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लूट में पांच साल कैद और दो हजार जुर्माना
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उन्नाव। लूट की घटना में नामजद आरोपियों में एक आरोपी के जुर्म स्वीकार करने पर अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय ने पांच साल कैद और दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
असोहा थानाक्षेत्र के गांव दरसवां निवासी शेरबहादुर सिंह के घर में 12 मार्च 2016 को तीन लुटेरों ने लूट की थी। विरोध करने पर मारापीटा था। पीड़ित ने 13 मार्च को थाने में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस ने शक के आधार पर कई लोगों को उठाकर पूछताछ की थी। इसमें माखी के रनागढ़ी निवासी सूरज, असोहा थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी करमली के प्रेमशंकर व उसके साथी पिंटू नामजद किए गए थे। मुकदमे की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय के न्यायालय में चल रही थी। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता विवेक श्रीवास्तव ने बहस के दौरान सवालों की झड़ी लगा दी। इस पर सूरज ने न्यायालय में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय ने पांच साल कैद और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न जमा करने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। वहीं दो अन्य आरोपियों ने जुर्म नहीं कबूल किया। उन पर लगे आरोपों पर बहस जारी है और उनका मुकदमा विचाराधीन है।
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असोहा थानाक्षेत्र के गांव दरसवां निवासी शेरबहादुर सिंह के घर में 12 मार्च 2016 को तीन लुटेरों ने लूट की थी। विरोध करने पर मारापीटा था। पीड़ित ने 13 मार्च को थाने में अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस ने शक के आधार पर कई लोगों को उठाकर पूछताछ की थी। इसमें माखी के रनागढ़ी निवासी सूरज, असोहा थानाक्षेत्र के गांव गढ़ी करमली के प्रेमशंकर व उसके साथी पिंटू नामजद किए गए थे। मुकदमे की सुनवाई अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय के न्यायालय में चल रही थी। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता विवेक श्रीवास्तव ने बहस के दौरान सवालों की झड़ी लगा दी। इस पर सूरज ने न्यायालय में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय ने पांच साल कैद और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न जमा करने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। वहीं दो अन्य आरोपियों ने जुर्म नहीं कबूल किया। उन पर लगे आरोपों पर बहस जारी है और उनका मुकदमा विचाराधीन है।
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