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विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की लूट
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उन्नाव। जिले की ग्राम पंचायतों में सरकारी धन की लूट मची हुई है। अवैध कमाई के चक्कर में पंचायत सचिव नियम और कायदे ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। शिकायत है कि मियागंज की ही दो ग्राम पंचायतों में सचिव ने सीधे एक व्यक्ति के खाते में तीन लाख का भुगतान करके सांठगांठ से सरकारी धन हड़प लिया। इसी विकास खंड की एक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन में मानक दरकिनार किए गए। पुरवा की पंचायत में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में लाखों के खेल की शिकायत पर दो जांच टीमें गठित की गई हैं।
मियागंज की ग्राम पंचायत हमीरपुर निवासी पवन कुमार दीक्षित ने सीडीओ को दिए शिकायतीपत्र में बताया था कि उसका बिनैका व आसीवन तरफ कादिरपुर में पंचायत भवन निर्माण का बकाया है। ग्राम विकास अधिकारी विपिन कुमार भुगतान नहीं कर रहे हैं। सीडीओ ने बीडीओ मियागंज पंकज गौतम को जांच के आदेश दिए। बीडीओ ने वर्तमान सचिव सर्वेश कुमार व सचिन थारू से दोनों पंचायतों के भवन निर्माण की पत्रावली, कैशबुक उपलब्ध कराने का आदेश दिया, लेकिन सचिवों ने पूर्व सचिव विपिन कुमार द्वारा पत्रावली चार्ज में न देने की जानकारी दी। ब्लाक स्तर पर मिले अभिलेखों से जांच की गई तो पता चला कि किसी अभिषेक सिंह नाम के व्यक्ति के खाते में तीन बार में दो लाख 99 हजार 286 रुपये का भुगतान किया गया। नियमानुसार भुगतान फर्म के खाते में होना चाहिए। सीडीओ को भेजी गई रिपोर्ट में बीडीओ ने अनियमित तरीके से किए गए इस भुगतान को गबन मानते हुए सचिव विपिन कुमार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
मियागंज की ही ग्राम पंचायत अहमदपुर टकटौली में पंचायत भवन निर्माण में जमकर कमीशन का खेल चला। तीन लाख से कराए गए भवन निर्माण में एक भी मानक पूरे नहीं किए गए। भवन में खामियों की भरमार रही। बीडीओ द्वारा इसकी जांच की गई तो पता चला कि भविष्य में किसी भी समय पंचायत भवन गिर सकता है। सीडीओ को भेजी रिपोर्ट में बीडीओ ने इस पंचायत भवन को पूरी तरह से गिराकर नया बनवाने की संस्तुति की। निर्माण में तीन लाख की खर्च की गई धनराशि की रिकवरी भी पंचायत सचिव से कराने की रिपोर्ट दी। सीडीओ ने पुन: जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम में जिला विकास अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व सहायक अभियंता डीआरडीए को शामिल किया है। कहा है कि पूरे प्रकरण की पुन: गंभीरता से जांच करें। साथ ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई निर्धारित करते हुए 12 अक्तूबर तक जांच रिपोर्ट दें।
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पुरवा विकासखंड की नाथीखेड़ा ग्राम पंचायत निवासी धर्मपाल ने डीपीआरओ को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनके गांव में पूर्व में 300 शौचालय कागजों पर ही बना दिए गए। शिकायत शपथपत्र पर की गई है। आरोप लगाया है कि तत्कालीन प्रधान व सचिव ने 12000 रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से 36 लाख के सरकारी धन का गबन किया है। डीपीआरओ गिरीश चंद्र साहू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए दो टीमें गठित कर दीं। एक टीम में स्वच्छ भारत मिशन के जिला कंसल्टेंट श्रीश नारायण, आकाश अवस्थी, खंड प्रेरक पुरवा सत्यम द्विवेदी और सुनील कुमार को शामिल किया है। दूसरी टीम में एडीओ पंचायत मोहनलाल को शामिल करके शिकायत की विस्तृत जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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मियागंज की ग्राम पंचायत हमीरपुर निवासी पवन कुमार दीक्षित ने सीडीओ को दिए शिकायतीपत्र में बताया था कि उसका बिनैका व आसीवन तरफ कादिरपुर में पंचायत भवन निर्माण का बकाया है। ग्राम विकास अधिकारी विपिन कुमार भुगतान नहीं कर रहे हैं। सीडीओ ने बीडीओ मियागंज पंकज गौतम को जांच के आदेश दिए। बीडीओ ने वर्तमान सचिव सर्वेश कुमार व सचिन थारू से दोनों पंचायतों के भवन निर्माण की पत्रावली, कैशबुक उपलब्ध कराने का आदेश दिया, लेकिन सचिवों ने पूर्व सचिव विपिन कुमार द्वारा पत्रावली चार्ज में न देने की जानकारी दी। ब्लाक स्तर पर मिले अभिलेखों से जांच की गई तो पता चला कि किसी अभिषेक सिंह नाम के व्यक्ति के खाते में तीन बार में दो लाख 99 हजार 286 रुपये का भुगतान किया गया। नियमानुसार भुगतान फर्म के खाते में होना चाहिए। सीडीओ को भेजी गई रिपोर्ट में बीडीओ ने अनियमित तरीके से किए गए इस भुगतान को गबन मानते हुए सचिव विपिन कुमार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
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मियागंज की ही ग्राम पंचायत अहमदपुर टकटौली में पंचायत भवन निर्माण में जमकर कमीशन का खेल चला। तीन लाख से कराए गए भवन निर्माण में एक भी मानक पूरे नहीं किए गए। भवन में खामियों की भरमार रही। बीडीओ द्वारा इसकी जांच की गई तो पता चला कि भविष्य में किसी भी समय पंचायत भवन गिर सकता है। सीडीओ को भेजी रिपोर्ट में बीडीओ ने इस पंचायत भवन को पूरी तरह से गिराकर नया बनवाने की संस्तुति की। निर्माण में तीन लाख की खर्च की गई धनराशि की रिकवरी भी पंचायत सचिव से कराने की रिपोर्ट दी। सीडीओ ने पुन: जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम में जिला विकास अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व सहायक अभियंता डीआरडीए को शामिल किया है। कहा है कि पूरे प्रकरण की पुन: गंभीरता से जांच करें। साथ ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई निर्धारित करते हुए 12 अक्तूबर तक जांच रिपोर्ट दें।
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पुरवा विकासखंड की नाथीखेड़ा ग्राम पंचायत निवासी धर्मपाल ने डीपीआरओ को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि उनके गांव में पूर्व में 300 शौचालय कागजों पर ही बना दिए गए। शिकायत शपथपत्र पर की गई है। आरोप लगाया है कि तत्कालीन प्रधान व सचिव ने 12000 रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से 36 लाख के सरकारी धन का गबन किया है। डीपीआरओ गिरीश चंद्र साहू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए दो टीमें गठित कर दीं। एक टीम में स्वच्छ भारत मिशन के जिला कंसल्टेंट श्रीश नारायण, आकाश अवस्थी, खंड प्रेरक पुरवा सत्यम द्विवेदी और सुनील कुमार को शामिल किया है। दूसरी टीम में एडीओ पंचायत मोहनलाल को शामिल करके शिकायत की विस्तृत जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।