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आतिशबाजी ने घोल प्रदूषण का जहर
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उन्नाव। दिवाली की रात हुई आतिशबाजी ने पर्यावरण में प्रदूषण का जहर घोल दिया। शहर में सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड की वजह से वायु प्रदूषण की मात्रा 171 पीएम (प्रति क्यूबिक मीटर माइक्रोग्राम) पहुंच गई।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण की माप कराई। पटाखों के धुएं और शोर ने वातावरण में प्रदूषण का जहर घोल दिया। रिपोर्ट के अनुसार दिवाली से पहले वायु प्रदूषण की मात्रा 96.53 पीएम थी जबकि दिवाली पर गुरुवार रात 171.50 पीएम पहुंच गया। वहीं ध्वनि प्रदूषण 46 डेसिबिल से बढ़कर 69 पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि आतिशबाजी के चलते हवा और ध्वनि प्रदूषण बढ़ा था। अब यह कम हो रहा है।
वायु प्रदूषण का स्तर व प्रभाव (मात्रा पीएम में)
50- तक स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं
50 से 100 संतोषजनक स्थिति
101 से 200-हृदय रोगियों के लिए घातक
201 से 300-सांस लेने में तकलीफ
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण की माप कराई। पटाखों के धुएं और शोर ने वातावरण में प्रदूषण का जहर घोल दिया। रिपोर्ट के अनुसार दिवाली से पहले वायु प्रदूषण की मात्रा 96.53 पीएम थी जबकि दिवाली पर गुरुवार रात 171.50 पीएम पहुंच गया। वहीं ध्वनि प्रदूषण 46 डेसिबिल से बढ़कर 69 पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि आतिशबाजी के चलते हवा और ध्वनि प्रदूषण बढ़ा था। अब यह कम हो रहा है।
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वायु प्रदूषण का स्तर व प्रभाव (मात्रा पीएम में)
50- तक स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं
50 से 100 संतोषजनक स्थिति
101 से 200-हृदय रोगियों के लिए घातक
201 से 300-सांस लेने में तकलीफ