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नाते-रिश्तेदारों की फर्में बनाकर बांटी नौकरियां
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उन्नाव। नगर पालिका प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा लेने में नियम दरकिनार कर दिए हैं। जैम पोर्टल के माध्यम से सेवा प्रदाता चयन की अनदेखी की गई है। शिकायतें हैं कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराए बिना जनप्रतिनिधियों के खास और पालिकाकर्मियों के परिजनों, रिश्तेदारों की फर्में बनाकर 350 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी तैनात कर लिए हैं। इन कर्मचारियों के वेतनमद में हर माह करीब 66 लाख रुपये भुगतान किया जा रहा है।
शासन के निर्देश हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों की आपूर्ति जैम पोर्टल के माध्यम से की जानी चाहिए। इसके लिए बाकायदा टेंडर निकालते हुए दरें भी तय की जानी चाहिए। आरोप है कि जलकल में तैनात दो कर्मचारियों में एक की पत्नी और दूसरे के भांजे की फर्म के माध्यम से आउटसोर्स आपूर्ति ली जा रही है। पालिका के एक ठेकेदार की फर्म भी कर्मी आपूर्ति करा रही है। इतना ही नहीं दो कर्मचारियों ने अपने बेटों का कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर चयन करा रखा है। ईओ आरपी श्रीवास्तव पिछले माह स्थानीय निकाय निदेशक के साथ पालिकाध्यक्ष को पत्र लिखकर निरीक्षण के दौरान एक फर्म के 50 फीसदी सफाई कर्मी मौके पर न मिलने की बात स्वीकार कर चुके हैं। हालांकि वह आपूर्ति में धांधली की बात से इंकार करते हुए सब कुछ नियम के तहत होने का दावा करते हैं।
नगर पालिका परिषद ने पिछले नंबर माह में जैम पोर्टल के माध्यम से आउससोर्स कर्मचारियों की आपूर्ति प्राप्त करने की पत्रावली तैयार की, लेकिन इसे अमल में लाने के बजाए बीच में रोक रखा गया है। खास बात यह है कि कर्मचारी आपूर्ति करने वाली फर्मों में अधिकांश ने श्रम कार्यालय से 10-15 श्रमिक आपूर्ति करने का पंजीकरण करा रखा है, जबकि यहां कोई सौ कर्मचारी आपूर्ति कर रहा है और कोई दो सौ। सहायक श्रमायुक्त हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि हो सकता है नगर पालिका में काम करने वाली फर्मों ने श्रमायुक्त कार्यालय कानपुर या किसी अन्य जिले में पंजीकरण करा रखा हो।
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शासन के निर्देश हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों की आपूर्ति जैम पोर्टल के माध्यम से की जानी चाहिए। इसके लिए बाकायदा टेंडर निकालते हुए दरें भी तय की जानी चाहिए। आरोप है कि जलकल में तैनात दो कर्मचारियों में एक की पत्नी और दूसरे के भांजे की फर्म के माध्यम से आउटसोर्स आपूर्ति ली जा रही है। पालिका के एक ठेकेदार की फर्म भी कर्मी आपूर्ति करा रही है। इतना ही नहीं दो कर्मचारियों ने अपने बेटों का कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर चयन करा रखा है। ईओ आरपी श्रीवास्तव पिछले माह स्थानीय निकाय निदेशक के साथ पालिकाध्यक्ष को पत्र लिखकर निरीक्षण के दौरान एक फर्म के 50 फीसदी सफाई कर्मी मौके पर न मिलने की बात स्वीकार कर चुके हैं। हालांकि वह आपूर्ति में धांधली की बात से इंकार करते हुए सब कुछ नियम के तहत होने का दावा करते हैं।
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नगर पालिका परिषद ने पिछले नंबर माह में जैम पोर्टल के माध्यम से आउससोर्स कर्मचारियों की आपूर्ति प्राप्त करने की पत्रावली तैयार की, लेकिन इसे अमल में लाने के बजाए बीच में रोक रखा गया है। खास बात यह है कि कर्मचारी आपूर्ति करने वाली फर्मों में अधिकांश ने श्रम कार्यालय से 10-15 श्रमिक आपूर्ति करने का पंजीकरण करा रखा है, जबकि यहां कोई सौ कर्मचारी आपूर्ति कर रहा है और कोई दो सौ। सहायक श्रमायुक्त हरिश्चंद्र सिंह ने बताया कि हो सकता है नगर पालिका में काम करने वाली फर्मों ने श्रमायुक्त कार्यालय कानपुर या किसी अन्य जिले में पंजीकरण करा रखा हो।
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