी 2018 में स्लाटर हाउस में काम कर रहे रोहिंग्या मुसलमानों को एटीएस ने पकड़ा था।
-20 अप्रैल 2017 पंजाब में गिरफ्तार आतंकी जीशान उर्फ गाजी बाबा आसीवन के रसूलाबाद का मूल निवासी था
-7 मार्च 2017 को लखनऊ में एटीएस के एनकाउंटर में मारा गया आतंकी सैफुल्ला साथियों के साथ स्टेशन रोड व किला स्थिज मस्जिद में जरायीन के रूप में महीनों रुका था।
-2008 में जौनपुर में विस्फोट की घटना में शामिल नूर आलम ने दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में एक बंद फैक्ट्री के पीछे विस्फोटक छिपाकर रखा था। उन्नाव स्पेशल कोर्ट ने नूर आलम उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

-फरवरी 2012 को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सात महीने से बांगरमऊ के मदारनगर स्थित एक मदरसे में टीचर बकर रह रहे बशीर हसन नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed