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गैंगस्टर लगने पर वकील ने किया आत्मसमर्पण
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उन्नाव। ट्रक समेत अन्य भारी वाहनों के चालकों को गन प्वाइंट पर लेकर मारपीट करने और डीजल चोरी करने वाले गिरोह के सरगना अधिवक्ता समेत पांच लोगों पर पुलिस ने घटना के एक माह बाद गैंगस्टर लगाया था। गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद अधिवक्ता फरार था। अब गिरफ्तारी के डर से उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने से उसे जेल भेज दिया है।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर ढाबा, पेट्रोल पंप व अन्य प्रतिष्ठानाें में खड़े होने वाले ट्रकों व अन्य वाहनाें से डीजल चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए स्वॉट व सर्विलांस टीम ने जाल फैलाया था। 24 जनवरी को सर्विलांस की लोकेशन के आधार पर स्वॉट टीम की डीजल चोर गिरोह से मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस के दौड़ाने पर आरोपियों ने फायरिंग की थी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गिरोह के सरगना शुक्लागंज के गांधी नगर निवासी अमित पटेल, शहर के शांतिनगर निवासी इरशाद व मौरावां हिलौली के मदाखेड़ा निवासी अनुज यादव को गिरफ्तार किया था। वहीं श्रीनगर शुक्लागंज निवासी धर्मेंद्र, शुभम सिंह, इंद्रा नगर निवासी रवि मिश्रा, शहर के शेखपुर शांतिनगर निवासी साबिर अली भाग निकले। सभी के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमले, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था। वहां से जेल भेजा गया था।
गिरोह का सरगना अमित पटेल उस समय उन्नाव बार एसोसिएशन का कनिष्ठ उपाध्यक्ष था। उसे जेल भेजे जाने के बाद पद से निष्कासित कर दिया गया था। कुछ दिन जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि फरवरी में अमित पटेल व उसके साथियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई थी। पुलिस ने गिरफ्तारी की कोशिश की तो सभी भाग निकले थे। अब वकील अमित पटेल ने गिरफ्तारी के डर से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर ढाबा, पेट्रोल पंप व अन्य प्रतिष्ठानाें में खड़े होने वाले ट्रकों व अन्य वाहनाें से डीजल चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए स्वॉट व सर्विलांस टीम ने जाल फैलाया था। 24 जनवरी को सर्विलांस की लोकेशन के आधार पर स्वॉट टीम की डीजल चोर गिरोह से मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस के दौड़ाने पर आरोपियों ने फायरिंग की थी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गिरोह के सरगना शुक्लागंज के गांधी नगर निवासी अमित पटेल, शहर के शांतिनगर निवासी इरशाद व मौरावां हिलौली के मदाखेड़ा निवासी अनुज यादव को गिरफ्तार किया था। वहीं श्रीनगर शुक्लागंज निवासी धर्मेंद्र, शुभम सिंह, इंद्रा नगर निवासी रवि मिश्रा, शहर के शेखपुर शांतिनगर निवासी साबिर अली भाग निकले। सभी के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमले, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था। वहां से जेल भेजा गया था।
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गिरोह का सरगना अमित पटेल उस समय उन्नाव बार एसोसिएशन का कनिष्ठ उपाध्यक्ष था। उसे जेल भेजे जाने के बाद पद से निष्कासित कर दिया गया था। कुछ दिन जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि फरवरी में अमित पटेल व उसके साथियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई थी। पुलिस ने गिरफ्तारी की कोशिश की तो सभी भाग निकले थे। अब वकील अमित पटेल ने गिरफ्तारी के डर से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
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