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बरसातः शहरियों की आफत, किसानों को राहत
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शहर के मुख्य मार्ग छोटा चौराहा पर भरा बारिश का पानी। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। 24 घंटे हुई बरसात शहरियों के लिए मुसीबत बन गई। रास्ते जलभराव की चपेट में रहे। गलियों में कीचड़ से लोगों का आवागमन मुश्किल रहा। ठंड बढ़ने के कारण लोगों को काफी दिक्कत हुई। हालांकि बरसात से गेहूं की फसल करने वाले किसानों को राहत मिली है। उन्हें सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश गुरुवार रात थम गई। इसके बाद भी जलभराव की समस्या कम नहीं हुईं। मुख्य मार्ग जलभराव की चपेट में रहे। छोटे चौराहा, बड़े चौराहा, आईबीपी तिराहा सड़कों पर पानी भरा रहा। बारिश से सड़कों की सूरत बिगड़ गई। सड़कों के गड्ढों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी भर जाने से गड्ढों से आवागमन मुश्किल हो गया। वहीं सब्जीमंडी में बारिश से कीचड़ हो गया। एबीनगर, शाहगंज, गांधीनगर, पूरननगर, जुराखनखेड़ा आदि मोहल्लों में भी कीचड़ होने से आवागमन में दिक्कत रही। उधर, शुक्रवार को पूरे दिन बारिश तो नहीं हुई लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। इससे लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि अभी नौ जनवरी तक इसी प्रकार का मौसम बना रहेगा। शनिवार व रविवार को भी बारिश की संभावना जताई गई है।
गुरुवार सुबह 8 बजे से देर रात तक हुई बारिश से ठंड में काफी इजाफा हुआ। गेहूं की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई। अच्छी बारिश होने से किसानों को गेहूं की एक सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बारिश से सरसों के फूल झड़ गए हैं। इससे किसानों को नुकसान होने की आशंका है। वहीं जिन खेतों में पानी भर गया है वहां पर बोई गई आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। पान को भी नुकसान पहुंचा है। भट्ठों में खुली पड़ी लाखों ईट भी भीग गईं।
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पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश गुरुवार रात थम गई। इसके बाद भी जलभराव की समस्या कम नहीं हुईं। मुख्य मार्ग जलभराव की चपेट में रहे। छोटे चौराहा, बड़े चौराहा, आईबीपी तिराहा सड़कों पर पानी भरा रहा। बारिश से सड़कों की सूरत बिगड़ गई। सड़कों के गड्ढों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी भर जाने से गड्ढों से आवागमन मुश्किल हो गया। वहीं सब्जीमंडी में बारिश से कीचड़ हो गया। एबीनगर, शाहगंज, गांधीनगर, पूरननगर, जुराखनखेड़ा आदि मोहल्लों में भी कीचड़ होने से आवागमन में दिक्कत रही। उधर, शुक्रवार को पूरे दिन बारिश तो नहीं हुई लेकिन आसमान में बादल छाए रहे। इससे लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि अभी नौ जनवरी तक इसी प्रकार का मौसम बना रहेगा। शनिवार व रविवार को भी बारिश की संभावना जताई गई है।
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गुरुवार सुबह 8 बजे से देर रात तक हुई बारिश से ठंड में काफी इजाफा हुआ। गेहूं की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई। अच्छी बारिश होने से किसानों को गेहूं की एक सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बारिश से सरसों के फूल झड़ गए हैं। इससे किसानों को नुकसान होने की आशंका है। वहीं जिन खेतों में पानी भर गया है वहां पर बोई गई आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। पान को भी नुकसान पहुंचा है। भट्ठों में खुली पड़ी लाखों ईट भी भीग गईं।
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