{"_id":"61a22419b6e9f6467e4a7253","slug":"civic-unnao-news-knp666283013","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम छोड़कर लगाई लाइन, फिर भी न मिली खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम छोड़कर लगाई लाइन, फिर भी न मिली खाद
विज्ञापन
दहीचौकी खाद केंद्र पर लाइन में लगे महिला व पुरुष किसान। संवाद
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। लंबे समय बाद समितियों व केंद्रों पर खाद तो पहुंच गई है, लेकिन किसान काम-धंधा छोड़कर पूरे दिन डीएपी के लिए लाइन में लगे रहते हैं। कई किसानों को सुबह केंद्र पर लाइन लगाने के बाद भी शाम को बिना खाद के ही लौटना पड़ रहा है।
गुरुवार को जिले को 3700 मीट्रिक टन डीएपी मिली थी। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं में बुआई से पहले खेत में डालने के लिए खाद की जरूरत होती है। इसलिए किसान साधन सहकारी समितियों व इफको केंद्रों पर सुबह से ही लाइन लगाने को मजबूर हैं। शनिवार को दही चौकी के इफको केंद्र पर सुबह से ही किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
किसान भूखे, प्यासे घंटों लाइन में खड़े रहे। दोपहर 12 बजे तक काफी संख्या में लाइन में लगे किसानों को खाद नहीं मिल पाई थी। कई किसान लाइन में लगने के बाद भी शाम को बिना खाद लिए ही लौटने को मजबूर हुए। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि वह स्वयं केंद्र पर जाकर वितरण व्यवस्था का जायजा लेंगे। यदि प्रभारी द्वारा वितरण में लापरवाही बरते जाने की पुष्टि हुई तो कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
मैता गांव निवासी किसान ओमचंद्र ने बताया कि वह खाद के लिए शनिवार सुबह छह बजे ही केंद्र पर पहुंच गए थे। सुबह 11 बजे तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं आया। बिछिया के गांव बरिगवां की रामकली ने बताया कि खाद के लिए घर का काम छोड़कर केंद्र पर पहुंच गई थीं। सुबह 7 बजे से ही लाइन में लग गई थीं। घंटों लाइन में लगने पर भी डीएपी नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
गुरुवार को जिले को 3700 मीट्रिक टन डीएपी मिली थी। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं में बुआई से पहले खेत में डालने के लिए खाद की जरूरत होती है। इसलिए किसान साधन सहकारी समितियों व इफको केंद्रों पर सुबह से ही लाइन लगाने को मजबूर हैं। शनिवार को दही चौकी के इफको केंद्र पर सुबह से ही किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
विज्ञापन
किसान भूखे, प्यासे घंटों लाइन में खड़े रहे। दोपहर 12 बजे तक काफी संख्या में लाइन में लगे किसानों को खाद नहीं मिल पाई थी। कई किसान लाइन में लगने के बाद भी शाम को बिना खाद लिए ही लौटने को मजबूर हुए। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि वह स्वयं केंद्र पर जाकर वितरण व्यवस्था का जायजा लेंगे। यदि प्रभारी द्वारा वितरण में लापरवाही बरते जाने की पुष्टि हुई तो कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
मैता गांव निवासी किसान ओमचंद्र ने बताया कि वह खाद के लिए शनिवार सुबह छह बजे ही केंद्र पर पहुंच गए थे। सुबह 11 बजे तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं आया। बिछिया के गांव बरिगवां की रामकली ने बताया कि खाद के लिए घर का काम छोड़कर केंद्र पर पहुंच गई थीं। सुबह 7 बजे से ही लाइन में लग गई थीं। घंटों लाइन में लगने पर भी डीएपी नहीं मिल सकी।