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गंगा का जलस्तर घटा पर लोगों की मुश्किलें कम नहीं
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गंजमुरादाबाद में छमक नाली तक पानी पहुंचने से हो रही कटान। संवाद
- फोटो : UNNAO
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शुक्लागंज। गंगा का जलस्तर मंगलवार को भी घटा पर पश्चिमी गंगाघाट के चार व कटरी क्षेत्र के तीन मोहल्लों में दिक्कतें बरकरार है। कटरी में कटान जारी है। पश्चिमी क्षेत्र के मोहल्लों में गंगा का पानी घुसा है। इससे लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार सुबह नौ बाढ़ पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर मंगलवार सुबह छह बजे 111.510 मीटर से घटकर दोपहर दो बजे 111.500 मीटर, शाम चार बजे 111.450 मीटर व छह बजे 111.440 मीटर पर पहुंच गया। सुबह से शाम तक 12 घंटे में गंगा का जलस्तर सात सेंटीमीटर घटा। जलस्तर घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली पर अलर्ट जारी है। मंगलवार सुबह तहसीलदार, नायब तहसीलदार व लेखपालों की टीम पश्चिमी गंगाघाट के मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, तेजीपुरवा पहुंची और निरीक्षण किया। गोताखोर मोहल्ले के तीन घर पानी से घिरे थे। उन्हें गंगाघाट पुलिस की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा तीन परिवार राहत शिविर न जाकर अपने रिश्तेदारों के पास चले गए।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंगलवार दोपहर बाद राजधानी मार्ग सब्जी मंडी स्थित ओम प्रकाश ज्वाला देवी इंटर कालेज में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर केंद्र पहुंचे और व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें। बाढ़ पीड़ित भूखे न रहें। साफ सफ ाई, बिजली-पानी की उचित व्यवस्था रहे।
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गंजमुरादाबाद। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर घटा है। दो दिनों में छमक नाली तक पानी पहुंच जाने से कटान हो रहा है। इससे तटवर्ती इलाके के गांवों के लोगों में चिंता है। छमक नाली में बाढ़ का पानी आ जाने से गंजमुरादाबाद के गंगा नदी के तलहटी गांव भुड्डा, रतईपुरवा, मितानपुरवा, गढ़ेवा, भगवंतपुरवा, गुल्हरिया व भिखरियापुरवा के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इससे कटान होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह क्षेत्र का जलस्तर बढ़ता रहा तो दो दिन में बाढ़ का पानी इन गांवों में प्रवेश कर सकता है। इससे मुश्किलें बढ़ सकती है। एसडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि अभी गंगा का जलस्तर इतना नहीं बढ़ा है कि कोई खतरा हो। फिलहाल प्रशासन जलस्तर को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर मंगलवार सुबह छह बजे 111.510 मीटर से घटकर दोपहर दो बजे 111.500 मीटर, शाम चार बजे 111.450 मीटर व छह बजे 111.440 मीटर पर पहुंच गया। सुबह से शाम तक 12 घंटे में गंगा का जलस्तर सात सेंटीमीटर घटा। जलस्तर घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली पर अलर्ट जारी है। मंगलवार सुबह तहसीलदार, नायब तहसीलदार व लेखपालों की टीम पश्चिमी गंगाघाट के मोहल्ला गोताखोर, कर्बला, तेजीपुरवा पहुंची और निरीक्षण किया। गोताखोर मोहल्ले के तीन घर पानी से घिरे थे। उन्हें गंगाघाट पुलिस की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके अलावा तीन परिवार राहत शिविर न जाकर अपने रिश्तेदारों के पास चले गए।
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जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंगलवार दोपहर बाद राजधानी मार्ग सब्जी मंडी स्थित ओम प्रकाश ज्वाला देवी इंटर कालेज में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर केंद्र पहुंचे और व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें। बाढ़ पीड़ित भूखे न रहें। साफ सफ ाई, बिजली-पानी की उचित व्यवस्था रहे।
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गंजमुरादाबाद। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर घटा है। दो दिनों में छमक नाली तक पानी पहुंच जाने से कटान हो रहा है। इससे तटवर्ती इलाके के गांवों के लोगों में चिंता है। छमक नाली में बाढ़ का पानी आ जाने से गंजमुरादाबाद के गंगा नदी के तलहटी गांव भुड्डा, रतईपुरवा, मितानपुरवा, गढ़ेवा, भगवंतपुरवा, गुल्हरिया व भिखरियापुरवा के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इससे कटान होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह क्षेत्र का जलस्तर बढ़ता रहा तो दो दिन में बाढ़ का पानी इन गांवों में प्रवेश कर सकता है। इससे मुश्किलें बढ़ सकती है। एसडीएम दिनेश कुमार ने बताया कि अभी गंगा का जलस्तर इतना नहीं बढ़ा है कि कोई खतरा हो। फिलहाल प्रशासन जलस्तर को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है।