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बेशकीमती राधा और कृष्ण की मूर्तियां चोरी
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घटना के बाद स्निफर डॉग की मदद से सुराग तलाशती फील्ड यूनिट। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। गुरुवार रात चोरों ने सदर कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव स्थित ठाकुरद्वारा से राधा-कृष्ण की बेशकीमती मूर्तियां पार कर दी। मंदिर के संरक्षक ने राधा की मूर्ति को अष्टधातु की बताया। पूर्व में कृष्ण जी की मूर्ति खंडित होने पर दूसरी मूर्ति स्थापित करने की बात कही। पुलिस ने खोजी कुत्ते की मदद से जांच कर जल्द खुलासे का भरोसा दिया है।
सिकंदरपुर सरोसी गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने बताया कि सौ वर्ष पहले उनके नाना ने ठाकुरद्वारा में राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित की थी। राजेंद्र ने मूर्तियों को अष्टधातु की बताया। कहा कि नाना के दिवंगत होने के बाद से वह ठाकुरद्वारा के संरक्षक बन गए। 15 वर्ष पहले कृष्ण जी की मूर्ति खंडित होने पर दूसरी मूर्ति लाकर स्थापित की। उन्होंने राधा जी की मूर्ति ही अष्टधातु की बताई है। बताया कि राधा व कृष्ण की मूर्ति एक फिट की थी। इनका वजन से 13-15 किलो के करीब था। उन्होंने मूर्तियों की कीमत करोड़ों में बताई है। कुछ वर्ष पहले वह शुक्लागंज के शक्तिनगर में मकान बनाकर रहने लगे। तब से ठाकुरद्वारा से 20 मीटर दूरी पर रहने वाले पुजारी भगवती प्रसाद पूजा-पाठ की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। शुक्रवार सुबह पुजारी भगवती प्रसाद पूजा करने पहुंचे तो दरवाजे की कुंडी फैली मिली। दरवाजा खोलने पर राधा-कृष्ण की दोनों मूर्तियां गायब मिलीं।
सदर कोतवाल अखिलेश पांडेय ने पुजारी व संरक्षक से घटना की जानकारी ली। सुराग तलाशने के लिए उन्होंने फील्ड यूनिट को बुलाया। खोजी कुत्ता पहले मंदिर के इर्द-गिर्द घूमा और फिर सामने के रास्ते से भागकर दो किमी दूर सड़क पर रुक गया। पुलिस को उसी जगह पर रहने वाले लोगों पर शक है। ठाकुरद्वारा में चोरी की घटना से आक्रोश है। कोतवाल ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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सिकंदरपुर सरोसी गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने बताया कि सौ वर्ष पहले उनके नाना ने ठाकुरद्वारा में राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित की थी। राजेंद्र ने मूर्तियों को अष्टधातु की बताया। कहा कि नाना के दिवंगत होने के बाद से वह ठाकुरद्वारा के संरक्षक बन गए। 15 वर्ष पहले कृष्ण जी की मूर्ति खंडित होने पर दूसरी मूर्ति लाकर स्थापित की। उन्होंने राधा जी की मूर्ति ही अष्टधातु की बताई है। बताया कि राधा व कृष्ण की मूर्ति एक फिट की थी। इनका वजन से 13-15 किलो के करीब था। उन्होंने मूर्तियों की कीमत करोड़ों में बताई है। कुछ वर्ष पहले वह शुक्लागंज के शक्तिनगर में मकान बनाकर रहने लगे। तब से ठाकुरद्वारा से 20 मीटर दूरी पर रहने वाले पुजारी भगवती प्रसाद पूजा-पाठ की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। शुक्रवार सुबह पुजारी भगवती प्रसाद पूजा करने पहुंचे तो दरवाजे की कुंडी फैली मिली। दरवाजा खोलने पर राधा-कृष्ण की दोनों मूर्तियां गायब मिलीं।
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सदर कोतवाल अखिलेश पांडेय ने पुजारी व संरक्षक से घटना की जानकारी ली। सुराग तलाशने के लिए उन्होंने फील्ड यूनिट को बुलाया। खोजी कुत्ता पहले मंदिर के इर्द-गिर्द घूमा और फिर सामने के रास्ते से भागकर दो किमी दूर सड़क पर रुक गया। पुलिस को उसी जगह पर रहने वाले लोगों पर शक है। ठाकुरद्वारा में चोरी की घटना से आक्रोश है। कोतवाल ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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