फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   crime

थाने में बयान दर्ज कराने के बाद सेवानिवृत्त आईएएस ने सरकार को घेरा

Tue, 08 Jun 2021 07:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 07:15 PM IST
विज्ञापन
crime
नवाबगंज। गंगा नदी तट पर लाशों को दफनाए जाने के ट्वीट में फंसे सेवानिवृत्त आईएएस के मंगलवार को सोहरामऊ थाने में बयान दर्ज कराए। वह अपने वकीलों के साथ थाने पहुंचे थे। उन्होंने सरकार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्वीट में प्रतीकात्मक फोटो था। उच्च न्यायालय के स्टे के बाद भी उन्हें थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है।
विज्ञापन

सेवानिवृत्त आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने अपने ट्विटर एकाउंट से एक पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने सरकार पर 67 शवों को गंगा के तट पर जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफनाने का आरोप लगाया था। शवों का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से न करने व आस्था से खिलवाड़ करने की की बात अपनी पोस्ट में लिखी थी। उन्होंने बलिया जिले से जोड़कर वर्ष 2014 की परियर घाट की वह फोटो भी पोस्ट की थी जिसमें गंगा में शव बहते मिले थे। सदर कोतवाली पुलिस ने 13 मई को ट्वीट के आधार पर सूर्य प्रताप सिंह पर बलवा कराने के आशय से टिप्पणी करने, कूटरचना करना, धारा 21 उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी रोग निवारण अध्यादेश 2020, आईटी एक्ट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने 161 के बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें मंगलवार को थाने में पेश होने की नोटिस भेजी थी। मंगलवार को सूर्य प्रताप सोहरामऊ थाने पहुंचे। क्राइम ब्रांच के निरीक्षक विवेचक रणजीत सिंह को अपने बयान दर्ज कराते हुए पूर्व आईएएस ने अपने ट्वीट में लिखी बातों को स्वीकार किया। कहा कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि प्रतीकात्मक फोटो वायरल कर सरकार को आइना दिखाना था।
विज्ञापन

उन्होंने बातचीत में कहा कि एक साल में उनके खिलाफ लखनऊ में दो, कानपुर में एक, वाराणसी में एक, कासगंज व उन्नाव में दो मुकदमों समेत छह मामले दर्ज किए गए। उन्होंने पुलिस की छवि को पाक साफ बताते हुए कहा कि इनकी कोई गलती नहीं है। यह तो आदेशों का पालन करते हैं। कहा कि समाजहित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाने पर सरकार की नजरों में मैं खटक रहा हूं। प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई कर सरकार उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही है। उनके साथ वकीलों की एक टीम में सिकंदर यादव, सुजीत, मनीष, प्रमोद यादव,राजेश सिंह व सुधीर सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सेवानिवृत्त आईएएस ने बताया कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए बुलाया। घर से निकलकर उन्नाव के रास्ते में पहुंचा तो पुलिस ने बयान के लिए चार स्थान बदले। पहले कहा गया कि सदर कोतवाली पहुंचिए, बाद में पुलिस लाइंस, उन्नाव बार्डर ओवर ब्रिज के नीचे और आखिरी बार सोहरामऊ थाने बुलाया गया। उन्होंने बिकरू कांड पर इशारा करते हुए कहा कि इस सरकार में गाड़ियां बहुत पलटती हैं। जिस तरह से उन पर मुकदमे लादे जा रहे हैं, उससे डर है कि सरकार का आदेश मिलते ही कहीं उनकी गाड़ी भी पलट सकती है।
पूर्व आईएएस ने कहा कि वह पिछले पांच साल से सोशल मीडिया के जरिए सरकारों को जगाने का काम कर रहे हैं। सपा सरकार में भी जनहित से जुड़ी कई पोस्ट वायरल की। हालांकि उस वक्त कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। न ही उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया। कहा कि मौजूदा सरकार में प्रदेश में 10 लाख पद रिक्त हैं, उन्हें क्यों नही भरा जा रहा है। कोविड के आंकड़े गलत बताए जाते हैं। 15 सौ शिक्षकों की मौत को मात्र तीन की कोविड से मौत बताकर मुआवजे का कोरम पूरा किया गया। अनाथ बच्चों की पालिसी में पालनकर्ता को चार हजार मासिक खर्च के साथ एफडी कराने की बात कही गई, लेकिन जांच के नाम पर अब तक किसी अनाथ को लाभ नहीं दिया गया है। विरोध तो सत्ता में सुधार करने का मौका देता है। यहां तो उन पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

सेवानिवृत्त आईएएस ने मंगलवार को भी कई ट्वीट किए। पहले ट्वीट में कहा कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की वजह एक ट्वीट नहीं है। मुख्यमंत्री ने फर्जी लेखपाल दुर्गेश चौधरी को लेखपाल बनाए जाने का फर्जी ट्वीट अपने ट्विटर एकाउंट से किया था। मेरे द्वारा फर्जी लेखपाल की पोल खोली गई। इस पर मुख्यमंत्री को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा था। दूसरे ट्वीट में लिखा कि 25 साल में उनके 34 स्थानांतरण किए गए। अब सरकार मुकदमे लिखकर उनकी नीतियों को नहीं बदल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed