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तारीख बढ़ी पर गेहूं खरीद नहीं
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उन्नाव। किसानों के विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तारीख तो बढ़ा दी लेकिन पोर्टल केवल मंडी परिसर के ही केंद्रों के खोले गए। परिणामस्वरुप मंडी परिसर के केंद्रों और बांगरमऊ में ही खरीद हुई। अन्य केंद्रों पर पोर्टल न खुलने से खरीद नहीं हो सकी। इससे किसान मायूस होकर घरों को लौटने को मजबूर हुए।
प्रदेश सरकार ने पूर्व में गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की थी। कई केंद्रों पर हंगामे के बाद शासन ने खरीद की तारीख एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी। इससे किसानों ने राहत की सांस ली थी और खरीद की उम्मीद में बुधवार सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचकर डेरा जमा लिया। इसमें बीघापुर के टेढ़ा केंद्र पर भी काफी संख्या में किसान पहुंच गए। पुरवा के तुसरौर, त्रिपुरारपुर, बेहटा भवानी, पासाखेड़ा व दरहेटा आदि केंद्रों पर पहुंचे किसानों का प्रभारी ने पोर्टल न खुलने की जानकारी दी। साधन सहकारी समिति हिलौली में बुधवार को एक बोरी गेहूं की खरीद नहीं हुई।
समिति प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि केंद्र पर 2700 क्विंटल गेहूं डंप है। कांटी केंद्र पर भी एक दाने गेहूं की खरीद नहीं हुई। सुबह तौल कराने पहुंचे किसानों को फीडिंग न होने की जानकारी दी तो वह मायूस हो गए। केंद्र प्रभारी रुचिका प्रजापति ने बताया कि मुख्यालय से पोर्टल बंद है। वह कुछ नहीं कर सकती हैं। केंद्र पर 20 से अधिक किसान पांच दिन से डेरा जमाए हुए हैं। कमोबेश यही हाल अन्य केंद्रों का भी रहा। सुबह से शाम तक किसान इसी उम्मीद में केंद्र पर बैठे रहे कि शायद अब पोर्टल चल जाए और उनकी उपज की खरीदारी हो जाए। हालांकि शाम तक केंद्र तक रुकने के बाद भी जब पोर्टल नहीं चला तो मायूस होकर घरों को लौट गए। इसके अलावा बांगरमऊ व उन्नाव मंडी परिसर में खुले केंद्रों पर सुबह से ही खरीद शुरू हो गई। यहां पर पहुंचे किसानों का गेहूं खरीदा गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि पोर्टल लखनऊ आयुक्त कार्यालय से ही संचालित होता है। बुधवार को केवल बांगरमऊ व उन्नाव मंडी परिसर में खुले केंद्रों के ही पोर्टल खोले गए। इस कारण फीडिंग होने से इन केंद्रों पर खरीद होती रही।
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प्रदेश सरकार ने पूर्व में गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की थी। कई केंद्रों पर हंगामे के बाद शासन ने खरीद की तारीख एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी। इससे किसानों ने राहत की सांस ली थी और खरीद की उम्मीद में बुधवार सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचकर डेरा जमा लिया। इसमें बीघापुर के टेढ़ा केंद्र पर भी काफी संख्या में किसान पहुंच गए। पुरवा के तुसरौर, त्रिपुरारपुर, बेहटा भवानी, पासाखेड़ा व दरहेटा आदि केंद्रों पर पहुंचे किसानों का प्रभारी ने पोर्टल न खुलने की जानकारी दी। साधन सहकारी समिति हिलौली में बुधवार को एक बोरी गेहूं की खरीद नहीं हुई।
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समिति प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि केंद्र पर 2700 क्विंटल गेहूं डंप है। कांटी केंद्र पर भी एक दाने गेहूं की खरीद नहीं हुई। सुबह तौल कराने पहुंचे किसानों को फीडिंग न होने की जानकारी दी तो वह मायूस हो गए। केंद्र प्रभारी रुचिका प्रजापति ने बताया कि मुख्यालय से पोर्टल बंद है। वह कुछ नहीं कर सकती हैं। केंद्र पर 20 से अधिक किसान पांच दिन से डेरा जमाए हुए हैं। कमोबेश यही हाल अन्य केंद्रों का भी रहा। सुबह से शाम तक किसान इसी उम्मीद में केंद्र पर बैठे रहे कि शायद अब पोर्टल चल जाए और उनकी उपज की खरीदारी हो जाए। हालांकि शाम तक केंद्र तक रुकने के बाद भी जब पोर्टल नहीं चला तो मायूस होकर घरों को लौट गए। इसके अलावा बांगरमऊ व उन्नाव मंडी परिसर में खुले केंद्रों पर सुबह से ही खरीद शुरू हो गई। यहां पर पहुंचे किसानों का गेहूं खरीदा गया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि पोर्टल लखनऊ आयुक्त कार्यालय से ही संचालित होता है। बुधवार को केवल बांगरमऊ व उन्नाव मंडी परिसर में खुले केंद्रों के ही पोर्टल खोले गए। इस कारण फीडिंग होने से इन केंद्रों पर खरीद होती रही।
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